सहित कटनी जिले में जर्जर सड़कों का कहर: 15 किलोमीटर लंबा मार्ग बना जानलेवा दलदल, स्कूली बच्चे और ग्रामीण परेशान**
*कटनी।** बारिश का मौसम आते ही जिले के ग्रामीण अंचलों में सड़कों की बदहाली और विकास के दावों की पोल खुलने लगी है। जिले के बहोरीबंद एवं बड़वारा क्षेत्र से जुड़ने वाले प्रमुख ग्रामीण मार्गों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि सड़कें अब चलने लायक नहीं रहीं, बल्कि गहरे कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गई हैं। इसका सबसे बुरा असर रोजाना स्कूल जाने वाले मासूम छात्र-छात्राओं, राहगीरों और मरीजों पर पड़ रहा है।सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों और जमा पानी के कारण हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।—### **15 किलोमीटर लंबा मार्ग पूरी तरह जर्जर, आवागमन ठप**प्राप्त जानकारी के अनुसार कुआं, राखी, जोजावल, महाराजपुर, पड़वार और स्लीमनाबाद सहित आसपास के दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला लगभग 15 किलोमीटर लंबा यह मुख्य मार्ग बेहद दयनीय स्थिति में है।* **दलदल में तब्दील हुई सड़क:** लगातार हो रही बारिश से सड़क पर घुटनों तक कीचड़ जम गया है, जिससे दोपहिया और पैदल चलना भी दूभर हो गया है।* **छात्र-छात्राएं सबसे ज्यादा प्रभावित:** क्षेत्र के दर्जनों गांवों से रोजाना स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे कई बार वे हादसों का शिकार हो जाते हैं।* **वर्षों से लंबित है निर्माण:** ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की इस बदहाली के बारे में लोक निर्माण विभाग (PWD) और जिम्मेदार अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन सालों बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।—### **ग्रामीणों का आरोप: कागजों में सिमटा विकास**क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह सड़क क्षेत्र में प्रशासनिक लापरवाही और विकास के दावों की जमीनी हकीकत बयान कर रही है। बारिश के दिनों में गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से एक तरह से कट जाता है। यदि कोई आपातकालीन स्थिति या मेडिकल इमरजेंसी आ जाए, तो एम्बुलेंस तक का गांव में प्रवेश करना असंभव हो जाता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क का पक्का निर्माण शुरू नहीं कराया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।—### **प्रशासन और विभाग का पक्ष**मामले में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने स्थिति पर सफाई दी है।> **”सड़क पर जेसीबी मशीन लगाकर अस्थाई रूप से कीचड़ हटवाया गया है ताकि आवागमन बहाल हो सके। दरअसल, यह मार्ग निजी भूमि से संबंधित है और अभी तक पूरी तरह से विभाग को हस्तांतरित नहीं हुआ है। आसपास के कुछ किसान सड़क निर्माण का कार्य रुकवा रहे हैं और भूमि विवाद के कारण पक्का निर्माण नहीं हो पा रहा है। जल्द ही समस्या का समाधान निकालकर निर्माण कराया जाएगा।”**> — **आर. के. बत्रा**, अनुविभागीय अधिकारी (SDO), लोक निर्माण विभाग (PWD)

