नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर महिलाओं का जनआक्रोश

कटनी– गुरुवार को शहर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर महिलाओं का गुस्सा खुलकर प्रकट हुआ। बड़ी संख्या में महिलाओं ने “जन आक्रोश महिला सम्मेलन” में भाग लेकर इस अधिनियम के लंबित रहने पर अपनी नाराजगी व्यक्त की और सरकार से इसकी तात्कालिक स्वीकृति की मांग की। सम्मेलन के पश्चात महिलाओं ने काली पट्टी पहनकर विरोध प्रदर्शन किया और जन आक्रोश महिला पदयात्रा आयोजित करते हुए अपनी बात रखी। इस वक्त महिलाओं ने विपक्ष के खिलाफ नारे लगाते हुए अधिनियम को जल्दी लागू करने की अपील की। कार्यक्रम में महापौर प्रीति संजीव सूरी, महिला एमआईसी सदस्य, पार्षद तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सम्मिलित मातृशक्ति ने इस कार्यक्रम को प्रभावशाली बना दिया। महापौर प्रीति संजीव सूरी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को अधिकार, सम्मान और राजनीतिक भागीदारी प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि देश का समग्र विकास महिलाओं की भागीदारी के बिना संभव नहीं है, इसलिए इसे जल्द से जल्द पारित होना चाहिए। महिला प्रतिभागियों ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में समान अवसरों का एक मजबूत साधन है, लेकिन इसके लंबित रहने के कारण महिलाओं के अधिकारों पर असर पड़ रहा है। पूरे कार्यक्रम के दौरान महिलाओं की एकजुटता और गुस्सा स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। सम्मेलन और पदयात्रा के माध्यम से महिलाओं ने अपनी आवाज को उठाते हुए अधिनियम की तात्कालिक लागू करने की मांग को फिर से दोहराया।

कटनी-बीना मेमू ट्रेन में खूनी संघर्ष, अवैध वेंडरों ने यात्रियों पर किया हमला, एक घंटे तक खड़ी रही ट्रेन

कटनी। कटनी से बीना की दिशा में जा रही मेमू ट्रेन (संख्या 61620) शनिवार की शाम उस समय हंगामे का केंद्र बन गई, जब ट्रेन के अंदर अवैध विक्रेताओं और यात्रियों के बीच हिंसक झगड़ा शुरू हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि विक्रेताओं ने यात्रियों पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया और इसके साथ ही पथराव भी होने लगा। इस अफरातफरी के कारण ट्रेन बकलेहटा स्टेशन पर लगभग एक घंटे तक रुक गई।

विक्रेताओं
और यात्रियों के बीच टकराव
प्राप्त
जानकारी के अनुसार, कटनी से ट्रेन के चलने के कुछ समय बाद ही सालीया के अवैध विक्रेताओं और दमोह के यात्रियों के बीच किसी किसी मुद्दे पर बहस शुरू हुई। देखते ही देखते यह विवाद हिंसक रूप धारण कर गया। आरोप है कि विक्रेताओं ने कुछ यात्रियों पर धारदार हथियार से बार-बार हमला किया, जिससे वे घायल हो गए।

बकलेहटा
स्टेशन पर स्थिति और बिगड़ी, इंजन में घुसे युवा
लगभग
7:30 बजे जब ट्रेन रीठी थाना क्षेत्र के बकलेहटा स्टेशन पर पहुंची, तो वहां माहौल और बिगड़ गया। हमले से उत्तेजित दमोह के कुछ युवक ट्रेन से उतरे और मेमू के इंजन में घुस गए। इस कारण ट्रेन चालक को सुरक्षा कारणों से ट्रेन रोकनी पड़ी और तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित किया गया। इस दौरान स्टेशन पर दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी होने लगी, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

पुलिस
ने की कार्रवाई
जैसे ही
घटना की जानकारी मिली, रीठी थाने के प्रभारी मो. शाहिद पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस के आते ही उपद्रव कर रहे असामाजिक तत्व अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल हो गए। इस घटना में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें तुरंत डायल 112 की सहायता से रीठी अस्पताल भेजा गया। पुलिस की सुरक्षा में लगभग एक घंटे की देरी के बाद रात 8:30 बजे ट्रेन को आगे चलने दिया गया। इस घटना की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए कटनी से आरपीएफ और जीआरपी की टीमें रात में ही मौके पर पहुंच गईं। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान की जा रही है और अवैध वेंडिंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सायरन बजाती एम्बुलेंस में मरीज नहीं, कॉलेज की लड़की! 108 ड्राइवर की यूं खुली पोल

