घर के बाहर गांजा बेच रही महिला गिरफ्तार

कटनी। नशामुक्ति अभियान के तहत कटनी पुलिस निरंतर अवैध नशीले पदार्थों के विक्रेताओं पर कार्यवाई कर रही है। इसी प्रयास में बड़वारा पुलिस ने एक सूचना के आधार पर ग्राम मझगवाँ में छापे मारकर एक महिला को अवैध गांजे के साथ पकड़ लिया है। आरोपी महिला अपने निवास के समक्ष गैर कानूनी तरीके से नशीले पदार्थों का व्यापार कर रही थी।
सूत्रों से प्राप्त
जानकारी के अनुसार, बड़वारा थाना पुलिस को विश्वसनीय स्त्रोतों से यह सूचना मिली थी कि ग्राम मझगवाँ में एक महिला अवैध गांजे की खेप के साथ उपस्थित है और उसे बेचने के प्रयास में है। सूचना की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए थाना प्रभारी के निर्देशों के तहत एक विशेष टीम का गठन किया गया और तत्काल ग्राम मझगवाँ की ओर भेजा गया।
जब
पुलिस टीम ने ग्राम मझगवाँ में सूचित स्थान पर छापा मारा, तो वहां 42 वर्षीय महिला पुलिस को देखकर घबरा गई। महिला की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए उसकी तलाशी ली गई, जिसमें उसके पास से 497 ग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद हुआ। जब्त किए गए गांजे की अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 6,000 रुपये आंकी जा रही है। पुलिस ने मौके पर आरोपी महिला को गिरफ्तार करते हुए जब्ती की कार्रवाई की। बड़वारा पुलिस ने आरोपी महिला के विरुद्ध NDPS एक्ट की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि महिला यह गांजा कहाँ से प्राप्त करती थी और इस अवैध व्यवसाय में उसके साथ और कौन लोग शामिल हैं।

कटनी पुलिस का बड़ा एक्शन, 43 अवैध शराब विक्रेताओं पर कार्रवाई

अवैध शराब की बिक्री और उत्पादन की शिकायत करने के लिए पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया

कटनी
पुलिस का बड़ा कदम, 43 अवैध शराब विक्रेताओं के खिलाफ कार्यवाही “ऑपरेशन शिकंजा” के तहत कटनी पुलिस ने 43 अवैध शराब विक्रेताओं पर कार्रवाई की

कटनी
– जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री को प्रभावी रूप से नियंत्रित करने के लिए कटनी पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान”ऑपरेशन शिकंजा के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई है।

पुलिस
अधीक्षक श्री अभियान विश्वकर्मा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संतोष डेहरिया के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में व्यापक अभियान चलाया गया, जिसमें कुल 43 मामलों में 43 अवैध शराब विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई।
इस
कार्रवाई के दौरान, आरोपियों से लगभग 75,000/- रुपये की कीमत वाली 37 लीटर अवैध देशी/विदेशी शराब तथा 49 लीटर कच्ची शराब बरामद की गई है।
इस
कार्रवाई से जुड़े आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज किए जा रहे हैं और वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

कटनी
पुलिस आम जनता से अनुरोध करती है कि यदि किसी स्थान पर अवैध शराब का निर्माण या बिक्री की सूचना प्राप्त हो, तो कृपया तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 7587615946 पर सूचना दें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा।

कटनी में करोड़ों का ‘IPL सट्टा’, माधवनगर के नामचीन सटोरिए गिरफ्तार

कटनी। आईपीएल के उत्साह के बीच, कटनी पुलिस ने सट्टेबाजी के अवैध कारोबार पर एक महत्वपूर्ण प्रहार किया है। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देश में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन क्लीन लिफ्ट’ के अंतर्गत, माधवनगर पुलिस ने एक अंतरराज्यीय सट्टा समूह का पर्दाफाश किया है। निस्संदेह, यह जानकर चौंकाने वाली बात है कि सट्टे का यह नेटवर्क कटनी से नहीं, बल्कि सैकड़ों किलोमीटर दूर गोवा से संचालित हो रहा था।

