कटनी में ‘खाद सिंडिकेट’ पर बड़ा प्रशासनिक प्रहार: DDA ने दिए जाँच के कड़े निर्देश, जिले के सभी होलसेलरों को जारी होंगे नोटिस

गुप्ता ट्रेडिंग कंपनी’ का बड़ा खेल उजागर: अपनी ही रिटेल ID पर डंप की यूरिया की बोरियाँ, छोटे व्यापारियों को बना रहे थे मोहरादुकानों और गोदामों का होगा भौतिक सत्यापन; फर्जीवाड़े और अवैध टैगिंग पर लाइसेंस निरस्तीकरण की लटकी तलवारकटनी (विशेष प्रतिनिधि)।कटनी जिले में लंबे समय से जारी यूरिया खाद की कृत्रिम किल्लत, अवैध टैगिंग और होलसेल डीलरों की मनमानी के खिलाफ आखिरकार कृषि विभाग का हंटर चल गया है। खुदरा (रिटेल) खाद व्यापारियों द्वारा साक्ष्यों के साथ की गई शिकायत और ज्ञापन के बाद उप संचालक कृषि (DDA) कटनी ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए जिलेभर के सभी होलसेलर्स के खिलाफ जाँच के कड़े निर्देश दिए हैं। DDA ने स्पष्ट किया है कि कटनी जिले के सभी बड़े खाद होलसेलरों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे स्टॉक और आवंटन का पाई-पाई का हिसाब माँगा जाएगा

खुद की रिटेल ID में माल डंप, छोटे दुकानदारों को ‘नो स्टॉक’ का झटका जाँच के दौरान जो सबसे चौंकाने वाली कार्यप्रणाली सामने आई है, वह होलसेलरों की सोची-समझी साजिश की ओर इशारा करती है। शिकायत के अनुसार, कटनी के प्रमुख होलसेलर ‘गुप्ता ट्रेडिंग कंपनी’ ने भारी मात्रा में यूरिया का स्टॉक अपनी ही खुद की रिटेल ID पर ट्रांसफर/डंप कर रखा है।जब ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे कस्बों से आने वाले छोटे रिटेल व्यापारी यूरिया की माँग करते हैं, तो उन्हें “स्टॉक खत्म हो गया है” या “ऊपर से माल नहीं आ रहा है” कहकर साफ मना कर दिया जाता है। इस प्रकार होलसेलर अपने चहेते और बड़े खरीदारों को गुप्त तरीके से माल सप्लाई कर रहे हैं और छोटे दुकानदारों को केवल चक्कर कटवा रहे हैं।टैगिंग की आड़ में आर्थिक शोषण और भाषा का छल

रिपोर्ट के मुताबिक, होलसेल व्यापारी कागज़ों पर ‘टैगिंग’ (यूरिया के साथ अन्य बेमतलब का सामान बेचने) का शब्द इस्तेमाल करने से बचते हैं, लेकिन व्यावहारिक रूप से दुकानदारों पर भारी दबाव बनाते हैं। हाल ही में सामने आए उदाहरण में 70 बोरी यूरिया के साथ 10,000 रुपये का बेंटोनाइट सल्फर (Bentonite Sulphur) जबरन लेने की शर्त रखी गई।इसके अलावा, ₹266 की सरकारी दर पर मिलने वाली यूरिया बोरी पर भाड़ा और हमाली का खर्च मिलाकर छोटे व्यापारियों को ₹310 से ₹320 की लागत आ रही है। शासकीय नियमों के कारण वे इसे ₹266 में ही बेचने को मजबूर हैं, जिससे उन्हें प्रति बोरी ₹30 से ₹40 का सीधा घाटा सहना पड़ रहा था।

