स्वाभिमान की लड़ाई में एकजुट हुआ सर्व समाज: जातिगत अपमान व धमकी देने वाले आरोपी शिवम बर्मन पर बड़वारा थाने में BNS व SC/ST Act के तहत FIR दर्ज, त्वरित गिरफ्तारी की उठी मांग
कटनी / बड़वारा:बड़वारा क्षेत्र अंतर्गत फोन के माध्यम से सार्वजनिक रूप से जातिगत अपमान करने, अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने तथा घर में जबरन घुसकर जान से मारने की खुली धमकी देने के अत्यंत गंभीर मामले में सर्व समाज का जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला है। घटना के विरोध में आज बड़वारा में सामाजिक प्रतिनिधियों एवं प्रबुद्ध जनों की एक विशाल आपात महाबैठक आयोजित की गई, जिसमें समाज के मान-सम्मान की रक्षा के लिए आर-पार का कानूनी संघर्ष छेड़ने का संकल्प लिया गया।महाबैठक संपन्न होते ही जय सूर्यवंशी और नागेंद्र अहिरवार की अगुवाई में दर्जनों प्रतिनिधि एकजुट होकर बड़वारा थाना पहुंचे और पुलिस प्रशासन के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया। इस अवसर पर मुख्य रूप से बबलू चौधरी, अरविंद सिंह, ओमकार, अमित, सिद्धार्थ, राहुल, विजय, अजय, मुकेश सहित सैकड़ों सामाजिक साथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने एकजुट होकर न्याय की मांग को ताकत दी

।इन गंभीर व गैर-जमानती धाराओं में दर्ज हुआ अपराध:मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बड़वारा थाना पुलिस ने ग्राम खरेहटा निवासी आरोपी शिवम बर्मन (पिता छोटी बर्मन) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 एवं SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर लिया है:BNS 2023: धारा 296(b), धारा 351(2)SC/ST Act: धारा 3(1)(द), धारा 3(1)(ध), धारा 3(2)(va)क्या है पूरा घटनाक्रम?प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी शिवम बर्मन द्वारा फोन कॉल के जरिए समाज के प्रतिनिधियों को निशाना बनाकर अत्यधिक भद्दी व अशोभनीय गालियां दी गईं। आरोपी ने न केवल व्यक्तिगत रूप से अपमानित किया, बल्कि समाज को नीचा दिखाने की नीयत से अपमानजनक जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। इसके साथ ही घर में घुसकर जानलेवा हमला करने की सीधी धमकी दी गई, जिससे क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द बिगड़ने का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया।प्रशासन से मांग — ‘आरोपी को अविलंब भेजा जाए जेल’:थाने पहुंचे प्रतिनिधियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समाज अपने स्वाभिमान से कोई समझौता नहीं करेगा। FIR दर्ज होने के पश्चात अब पुलिस प्रशासन आरोपी शिवम बर्मन को अविलंब गिरफ्तार कर जेल भेजे, ताकि पीड़ित पक्ष और पूरे समाज को त्वरित व निष्पक्ष न्याय मिल सके।