गोवा
से 4 और कटनी से 2 सटोरिए गिरफ्तार
पुलिस
अधीक्षक को जानकारी मिली थी कि माधवनगर के प्रमुख सटोरिए अपनी गतिविधियां गोवा में स्थानांतरित कर चुके हैं और वहां से पूरे देश में ऑनलाइन सट्टा फैला रहे हैं। एसपी ने तुरंत एक खास टीम बनाई और गोवा भेजा। टीम ने वहां छापा मारते हुए माधवनगर के चार प्रमुख सटोरियों को पकड़ने में सफलता हासिल की। इसके अलावा, कटनी में भी दो अन्य साझेदारों को गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तार
किए गए मुख्य आरोपी:
पिंका आडवानी
रोहित
बंटी
सुनील
राहुल (कटनी से गिरफ्तार) और एक अन्य सहयोगी।

करोड़ों
का लेन-देन एवं ऑनलाइन नेटवर्क
पुलिस
की प्रारंभिक जांच और जब्त किए गए दस्तावेजों से यह स्पष्ट हुआ है कि यह गिरोह कटनी के साथ-साथ कल्याण, जयपुर और गोवा जैसे शहरों में भी फैला हुआ था। आरोपियों से बरामद मोबाइल फोन और नोटबुक में करोड़ों रुपये के वित्तीय लेन-देन का रिकार्ड मिला है। इस गिरोह ने अत्याधुनिक ऐप्स और ऑनलाइन लिंक के माध्यम से आईपीएल मैचों पर सट्टेबाजी करवाई थी।

कई
‘सट्टा किंग’ हुए भूमिगत, बड़े नाम पुलिस की निगरानी में
पुलिस की
इस कार्रवाई के बाद सट्टा बाजार में खलबली मच गई है। माधवनगर क्षेत्र में सक्रिय जयपाल, रावलानी और बानवानी जैसे कई अन्य प्रमुख सटोरिए पुलिस की कार्रवाई के तत्काल बाद भूमिगत हो गए हैं। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई अभी समाप्त नहीं हुई है। जयपाल और बानवानी गैंग के सदस्य अब पुलिस की निगरानी में हैं और उनकी तलाश में छापेमारी का क्रम जारी है।

कटनी जिला चिकित्सालय की चरमराई अर्थव्यवस्था

कटनी जिला चिकित्सालय की चरमराई अर्थव्यवस्था अस्पताल में मरीजों को नहीं मिल पा रही कोई व्यवस्थाएं बच्ची का पर टूट जाने पर वह दूसरे पैसे कूदते हुए चलते हुए का वीडियो वॉयरल मरीज के लिए नहीं मिल पा रही हॉस्पिटल में व्हीलचेयर अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को हो रही परेशानी लंबी-लंबी कतारों में खड़ा होने को विवश । यह सब जहां प्रदेश में चर्चा की जाति की हमने एक क्लास हॉस्पिटल बनवाया है लेकिन धरातल पर उसका 0% भी नहीं दिखता वास्तव में चारों तरफ गंदगी का अभाव है । मरीज यहां में भटक रहे हैं मरीजों को बिस्तर नहीं मिल पा रहा है। इलाज के लिए लंबी लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है। चाहे वह कोई भी टेस्ट करने को या फिर डॉक्टर से मिलने को हो हर जगह पर लंबी-लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है ।

प्रशासन की बड़वारा के नदी घाटों पर बड़ी कार्रवाई

जिले में अवैध खनिज निकालने, परिवहन और भंडारण के खिलाफ जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर एक जिला स्तरीय टीम ने बुधवार को बड़वारा तहसील के विभिन्न नदी किनारों पर एक व्यापक अभियान चलाया, जिसमें कई अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई गई।

अनुविभागीय
अधिकारी

(राजस्व) प्रमोद चतुर्वेदी के नेतृत्व में खनिज, राजस्व, परिवहन और पुलिस विभाग के संयुक्त दल ने क्षेत्र की बसाड़ी, भदौरा, सकरीगढ़, सुड्डी और आसपास के नदी किनारों पर छापे मारकर व्यापक निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान यह पता चला कि स्थानीय स्तर पर अवैध खनन और परिवहन को आसान बनाने के लिए कई अस्थायी पहुंच मार्ग बनाए गए थे।