प्रशासन का सख्त रुख: गोदामों में होगी अचानक छापेमारी उप संचालक कृषि (DDA) ने आश्वस्त किया है कि:भौतिक सत्यापन (Physical Verification): गुप्ता ट्रेडिंग कंपनी (घंटाघर दुकान व गोदाम), सनत ट्रेडर्स, श्री राम बीज भंडार सहित अन्य बड़े डीलरों के गोदामों में टीम भेजकर स्टॉक की निष्पक्ष जाँच कराई जाएगी।नोटिस व लाइसेंस कार्रवाई: कागज़ों में दर्ज स्टॉक और गोदाम में मौजूद माल में अंतर पाए जाने या अवैध टैगिंग का प्रमाण मिलने पर संबंधित होलसेलर्स के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित/निरस्त किए जाएँगे।पारदर्शी आवंटन: छोटे रिटेल विक्रेताओं को उनकी आवश्यकतानुसार बिना किसी शर्त के पारदर्शी तरीके से यूरिया आवंटन सुनिश्चित किया जाएगा।

व्यापारियों और किसानों में जगी उम्मीदकृषि विभाग द्वारा दिए गए जाँच के इन कड़े निर्देशों के बाद जिले के खाद सिंडिकेट और मुनाफाखोरों में हड़कंप मच गया है। छोटे रिटेल व्यापारियों और किसान संगठनों ने इस कड़े रुख का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि जल्द ही यूरिया की कालाबाजारी पर पूर्ण विराम लगेगा।

सायरन बजाती एम्बुलेंस में मरीज नहीं, कॉलेज की लड़की! 108 ड्राइवर की यूं खुली पोल

मध्य प्रदेश के छतरपुर में आपातकालीन सेवा के रूप में जानी जाने वाली 108 एम्बुलेंस एक बार फिर विवाद के केंद्र में आ गई है। यह मामला तब प्रकाश में आया जब एक सायरन बजाते हुए एम्बुलेंस में किसी मरीज की बजाय एक कॉलेज की छात्रा पाई गई। रिपोर्टों के अनुसार, एम्बुलेंस का चालक सरकारी वाहन का उपयोग निजी काम के लिए कर रहा था और छात्रा को ले जा रहा था, जिससे प्रणाली पर गंभीर प्रश्न उठ खड़े हुए हैं। कॉलेज की लड़की के साथ पकड़े गए एम्बुलेंस चालक

यह
घटना मंगलवार को शाम के समय हुई। एक स्थानीय युवक ने एम्बुलेंस के अंदर छात्रा को देखकर संदेह किया। इसके बाद, उसने अपनी मोटरसाइकिल से एम्बुलेंस का पीछा किया और कुछ दूरी पर उसे रोक लिया। जब चालक भगत सिंह यादव से सवाल पूछे गए, तो वह चिंतित हो गया और छात्रा को अपनी बहन बताने लगा, लेकिन वह उसका नाम तक नहीं बता सका।

सोशल
मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो

इस
घटना का एक वीडियो मौके पर ही रिकॉर्ड किया गया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। वीडियो के सामने आने के बाद लोगों में गुस्सा देखने को मिल रहा है। आम लोगों का कहना है कि जब गंभीर रूप से बीमार मरीजों को समय पर एम्बुलेंस नहीं मिलती, तब इस तरह के दुरुपयोग को देखना अत्यंत चिंताजनक है। यह न केवल सेवा की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है, बल्कि आपातकालीन व्यवस्था की निगरानी पर भी गहरी चिंताएं व्यक्त करता है। एम्बुलेंस चालक को नौकरी से निकाल दिया गया

इसी प्रकार,
जिम्मेदार अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जननी बाहन यानी 108 एम्बुलेंस के चालक को तुरंत नौकरी से निकाल दिया है। इसके साथ ही, वाहन के विक्रेता को भी उसके वाहन समेत हमेशा के लिए बर्खास्त कर दिया गया है।

दोहरी नागरिकता केस में ट्विस्ट, राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर पर रोक

प्रयागराज । कांग्रेस पार्टी के नेता और लोकसभा में विपक्षी नेता राहुल गांधी के खिलाफ अभी कोई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी। उच्च न्यायालय ने अपने निर्णय पर रोक लगा दी है। दोहरी नागरिकता के मामले में उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था। शनिवार को अपने उसी आदेश पर रोक लगाते हुए सुनवाई के लिए अगली तिथि 20 अप्रैल को निर्धारित की गई है।