मध्य प्रदेश के छतरपुर में आपातकालीन सेवा के रूप में जानी जाने वाली 108 एम्बुलेंस एक बार फिर विवाद के केंद्र में आ गई है। यह मामला तब प्रकाश में आया जब एक सायरन बजाते हुए एम्बुलेंस में किसी मरीज की बजाय एक कॉलेज की छात्रा पाई गई। रिपोर्टों के अनुसार, एम्बुलेंस का चालक सरकारी वाहन का उपयोग निजी काम के लिए कर रहा था और छात्रा को ले जा रहा था, जिससे प्रणाली पर गंभीर प्रश्न उठ खड़े हुए हैं। कॉलेज की लड़की के साथ पकड़े गए एम्बुलेंस चालक

यह
घटना मंगलवार को शाम के समय हुई। एक स्थानीय युवक ने एम्बुलेंस के अंदर छात्रा को देखकर संदेह किया। इसके बाद, उसने अपनी मोटरसाइकिल से एम्बुलेंस का पीछा किया और कुछ दूरी पर उसे रोक लिया। जब चालक भगत सिंह यादव से सवाल पूछे गए, तो वह चिंतित हो गया और छात्रा को अपनी बहन बताने लगा, लेकिन वह उसका नाम तक नहीं बता सका।

सोशल
मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो

इस
घटना का एक वीडियो मौके पर ही रिकॉर्ड किया गया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। वीडियो के सामने आने के बाद लोगों में गुस्सा देखने को मिल रहा है। आम लोगों का कहना है कि जब गंभीर रूप से बीमार मरीजों को समय पर एम्बुलेंस नहीं मिलती, तब इस तरह के दुरुपयोग को देखना अत्यंत चिंताजनक है। यह न केवल सेवा की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है, बल्कि आपातकालीन व्यवस्था की निगरानी पर भी गहरी चिंताएं व्यक्त करता है। एम्बुलेंस चालक को नौकरी से निकाल दिया गया

इसी प्रकार,
जिम्मेदार अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जननी बाहन यानी 108 एम्बुलेंस के चालक को तुरंत नौकरी से निकाल दिया है। इसके साथ ही, वाहन के विक्रेता को भी उसके वाहन समेत हमेशा के लिए बर्खास्त कर दिया गया है।

हाईवे पर ‘अंधी हत्या’ का सनसनीखेज खुलासा: लिफ्ट मांगकर ट्रक में बैठे, शराब पी और फिर व्हील पाना से उतार दिया मौत के घाट

कटनी। स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक ट्रक चालक की खून से सनी अवस्था में मिली शव की हत्या के रहस्य को पुलिस ने सुलझा लिया है। जांच में पता चला कि चालक ने रास्ते में तीन युवाओं को लिफ्ट दी थी, जिन्होंने पहले उसके साथ बैठकर शराब का सेवन किया और फिर पैसे मांगने लगे। जब चालक ने पैसे देने से मना किया, तो आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया और व्हील पाना से पीट-पीटकर उसकी जान ले ली।
पुलिस
अधीक्षक अभिनव विश्वकर्मा के निर्देश पर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष डेहरिया के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सुदेश कुमार के नेतृत्व में बनाई गई टीम ने इस मामले का खुलासा किया।

हाईवे
पर गाड़ी में मिला था शव
पुलिस
ने बताया कि 10-11 अप्रैल की रात को डायल-112 पर सूचना मिली थी कि छपरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहन संख्या MP 20 GA 6242 में एक व्यक्ति खून में सना हुआ पड़ा है। घटनास्थल पर पहुँची पुलिस ने उसे अस्पताल पहुँचाया, जहाँ के डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृत
व्यक्ति की पहचान राकेश दाहिया (42) निवासी खितौला, सिहोरा, जबलपुर के रूप में हुई, जो पेशे से चालक था।

CCTV और तकनीकी सबूतों से हुआ खुलासा
स्लीमनाबाद
थाना पुलिस ने एफएसएल टीम के साथ घटनास्थल से सबूत जुटाए, परिवार वालों और वाहन के मालिक से पूछताछ की, साथ ही विभिन्न स्थलों से CCTV फुटेज की जांच की। इस प्रक्रिया में संदिग्धों की पहचान की गई।

22 अप्रैल को एक मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने रोहित कोल (21) निवासी ग्राम बंधी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने कहा कि उसने अपने साथी अमन चौबे उर्फ पंकज उर्फ भूत (22) और एक अन्य साथी मनोज के साथ मिलकर हत्या को अंजाम दिया। लिफ्ट देने की कीमत जान देकर चुकाई
आरोपियों
ने पुलिस को बताया कि वे चालक से लिफ्ट लेकर उसकी गाड़ी में बैठे थे। रास्ते में शराब पीते हुए पैसे मांगना शुरू कर दिया। जब चालक ने पैसे देने से मना किया, तब तीनों ने हाथ-मुक्कों और व्हील पाना से उस पर हमला किया, जिससे उसकी मृत्यु हुई।