संयुक्त
टीम की उपस्थिति में इन सभी अवैध मार्गों को जेसीबी मशीन से पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया, ताकि खनिज माफियाओं की गतिविधियों पर तात्कालिक प्रभावी रोक लग सके। निरीक्षण के दौरान अवैध परिवहन में लिप्त एक वाहन को भी जब्त किया गया है, और उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जा रही है। प्रशासन की इस संयुक्त कार्रवाई में पुलिस, राजस्व, खनिज और परिवहन विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में खनिज संसाधनों के अवैध दोहन को किसी भी हालत में सहन नहीं किया जाएगा और ऐसे तत्वों के खिलाफ निरंतर कठोर कदम उठाए जाएंगे। इस कार्रवाई में अनुविभागीय दंडाधिकारी प्रमोद चतुर्वेदी, उपसंचालक खनिज आर. के. दीक्षित, तहसीलदार बड़वारा ऋषि गर्ग, सहायक खनिज अधिकारी पवन कुशवाहा, नायब तहसीलदार हर्षवर्धन रामटेके, उपनिरीक्षक पुलिस रामनाथ साकेत और अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।

3 बच्चों की मां ने किया गैंगस्टर पति का मर्डर

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के चकेरी पुलिस थानाक्षेत्र में एक चौंकाने वाली हत्या का पर्दाफाश किया गया है। 52 वर्षीय मशहूर अपराधी आशीष कुमार शर्मा की हत्या की मुख्य संदिग्ध और कोई नहीं, बल्कि उसकी पत्नी आरती शर्मा है, जिसने अपने प्रेमी सबलू खान (जिसे शफात भी कहते हैं) के सहयोग से यह घिनौना कृत्य किया। पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी पत्नी ने अपने पति को शराब पिलाकर उसे बेहोश किया और फिर उन दोनों ने बेहद निर्दयता से उसकी हत्या कर डाली।

प्रेमी
ने शिकार के ऊपर बैठकर उसके हाथ-पैर को पकड़ा, पत्नी ने गला घोंटा
जानकारी
के अनुसार, यह घटना 1 अप्रैल की रात को चकेरी के पीएसी मोड़ मंदिर के निकट एक किराए के घर में हुई। आरती शर्मा अपने प्रेमी सबलू खान के साथ वहाँ पहुँची। पहले आशीष कुमार शर्मा को शराब पिलाकर नशे में धुत कर दिया गया। जब वह पूरी तरह से नशे में हो गए, तब आरती ने उनके गले को दबाना शुरू किया, जबकि सबलू खान ने इनके शरीर पर बैठकर हाथ-पैर पकड़ रखे थे। इस वीभत्स कार्य को अंजाम देने में लगभग 40 मिनट लगे। हत्या के बाद दोनों संदिग्ध शव को वहीं छोड़ कर भाग निकले।

पहचान
छिपाने के लिए साड़ी पहनी
पुलिस
ने बताया कि हत्या के बाद पहचान छिपाने के लिए आरती ने योजना बनाई। नौबस्ता हाईवे के समीप झाड़ियों में छिपकर उसने पहनावे में बदलाव किया और साड़ी पहनकर हमीरपुर की ओर बढ़ गई। पुलिस ने 150 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की विस्तृत जांच के बाद पूरे मामले को उजागर किया। चकेरी से हमीरपुर तक कई स्थानों पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग ने आरती की गतिविधियों को स्पष्टता से दिखा दिया। अंत में, पुलिस ने उसे नौबस्ता चौराहे के पास रामादेवी रोड से पकड़ लिया। प्रेमी सबलू खान अब भी फरार है और उसकी तलाश में छापे मारे जा रहे हैं।