रायबरेली
से कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी के खिलाफ एक याचिका प्रस्तुत की गई थी। जिसमें उनके भारतीय नागरिक होने के बावजूद ब्रिटेन की नागरिकता हासिल करने का आरोप लगाया गया था। यह याचिका कर्नाटक निवासी विग्नेश शिशिर द्वारा दायर की गई थी।

विग्नेश
शिशिर ने 26 जुलाई 2025 को रायबरेली के एसपी को पत्र भेजकर एफआईआर दर्ज करने का निवेदन किया था। आरोप है कि सबूत पेश करने के बावजूद एसपी ने एफआईआर दर्ज करने से मना कर दिया। इसके विरोध में विग्नेश ने एमपीएमएलए कोर्ट रायबरेली में याचिका दाखिल की थी। 28 जनवरी को एमपीएमएलए कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ पेश की गई याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद विग्नेश ने उच्च न्यायालय में अपील की थी। कई सुनवाई तारीखों के बाद 17 अप्रैल को अदालत ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच का आदेश दिया था, लेकिन 18 अप्रैल को अपने फैसले को पूर्ववत रख लिया है।

थार की टक्कर में 5 घायल, विधायक पुत्र ने कहा सायरन बजा रहा था, लोग नहीं हटे

शिवपुरी/करैरा। टीला रोड दुर्घटना: थार वाहन की टक्कर से 5 लोग घायल, विधायक के बेटे ने कहा– “सायरन बज रहा था, लोग नहीं हटे”।करैरा थानाक्षेत्र के टीला रोड पर गुरुवार सुबह एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें पिछोर से भाजपा विधायक Pritam Singh Lodhi के बेटे दिनेश लोधी की थार कार से कई लोग चोटिल हुए। हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

टीला
रोड दुर्घटना: थार वाहन की टक्कर से 5 लोग घायल, विधायक के बेटे ने कहा– “सायरन बज रहा था, लोग नहीं हटे”

जानकारी
के मुताबिक, दिनेश लोधी सुबह लगभग 8 बजे जिम जा रहे थे। इसी समय उनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर पहले एक बाइक से टकरा गई, जिस पर तीन युवक बैठे थे। इसके बाद सड़क के किनारे चल रही एक महिला और दो युवतियां भी गाड़ी के संपर्क में आकर घायल हो गईं। घायलों की पहचान संजय परिहार, आशीष परिहार, अंशुल परिहार, सीता वर्मा और पूजा सोनी के रूप में हुई है। सभी को करैरा अस्पताल में उपचार के लिए भेजा गया, जहां उनकी चिकित्सा की गई।

पीड़ितों
की शिकायत पर पुलिस ने दिनेश लोधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 281 और 125(ए) के तहत मामला दर्ज कर के जांच शुरू कर दी है।

वायरल
वीडियो और बयान
दुर्घटना
के बाद दिनेश लोधी का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसमें वह यह दावा कर रहे हैं कि वह लगातार सायरन और हॉर्न बजाते रहे, लेकिन बाइक सवार गाड़ी को लहराते रहे, जिससे यह दुर्घटना हुई।

वहीं
कुछ स्थानीय नागरिक मौके पर यह सवाल करते हुए नजर आए कि अगर वाहन पर नियंत्रण था तो राहगीरों से टक्कर कैसे हुई।

विधायक
का बयान

विधायक
Pritam Singh Lodhi ने कहा कि अगर उनके बेटे की गलती सिद्ध होती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि “विधायक के लिए पुत्र का परिवार बड़ा नहीं होता, जनता सबसे पहले है।”

मध्यप्रदेश में नई तबादला नीति 2026 की तैयारी तेज, एक माह के लिए हट सकती है ट्रांसफर पर रोक