हथियार
और मोबाइल confiscated
पुलिस
ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करके घटनास्थल पर इस्तेमाल किया गया व्हील पाना और मृतक का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। तीसरे आरोपी की तलाश जारी है।

बेक़ाबू ट्रक बना काल: लमतरा ब्रिज पर व्यक्ति की जान गई

कटनी : कुठला थाना इलाके में लमतरा पुल पर गुरुवार दोपहर एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। जानकारी के मुताबिक, इस घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और वहां लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई।

प्राप्त
विवरण के अनुसार, दुर्जनपुर (कैमोर) का निवासी विनोद विश्वकर्मा (45 वर्ष), जो फिलहाल लमतरा में रह रहे थे, 23 अप्रैल को दोपहर लगभग 12 बजे किसी काम से जा रहे थे, तभी लमतरा पुल पर एक तेज गति वाले ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भयानक थी कि विनोद विश्वकर्मा की मौके पर ही मृत्यु हो गई।

घटना
की जानकारी मिलते ही कुठला थाना की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्यवाही करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

मृतक
की पत्नी उमा विश्वकर्मा की रिपोर्ट पर पुलिस ने मर्ग क्रमांक 31/26 के तहत धारा 194 बीएनएसएस के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

इंद्रानगर कांड पर भड़का जनाक्रोश: पुलिस को 72 घंटे का अल्टीमेटम, नहीं तो सड़कों पर होगा निर्णायक संग्राम

कटनी। इंद्रानगर विवाह समारोह को लेकर अब मामला बेहद गंभीर हो गया है। शादी के आयोजन के दौरान बारातियों, महिलाओं और बच्चों पर कथित रूप से लाठीचार्ज और बर्बरता के कारण पूरे जिले में नाराजगी फैल गई है। पीड़ितों और सामाजिक संगठनों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ एक संयुक्त मोर्चा बनाते हुए 72 घंटे का अल्टीमेटम जारी कर दिया है।

उन्होंने
स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस निर्दिष्ट समय सीमा में दोषी पुलिसकर्मियों और सिविल ड्रेस में शामिल हमलावरों पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई, तो कटनी में एक बड़ा जन आंदोलन होगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी। यह आरोप लगाया गया है कि इंद्रानगर में चल रहे विवाह समारोह में पुलिस ने बिना किसी उचित कारण के छापा मारा और बारातियों पर लाठियाँ चलाईं। इस दौरान पुरूषों के साथ-साथ महिलाओं, बच्चों और वृद्धों को भी नहीं छोड़ा गया। कई लोग घायल हुए और कई को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

जिस
परिवार में खुशी का माहौल था, वहां चीखें उठने लगीं। जिले भर के लोगों के बीच यह सवाल चर्चा का विषय बन गया है कि क्या विवाह समारोह भी अब एक अपराध बन गया है?



SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की मांग
गुस्साए
नागरिकों ने इस घटना में शामिल सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तुरंत SC/ST एक्ट, मारपीट और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों के तहत कार्रवाई करने की मांग की है। इसके अलावा, सिविल ड्रेस में शामिल हमलावरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने का आग्रह भी किया गया है।

27 अप्रैल को होगा निर्णायक प्रदर्शन
ज्ञापन
में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि 26 अप्रैल तक न्याय नहीं मिलता है, तो 27 अप्रैल को दोपहर 3 बजे जिला मुख्यालय पर कड़ा धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इस आंदोलन में सामाजिक संगठनों और आम जनता की बड़ी संख्या में भागीदारी का कार्यक्रम तैयार किया गया है।

पुलिस
प्रशासन पर उठ रहे सवाल
इस
घटना के पश्चात अब पुलिस की भूमिका पर गंभीर संदेह उत्पन्न हो गए हैं। क्या दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है? क्या सिर्फ कुछ पुलिसकर्मियों को लाइन से हटाकर इस मामले को ठंडा करने की कोशिश की जा रही है? जनता जवाब चाहती है।

अब
प्रशासन पर है जिम्मेदारी
इंद्रानगर
मामला अब प्रशासन के लिए एक बड़ी परीक्षा बन चुका है। या तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, या फिर कटनी में लोग सड़कों पर उतरकर अपना गुस्सा प्रकट करेंगे।

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