पत्नी
ने क्या कहा?
आरती
शर्मा ने पुलिस पूछताछ में अपने अपराध को स्वीकार कर लिया। उसने कहा कि आशीष शर्मा अक्सर उसके साथ हाथापाई करता था। जब वह शराब पीकर घर लौटता था, तो उसे बुरी तरह पीटता था, जिससे वह बहुत परेशान हो गई थी। आरती की मूल निवासी हमीरपुर के कालपी चौराहा क्षेत्र है। दंपति के तीन संतानें हैं, दो बेटे लवकुश और छोटू, तथा एक बेटी बेटू। उनका परिवार गांव में निवास करता था, जबकि आशीष पिछले एक वर्ष से चकेरी में राजमिस्त्री का काम कर रहा था और अकेले किराए के मकान में रह रहा था।

15 दिन पहले हत्या की साजिश बनाई थी।
घटना
के बाद आरती ने स्वीकार किया कि उसने 15 दिन पहले सबलू खान के साथ हत्या की योजना बनाई थी। सबलू हमीरपुर के गांधी नगर नई बस्ती का निवासी है। दोनों के बीच कुछ समय से अवैध संबंध थे। 1 अप्रैल को फोन पर बातचीत में झगड़ा हुआ। 2 अप्रैल को जब आशीष का फोन अनुत्तरित पाया गया, तो परिवार ने संदेह किया। पड़ोस में रहने वाले युवक दुर्गेश ने खिड़की से झांककर शव को देखा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या को सही बताया गया।

सिटी
फॉरेस्ट कांड का प्रमुख आरोपी था मृत व्यक्ति
आशीष
कुमार शर्मा एक notorious गैंगस्टर था। वह हमीरपुर के सिटी फॉरेस्ट मामले का मुख्य आरोपी था, जिसमें 16 अगस्त 2022 को एक युवती और उसके प्रेमी के साथ सामूहिक दुर्व्यवहार का एक मामला दर्ज हुआ था। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, छेड़छाड़ और मारपीट सहित चार केस दर्ज थे। एडीसीपी पूर्वी अंजलि विश्वकर्मा और चकेरी एसीपी अभिषेक कुमार पाण्डेय ने बताया कि आरती शुरू में पूछताछ में झूठ बोल रही थी, लेकिन कड़ी पूछताछ के बाद उसने पूरी सच्चाई बता दी। पुलिस अब फरार प्रेमी सबलू खान की जल्द गिरफ्तारी के लिए तैयार है और मामले की गहन छानबीन जारी है।

20 साल से बसे आशियानों पर संकट: बेघर होने की कगार पर 6 आदिवासी परिवार

20 साल से बसे आशियानों पर संकट: बेघर होने की कगार पर 6 आदिवासी परिवार, कलेक्टर से लगाई गुहार
कटनी।
कटनी जिले की बड़वारा तहसील के मझगवां गांव में पिछले 20 वर्षों से निवास कर रहे 6 आदिवासी परिवारों के सामने आज बेघर होने की चुनौती उत्पन्न हो गई है। घरों को खाली करने की दी जा रही चेतावनी से भयभीत ये परिवार की महिलाएं जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर न्याय की आस में अपनी परेशानी साझा करने आईं।

क्या
है पूरा मामला?
पीड़ित
महिलाओं का कहना है कि वे सरकारी भूमि पर कच्चे निर्माण करके पिछले 20 वर्षों से निवास कर रही हैं। सुकवरिया बाई और अन्य महिलाओं ने कहा कि वे निर्धन और बिना जमीन की हैं। इनके पास रहने के लिए यह भूमि ही एकमात्र ठिकाना है और न ही इनके पास आजीविका के लिए कृषि भूमि है।

प्रशासन
और स्थानीय अमले पर गंभीर आरोप
महिलाओं
ने स्थानीय पटवारी और कोटवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, यह कहते हुए कि उन्हें हाल के दिनों में लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्हें बताया गया है कि वे अपने घरों को स्वयं गिरा दें, अन्यथा प्रशासन का बुलडोजर उन्हें मिटा देगा। प्रशासन की ओर से दी जा रही घर खाली करने की चेतावनियों ने इन परिवारों की नींद हराम कर दी है।

कलेक्टर
से मालिकाना हक (पट्टा) की मांग
आदिवासी
महिलाओं ने जिला कलेक्टर को एक शिकायत पत्र सौंपकर मानवीय आधार पर सहायता की प्रार्थना की है। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं: उन्हें वर्षों से काबिज भूमि से न हटाया जाए। इसी स्थान पर निवास की अनुमति प्रदान की जाए और भू-स्वामित्व (पट्टा) दिया जाए। प्रशासन इस मामले में तात्कालिक कदम उठाकर उन्हें बेघर होने से रोकें।