भोपाल। मध्यप्रदेश की सरकार जल्दी ही वर्ष 2026 के लिए एक नई ट्रांसफर नीति लागू करने का इरादा रखती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संकेतों के आधार पर सामान्य प्रशासन विभाग ने नई नीति का मसौदा बनाने का कार्य आरंभ कर दिया है। यह प्रस्तावित नीति संभवतः अप्रैल के अंत में कैबिनेट में पेश की जाएगी।

एक
महीने के लिए ट्रांसफर विंडो खुलेगी
सरकार इस बार भी
हर साल की तरह ट्रांसफर पर लगी रोक को निश्चित समय के लिए हटाने की योजना बना रही है।
प्रस्ताव
के अनुसार تقريباً एक महीने के लिए ट्रांसफरों की अनुमति दी जाएगी, जिसमें विभिन्न विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले संभव होंगे। 10 प्रतिशत की सीमा निर्धारित
बेतरतीब
ट्रांसफरों पर रोक लगाने के उद्देश्य से नई नीति में स्पष्ट व्यवस्था की जा रही है कि किसी भी विभाग में कुल ट्रांसफर उसके कैडर के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होंगे। “प्रभारी मंत्रियों की भूमिका में वृद्धि होगी
सूत्रों
के अनुसार इस बार प्रभारी मंत्रियों को एक महत्वपूर्ण भूमिका दी जा सकती है।
जिलों
में ट्रांसफरों के लिए मंत्रियों की मंजूरी अनिवार्य होगी। जिला स्तर पर राजनीतिक और प्रशासनिक समन्वय को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

कलेक्टर
स्तर से शुरू होगी प्रक्रिया
तृतीय
और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के ट्रांसफर पहले कलेक्टर स्तर पर प्रस्तावित किए जाएंगे, जिसके पश्चात विभागीय मंजूरी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

मई
से ट्रांसफरों का दौर शुरू होने की संभावना
पिछले
वर्ष कम ट्रांसफर होने के कारण कर्मचारियों में नई नीति को लेकर उत्साह बढ़ गया है। लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को इस बार राहत मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट
की स्वीकृति के तुरंत बाद मई 2026 की शुरूआत से ट्रांसफरों का सिलसिला आरंभ होने के संकेत मिल रहे हैं।

विद्यार्थियों को दिया गया जैविक खेती में पशुधन प्रबंधन एवं जैविक खाद निर्माण का तकनीकी प्रशिक्षण

कटनी – वीरांगना रानी दुर्गावती शासकीय महाविद्यालय बहोरीबंद में जैविक कृषि के जानकार रामसुख दुबे द्वारा विद्यार्थियों को जैविक खेती का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को कम लागत की विधियों में जीरो बजट फार्मिंग के बारे में बताया गया, जिसमें पशु प्रबंधन एक महत्वपूर्ण तरीका है। इसमें पशुओं को केवल दूध उत्पादन के लिए नहीं, बल्कि कृषि प्रणाली में एक आवश्यक भाग के रूप में देखा जाता है। इस प्रणाली में फसलें और पशु एक-दूसरे के पूरक होते हैं, जिससे खेत एक स्वयं-निर्भर और स्थायी पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में विकसित होते हैं।

प्रशिक्षण
के दौरान पशुधन प्रबंधन के महत्वपूर्ण सिद्धांतों के भीतर पशुओं के प्राकृतिक जीवन, उनके प्राकृतिक आहार, और स्वस्थ तथा रोगमुक्त पशुधन के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही जैविक कृषि में पशुधन के महत्व पर चर्चा करते हुए जैविक खाद के स्रोत, गोबर की खाद और गोमूत्र, ऊर्जा और श्रम का साधन, हल चलाना, परिवहन और आत्मनिर्भरता के आधार के साथ-साथ पशुधन प्रबंधन के फायदों जैसे लागत में कमी, आय का बढ़ना, वातावरण का संरक्षण और मिट्टी की सेहत के बारे में बताया गया। इसके अलावा, विद्यार्थियों को जैविक खेती में अपशिष्ट प्रबंधन, ग्रामीण और शहरी खाद निर्माण, पशु अपशिष्ट से खाद तैयार करना और खली के उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

