अवैध शराब के खिलाफ सड़क पर उतरीं महिलाएं: पोड़ी खिरवा में लगाया चक्काजाम, आबकारी विभाग व प्रशासन पर उठाए सवाल
**अवैध शराब के खिलाफ सड़क पर उतरीं महिलाएं: पोड़ी खिरवा में लगाया चक्काजाम, आबकारी विभाग व प्रशासन पर उठाए सवाल****ढीमरखेड़ा।** क्षेत्र में पैर पसार चुके अवैध शराब के कारोबार और प्रशासनिक बेरुखी के खिलाफ शुक्रवार सुबह ग्रामीण महिलाओं का आक्रोश फूट पड़ा। ग्राम पोड़ी खिरवा के मुख्य मार्ग पर सैकड़ों महिलाओं ने एकजुट होकर चक्काजाम कर दिया। हाथों में बैनर-तख्तियां लिए महिलाएं “अवैध शराब बिक्री बंद करो” और “आबकारी प्रशासन होश में आओ” के तीखे नारे लगा रही थीं।अचानक हुए इस प्रदर्शन से मार्ग के दोनों ओर बसों, ट्रकों और दोपहिया वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया और माहौल तनावपूर्ण बन गया।—### **लिखित आश्वासन पर अड़ीं प्रदर्शनकारी महिलाएं**चक्काजाम की सूचना मिलते ही ढीमरखेड़ा थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, प्रदर्शनकारी महिलाएं ढीमरखेड़ा तहसील क्षेत्र से होने वाली शराब की अवैध पैकारी पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों पर कड़ी लिखित कार्रवाई का आश्वासन देने की मांग पर अड़ी रहीं।—### **विधायक की शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने पर उठे सवाल**प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का कहना है कि बड़वारा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह ने स्वयं पुलिस अधीक्षक को शराब ठेकेदार के खिलाफ लिखित शिकायत दी थी। इसके बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब जनप्रतिनिधि के पत्र पर भी कार्रवाई नहीं हो रही, तो आम जनता की सुनवाई कैसे होगी? क्षेत्र में यह चर्चा तेज है कि आबकारी विभाग की इस निष्क्रियता के कारण अवैध शराब का कारोबार लगातार फल-फूल रहा है।—### **शराब की गुणवत्ता और कम कीमत पर भी जताई चिंता**हाल ही में सागर जिले में अवैध व जहरीली शराब से हुई मौतों का हवाला देते हुए ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त किया कि इसके बाद भी आबकारी विभाग गहरी नींद में सोया हुआ है।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि:* **आधी कीमत पर बिक्री:** ढीमरखेड़ा तहसील क्षेत्र में देशी शराब को निर्धारित मूल्य से आधी कीमत पर बेचा जा रहा है।* **गुणवत्ता पर संदेह:** इतनी कम कीमत पर शराब बेचे जाने से उसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिससे किसी बड़े हादसे का अंदेशा बना हुआ है।ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक अवैध पैकारी पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया जाता और जिम्मेदार ठेकेदारों व आबकारी अमले पर कार्रवाई नहीं होती, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