बेघर
हुए तो खुले आसमान के नीचे आएंगे बच्चे
महिलाओं
ने भावुक होकर स्पष्ट किया कि यदि उनके घर छीन लिए गए, तो वे एवं उनके निर्दोष बच्चे इस तेज धूप और खुले आसमान में रहने के लिए विवश होंगे। फिलहाल, जिला प्रशासन ने उनकी शिकायत को दर्ज करके मामले की जांच का आश्वासन दिया है।

ईरान-अमेरिका युद्धविराम

पश्चिम एशिया में लगभग चालीस दिनों से चल रहे गंभीर संघर्ष के बीच महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धि…

अमेरिकी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के विरुद्ध ड्रोन और हवाई हमलों को दो सप्ताह के लिए रोकने का निर्णय लिया। ईरान द्वारा प्रस्तुत किए गए 10-सूत्रीय योजना के चलते दोनों देशों ने आपसी संघर्ष विराम पर सहमति व्यक्त की है।


ट्रंप
ने झुकाव दिखाया, महायुद्ध पर लगी विराम!

अमेरिका
और ईरान के बीच सीजफायर की घोषणा के साथ ही ट्रंप के इस्तीफे की मांगें अमेरिका में तेज हो गई हैं।


पश्चिम
एशिया में लगभग 40 दिनों से जारी भयंकर युद्ध के बीच एक बड़ी कूटनीतिक जीत सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ बमबारी और हमलों का अभियान दो हफ्तों के लिए रोक दिया है। पाकिस्तान की मध्यस्थता तथा ईरान के 10-सूत्रीय प्रस्ताव के कारण दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय युद्धविराम पर सहमति बना ली है। इस ढाईवाला संघर्ष विराम की एक शर्त यह है कि ईरान Strait of Hormuz को तुरंत, पूरी तरह से और सुरक्षित रूप से खोले। ईरान ने इस शर्त को स्वीकार किया है। फिर भी, दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विवेचना का काम अभी भी बाकी है। अमेरिका-ईरान सीजफायर की घोषणा ने पूरी दुनिया को चकित कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषक इसे ट्रंप का ईरान के समक्ष समर्पण मानते हैं। वहीं, अमेरिका में सीजफायर की घेराबंदी के साथ-साथ ट्रंप के इस्तीफे की मांगें जोर पकड़ने लगी हैं। ट्रंप को राष्ट्रपति पद के लिए अयोग्य करार देने का आग्रह किया जा रहा है। अमेरिकी सीनेटर क्रिस मर्फी ने इस युद्धविराम को ट्रंप का संपूर्ण आत्मसमर्पण करार दिया है। इसी बीच, ग्वेन मूरे ने सभी सदस्यों से मिलकर ट्रंप की असामान्य नीति को समाप्त करने की अपील की है। यद्यपि ट्रंप ने पहले ईरान के इस 10-सूत्रीय शांति प्रस्ताव को भ्रमित करने वाला कहा था, लेकिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर के अनुरोध पर इस प्रस्ताव को कार्यशील मानकर सैन्य गतिविधियों को रोकने का निर्णय लिया है। विशेषज्ञ इस घटना को ट्रंप के ईरान की शर्तों पर झुकाव के रूप में देख रहे हैं। वहीं, इस संघर्षविराम के परिणामस्वरूप वैश्विक बाजारों में तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे गिर गई हैं। संघर्षविराम के ऐलान करते हुए ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मैंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से चर्चा के बाद ईरान पर हमलों को दो सप्ताह के लिए निलंबित करने का निर्णय लिया है। ईरान ने Strait of Hormuz को पूरी तरह खोलने पर सहमति व्यक्त की है। यह एक दोंसार सीजफायर होगा। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने अपने सैन्य उद्देश्य हासिल कर लिए हैं और ईरान द्वारा दी गई 10-सूत्रीय योजना एक स्थायी समझौते के लिए एक प्रभावी आधार है।

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