ढीमरखेड़ाजनपद पंचायत ढीमरखेड़ा अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कोठी में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट का एक गंभीर मामला सामने आया है। पंचायत प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों की कथित सांठगांठ से धरातल पर बिना एक भी पत्थर रखे कागजों में सड़क का निर्माण पूरा कर दिया गया और 90 हजार रुपये की राशि आहरित (निकाल) ली गई। इस भ्रष्टाचार का खुलासा होने के बाद से ही क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।कागजों में सड़क तैयार, धरातल पर सन्नाटाविभाग से प्राप्त आधिकारिक जानकारी और शासकीय पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार, ग्राम पंचायत कोठी में सड़क निर्माण कार्य के लिए कुल ₹1,50,000 (एक लाख पचास हजार रुपये) की राशि स्वीकृत की गई थी। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि जिस स्थान के लिए राशि मंजूर हुई थी, वहां सड़क का नामोनिशान तक नहीं है।अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही का आलम यह है कि बिना कार्य कराए ही शासकीय राशि का आहरण कर लिया गया, जिससे स्थानीय ग्रामीणों ने पूरी व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।संचार एवं संकर्म समिति सभापति ने संभाला मोर्चासरकारी खजाने में हुई इस अनियमितता और घपलेबाजी को गंभीरता से लेते हुए जनपद पंचायत की संचार एवं संकर्म समिति की सभापति सुषमा छत्रपाल सिंह ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने 27 जुलाई 2026 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा को एक शिकायती पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।पत्र में उठाए गए मुख्य बिंदु:कार्य आईडी (Work ID): 82925141 के तहत सड़क निर्माण स्वीकृत हुआ था।राशि आहरण: निर्माण कार्य के नाम पर 20 जून 2023 को ₹90,000 की राशि आहरित कर ली गई।जमीनी स्थिति: स्वीकृत स्थल पर आज तक सड़क निर्माण का कार्य शुरू ही नहीं हुआ।निष्पक्ष जांच और एफआईआर की मांगसभापति सुषमा छत्रपाल सिंह ने अपने पत्र में मांग की है कि इस कार्य से संबंधित:कार्य की वास्तविक प्रगति स्थिति,मेजरमेंट बुक (MB),बिल-वाउचर एवं राशि के उपयोग से जुड़े तमाम अभिलेखों की सूक्ष्मता से जांच कराई जाए।उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में राशि के दुरुपयोग या वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाए और गबन की गई राशि की वसूली कर तत्काल धरातल पर सड़क का निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।
