बड़वारा में शासकीय भूमि पर माफियाओं का डाका: दिन-रात चल रहा अवैध उत्खनन का काला कारोबार, जिम्मेदार अधिकारी मौन
(कटनी)।** कटनी जिले के बड़वारा तहसील अंतर्गत शासकीय भूमियों, चरनोई की ज़मीनों और प्राकृतिक पहाड़ियों पर भू-माफियाओं का अवैध कब्ज़ा और उत्खनन का काला कारोबार पूरी तरह चरम पर पहुँच चुका है। बिना किसी वैध अनुमति के भारी-भरकम जेसीबी और पोकलेन जैसी मशीनों के ज़रिए बेधड़क सरकारी जमीन का सीना छलनी किया जा रहा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस पूरे मामले की जानकारी होने के बावजूद खनिज विभाग और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी मौन साधे हुए हैं, जिससे माफियाओं के हौसले पूरी तरह बुलंद हैं।—**शासकीय संपत्ति को लाखों का चूना, प्राकृतिक संतुलन तबाह**क्षेत्र के ग्रामीणों के अनुसार, बड़वारा और आसपास के अंचलों में स्थित बेशकीमती शासकीय भूमियों से रोज़ाना सैकड़ों ट्रॉली व डंपर मिट्टी, गिट्टी और पत्थरों का अवैध दोहन किया जा रहा है। माफिया न केवल शासन को लाखों रुपये के राजस्व का चूना लगा रहे हैं, बल्कि क्षेत्र के प्राकृतिक स्वरूप से भी खिलवाड़ कर रहे हैं। पहाड़ियों को समतल किए जाने और हरे-भरे क्षेत्रों को नष्ट करने से पर्यावरण को अपूरणीय क्षति पहुँच रही है, जिसका सीधा असर स्थानीय पर्यावरण और मवेशियों के चराई वाले स्थानों पर पड़ रहा है।**ओवरलोड वाहनों से ग्रामीण सड़कें जर्जर, मंडरा रहा हादसे का खतरा**अवैध उत्खनन स्थल से सामग्री ढोने के लिए दिन-रात दौड़ रहे ओवरलोड डंपरों और भारी वाहनों की वजह से ग्रामीण अंचल की सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। सड़कों में जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं और उड़ती धूल से राहगीरों व ग्रामीणों का सांस लेना दूभर हो चुका है। तेज रफ्तार से दौड़ने वाले इन अनियंत्रित वाहनों के कारण क्षेत्र में आए दिन गंभीर हादसों की आशंका बनी रहती है, जिससे स्थानीय नागरिकों में भय और आक्रोश का माहौल है।**अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल, उठ रही सीमांकन की मांग**स्थानीय नागरिकों और समाज सेवियों का आरोप है कि तहसील कार्यालय और खनिज विभाग को समय-समय पर साक्ष्यों के साथ शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन मौके पर जाकर कोई निष्पक्ष जांच या ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। कभी-कभार दिखावे के लिए की जाने वाली आधी-अधूरी कार्रवाई के बाद माफिया फिर से सक्रिय हो जाते हैं। अधिकारियों की यह संदिग्ध खामोशी सीधे तौर पर माफियाओं को संरक्षण देने की ओर इशारा करती है।—**उग्र जन-आंदोलन की चेतावनी**क्षेत्रीय जनता ने जिला प्रशासन और खनिज विभाग से पुरजोर मांग की है कि:* प्रभावित शासकीय भूमियों का तत्काल राजस्व टीम भेजकर सीमांकन कराया जाए।* अवैध उत्खनन स्थल पर चल रही मशीनों और वाहनों को तुरंत ज़ब्त किया जाए।* सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए।ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इस अवैध कारोबार पर पूर्ण विराम नहीं लगाया, तो क्षेत्रीय नागरिक और समाज सेवी सड़कों पर उतरकर शासन-प्रशासन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।

