कटनी जमीन घोटाला: निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया पर कसा शिकंजा, राजस्व विभाग भी जांच के दायरे में; SIT गठन की तैयारी

कटनी (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के कटनी जिले में 82 लाख रुपये मूल्य की बेशकीमती जमीन को महज कौड़ियों के दाम अपने करीबियों के नाम लिखवाने और हत्या के गंभीर आरोपी को बचाने के नाम पर करोड़ों की सौदेबाजी करने का मामला अब बड़े प्रशासनिक घोटाले में बदलता जा रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक (IG) स्तर से जांच की कमान जबलपुर एएसपी (ASP) अंजना तिवारी को सौंपी गई है। शनिवार को कटनी पहुंची एएसपी ने कन्हवारा स्थित विवादित खसरा नंबर 2618/1 का मुआयना किया, सीएसपी कार्यालय के दस्तावेज खंगाले और पूरे घटनाक्रम की कड़ी से कड़ी जोड़ी।राजस्व विभाग की भूमिका पर गहराया संदेहमामले की जांच की आंच अब केवल पुलिस विभाग तक सीमित न रहकर राजस्व विभाग तक पहुंच गई है:पीड़ित रमेश लोधी के परिवार का गंभीर आरोप: पीड़ित परिवार का दावा है कि उन्होंने नामांतरण प्रक्रिया पर समय रहते लिखित आपत्ति दर्ज कराई थी। इसके बावजूद राजस्व अधिकारियों ने भू-माफिया और आरोपियों से साठगांठ कर नियमों को ताक पर रखकर नामांतरण पास कर दिया।पटवारी व अधिकारियों पर लटकी तलवार: विवादित जमीन के नामांतरण में पटवारी से लेकर तहसीलदार स्तर के अधिकारियों की भूमिका की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है।तहसीलदार अवंतिका तिवारी का पक्ष: आरोपों के बीच तहसीलदार अवंतिका तिवारी ने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया नियमानुसार, पारदर्शी तरीके से की गई थी। इश्तहार प्रकाशन और ऑनलाइन पोर्टल पर तय सीमा तक कोई वैध आपत्ति प्राप्त न होने के बाद ही नामांतरण को अंतिम रूप दिया गया था।’शाइन पार्टनर’ और तत्कालीन TI राजेंद्र मिश्रा जांच के घेरे मेंएएसपी अंजना तिवारी की जांच का दायरा लगातार चौड़ा हो रहा है:शाइन पार्टनर कंस्ट्रक्शन का कनेक्शन: पुलिस मारूफ अहमद हनफी के साथ-साथ ‘शाइन पार्टनर कंस्ट्रक्शन’ के अन्य साझेदारों की जांच कर रही है। यह कंपनी निलंबित सीएसपी के मुख्य सहयोगी क्षितिज राज बारापात्रे से जुड़ी बताई जा रही है।तत्कालीन टीआई की भूमिका स्पष्ट: पीड़ित पक्ष द्वारा तत्कालीन थाना प्रभारी राजेंद्र मिश्रा पर लगाए गए आरोपों पर पुलिस अधिकारियों ने स्थिति साफ की। मामला एससी-एसटी (SC-ST) एक्ट से जुड़ा होने के कारण एफआईआर के अगले ही दिन तत्कालीन एसपी द्वारा केस डायरी नियमानुसार सीएसपी नेहा पच्चीसिया को ट्रांसफर कर दी गई थी।तीनों मुख्य आरोपी फरार, एसआईटी गठन की तैयारीमामले की गंभीरता और आरोपियों के रसूख को देखते हुए मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय स्तर पर विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की सुगबुगाहट तेज हो गई है।वर्तमान में निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया, उनके सहयोगी क्षितिज राज बारापात्रे और मारूफ अहमद हनफी गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहे हैं। पुलिस की कई टीमें संभावी ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और जल्द ही कड़े कानूनी प्रावधानों के तहत उनकी संपत्तियों की कुर्की और औपचारिक गिरफ्तारी के लिए एसआईटी आदेश जारी होने की संभावना है।

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