अवैध गैस सिलेंडर भंडारण पर बड़ी कार्रवाई, 22 सिलेंडर जब्त

कटनी, अप्रैल–जिले में LPG गैस सिलेंडरों के गैरकानूनी भंडारण और ब्लैक मार्केटिंग के खिलाफ प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के आदेश पर माधवनगर क्षेत्र में अवैध गैस रिफिलिंग और जमाखोरी करने वाले सूरज बालानी के खिलाफ माधवनगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। सहायक आपूर्ति अधिकारी पियूष शुक्ला ने बताया कि 16 मार्च को खाद्य एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने माधवनगर गेट के निकट आरोपी के निवास पर छापा मारा। जांच के दौरान मकान और उससे चलने वाली दुकान से कुल 22 घरेलू गैस सिलेंडर और एक इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटा जब्त किया गया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह घरेलू सिलेंडरों का भंडारण करके उन्हें तौलकर बेचता था। जांच के दौरान 4 सिलेंडरों की सील टूटी हुई पाई गई, जिस पर आरोपी ने कहा कि वह स्वयं सील हटाकर जांच करता था। जब प्रशासन ने वैध दस्तावेज मांगे, तो आरोपी संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका। यह कार्य द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश 2000 का उल्लंघन है, जो आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धाराओं 3 और 7 के अंतर्गत दंडनीय है। कार्रवाई के दौरान 16 सिलेंडर और तौल कांटा जब्त किया गया है, जिसे सुरक्षा कारणों से अशोक गैस एजेंसी के संचालक संदीप यादव के सुपुर्द कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध भंडारण और कालाबाजारी के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

कटनी पुलिस का बड़ा एक्शन, 43 अवैध शराब विक्रेताओं पर कार्रवाई

अवैध शराब की बिक्री और उत्पादन की शिकायत करने के लिए पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया

कटनी
पुलिस का बड़ा कदम, 43 अवैध शराब विक्रेताओं के खिलाफ कार्यवाही “ऑपरेशन शिकंजा” के तहत कटनी पुलिस ने 43 अवैध शराब विक्रेताओं पर कार्रवाई की

कटनी
– जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री को प्रभावी रूप से नियंत्रित करने के लिए कटनी पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान”ऑपरेशन शिकंजा के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई है।

पुलिस
अधीक्षक श्री अभियान विश्वकर्मा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संतोष डेहरिया के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में व्यापक अभियान चलाया गया, जिसमें कुल 43 मामलों में 43 अवैध शराब विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई।
इस
कार्रवाई के दौरान, आरोपियों से लगभग 75,000/- रुपये की कीमत वाली 37 लीटर अवैध देशी/विदेशी शराब तथा 49 लीटर कच्ची शराब बरामद की गई है।
इस
कार्रवाई से जुड़े आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज किए जा रहे हैं और वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

कटनी
पुलिस आम जनता से अनुरोध करती है कि यदि किसी स्थान पर अवैध शराब का निर्माण या बिक्री की सूचना प्राप्त हो, तो कृपया तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 7587615946 पर सूचना दें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा।

बैलगाड़ी की सवारी और देशी खान-पान का लिया आनंद

मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की महत्वाकांक्षी योजना ‘ग्रामीण पर्यटन’ अब धरातल पर साकार होती दिख रही है। इसके अंतर्गत फ्रांस से आए चार विदेशी यात्रियों ने कटनी जिले के खितौली और कोनिया गांवों का दौरा किया। यहां की ग्रामीण सेटिंग और ‘होमस्टे’ की सुविधा ने विदेशी मेहमानों को इस हद तक आकर्षित किया कि उन्होंने इसे होटलों और लॉज के मुकाबले बेहतर विकल्प बताया।

