कटनी जिले में धान की फसल पर मंडराया संकट: भूरा माहू (BPH) और ब्लास्ट रोग का प्रकोप, किसानों ने की सर्वे और मार्गदर्शन की मांग

।** कटनी जिले की सभी तहसीलों (कटनी, बड़वारा, बहोरीबंद, रीठी, विजयराघवगढ़, ढीमरखेड़ा आदि) में इन दिनों धान की फसल खेतों में लहलहा रही है, लेकिन इसी बीच कीट और रोगों के बढ़ते प्रकोप ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। जिले के कई ग्रामीण अंचलों में धान की फसल में **भूरा माहू (ब्राउन प्लांट हॉपर / BPH)** और **ब्लास्ट (झुलसा) रोग** के शुरुआती लक्षण दिखाई देने लगे हैं। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते रोग एवं कीटों की रोकथाम नहीं की गई, तो उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है।—### **फसल को पहुंच रहा नुकसान, बढ़ी आर्थिक चिंता*** **पौधों का रस चूस रहा भूरा माहू:** भूरा माहू कीट पौधों की जड़ों और तनों के पास जमा होकर रस चूस रहा है, जिससे फसल पीली पड़कर सूखने लगती है।* **ब्लास्ट रोग का कहर:** ब्लास्ट रोग के कारण पत्तियों पर नाव के आकार के धब्बे और तनों पर काले-भूरे निशान बन रहे हैं, जिससे पौधों का विकास रुक गया है।* **लागत डूबने का डर:** खाद, बीज, जुताई और सिंचाई पर भारी खर्च करने के बाद अब कीटनाशकों का अतिरिक्त आर्थिक बोझ किसानों को सता रहा है।—### **भूरा माहू (BPH) और ब्लास्ट रोग के नियंत्रण के लिए अनुशंसित दवाएं**कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, किसान भाई अपनी धान की फसल को बचाने के लिए निम्नलिखित अनुशंसित दवाओं का छिड़काव कर सकते हैं:#### **1. भूरा माहू (BPH / Brown Plant Hopper) के लिए:*** **ट्राइफ्लुमेज़ोपायरिम 10% SC (Triflumezopyrim 10% SC – जैसे Pexalon):** लगभग 94 मि.ली. प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें।* **पाइमेट्रोज़िन 50% WG (Pymetrozine 50% WG – जैसे Chess / BPH Super):** लगभग 120-150 ग्राम प्रति एकड़ छिड़काव करें।* **डाइनोटफ्यूरान 20% SG (Dinotefuran 20% SG – जैसे Osheen / Token):** लगभग 60-80 ग्राम प्रति एकड़ छिड़काव करें।#### **2. ब्लास्ट (झुलसा) रोग के लिए:*** **ट्राइसाइक्लाज़ोल 75% WP (Tricyclazole 75% WP):** 120 ग्राम प्रति एकड़ या **अज़ोक्सीस्ट्रोबिन + टेबुकोनाज़ोल (Azoxystrobin + Tebuconazole):** 200 मि.ली. प्रति एकड़ की दर से पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।> **विशेष सलाह:** छिड़काव करते समय पानी का बहाव पौधों के निचले हिस्से (जड़ों एवं तनों के पास) तक जरूर पहुंचाएं, क्योंकि भूरा माहू कीट वहीं छिपा रहता है। किसी भी कीटनाशक का उपयोग करने से पहले स्थानीय कृषि अधिकारी या कृषि केंद्र से सलाह अवश्य लें।—### **कृषि विभाग के मैदानी अमले से निरीक्षण की मांग**कटनी जिले भर के किसानों ने कृषि विभाग के अधिकारियों एवं मैदानी अमले से गांव-गांव पहुंचकर प्रभावित खेतों का सर्वे करने की मांग की है। ग्रामीणों ने आग्रह किया है कि:1. **तकनीकी सलाह उपलब्ध हो:** किसानों को बीमारी की सही पहचान और अनुशंसित दवाओं की सही मात्रा का मार्गदर्शन दिया जाए।2. **सघन सर्वे हो:** जिन तहसीलों में प्रकोप अधिक है, वहां तुरंत तकनीकी सहायता दल भेजा जाए।3. **बाजार में गुणवत्ता की जांच हो:** कीटनाशक दुकानों पर मिलने वाली दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।अब देखने वाली बात यह होगी कि कृषि विभाग किसानों की इस गंभीर समस्या को कितनी प्राथमिकता देता है और प्रभावित क्षेत्रों में फसल सुरक्षा के लिए मैदानी अमला कब तक पहुंचता है।

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