विदेशी
मेहमानों का हुआ भव्य स्वागत

भारत
भ्रमण पर आए फ्रांस के नागरिक ग्वेन्डोलिन डेलेपियरे, माएल एरिक कोकॉल्ट, आर्मेल यवोन मैरी जोसेफ लेटोर्ट और यवेस थिएरी फिलिप कोकॉल्ट जब कटनी के खितौली और कोनिया गांव में पहुंचे, तो ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया। पर्यावरणविद् और मानव जीवन विकास समिति के सचिव निर्भय सिंह ने इस अवसर पर इन पर्यटकों को ग्रामीण संस्कृति से अवगत कराया।

होमस्टे
बना आकर्षण का केंद्र

पर्यटकों
ने कटनी के अलावा, उमरिया जिले के दमना और मरईकला गांवों के होमस्टे में भी समय बिताया। ग्रामीणों द्वारा तैयार किए गए इन होमस्टे को आकर्षक रंगों और स्थानीय कला से सजाया गया था।

विदेशी
मेहमानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि लॉज और होटलों की तुलना में होमस्टे में ठहरना अधिक आनंददायक है। यहां रुककर उन्हें स्थानीय परिधान, जीवनशैली और रीति-रिवाजों को करीब से जानने का अवसर मिला। पर्यटकों ने यहां के पारंपरिक व्यंजन और स्वदेशी खान-पान का भरपूर आनंद लिया।

बैलगाड़ी
की सवारी और हस्तशिल्प ने जीता दिल

भ्रमण
के दौरान विदेशी सैलानियों के लिए सबसे अविस्मरणीय अनुभव बैलगाड़ी की सवारी रही। इसके अलावा, उन्होंने ग्रामीण हस्तशिल्प जैसे बांस शिल्प, मिट्टी के कार्य और मेहंदी कला में भी गहरी रुचि दिखाई। पर्यटक गांव के आसपास के पुराने तालाबों, बांधों, प्राचीन मंदिरों और घने जंगलों का भ्रमण कर प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेते रहे।

ग्रामीण
अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

सचिव
निर्भय सिंह ने बताया कि ग्रामीण पर्यटन योजना का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को ग्रामीण संस्कृति से जोड़ना और स्थानीय निवासियों को रोजगार के अवसर प्रदान करना है। होमस्टे के विकास से गांव की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को विश्व स्तर पर पहचान मिल रही है।

एमपी में मौसम का डबल अटैक, नर्मदापुरम में 37.8 डिग्री की तपिश

मध्यप्रदेश में मौसम का मिश्रित पैटर्न बना हुआ है। मंगलवार को विभिन्न क्षेत्रों में हल्की वर्षा के साथ तापमान में कमी आई, जबकि कुछ स्थानों पर गर्मी बरकरार रही। आगामी दिनों में भी आंधी और बारिश के साथ-साथ तापमान में उतार-चढ़ाव की संभावनाएं बनी हुई हैं। मध्यप्रदेश में मौसम की स्थिति पूरी तरह से बदल गई है। एक ही दिन में प्रदेश के विभिन्न भागों में भिन्न-भिन्न मौसमी परिस्थितियाँ देखी जा रही हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) भोपाल द्वारा प्रदान किए गए हालिया आंकड़ों में तापमान, आर्द्रता और हवाओं में काफी बदलाव का संकेत मिलता है। प्रदेश में अधिकतम तापमान नर्मदापुरम में 37.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके पश्चात खजुराहो में 37 डिग्री और नरसिंहपुर में 36.8 डिग्री रहा। वहीं, पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इस प्रकार, एक ही दिन में करीब 23 डिग्री तक का तापमान का अंतर पाया गया। राजधानी भोपाल, इंदौर और नर्मदापुरम संभाग के कुछ जिलों में तापमान सामान्य से 1.8 से 2.3 डिग्री कम दर्ज किया गया। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा के जिलों में भी तापमान सामान्य की तुलना में कम रहा, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली। मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम परिवर्तनशील रहा। भोपाल, जबलपुर और शहडोल संभाग के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बूंदाबांदी देखी गई। विशेष रूप से मंडला, बालाघाट और शहडोल में बारिश के अनुक्रम में तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट आई, जिससे वहां ठंडा मौसम बना।

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