बड़वारा में अवैध शराब की बिक्री और पैकारी पर उठे सवाल, युवा पीढ़ी के भविष्य को लेकर ग्रामीण चिंतित
****बड़वारा।** तहसील क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री और पैकारी को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। कस्बाई इलाकों से लेकर विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों तक शराब की अवैध उपलब्धता की शिकायतों के बीच सबसे बड़ी चिंता युवा पीढ़ी को लेकर सामने आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शराब आसानी से उपलब्ध होती रही, तो इसका सीधा असर युवाओं और किशोरों के भविष्य पर पड़ सकता है।क्षेत्रवासियों के अनुसार कई स्थानों पर निर्धारित लाइसेंस दुकानों के अलावा भी अवैध रूप से शराब उपलब्ध होने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जो आबकारी नियमों की गंभीर अनदेखी को दर्शाती है। ग्रामीणों का मानना है कि प्रभावी कार्रवाई न होने से अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के हौसले बुलंद हो रहे हैं।—### **युवाओं और समाज पर पड़ रहा प्रतिकूल प्रभाव**नशीले पदार्थों की बढ़ती उपलब्धता को लेकर अभिभावक बेहद चिंतित हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि:* **भविष्य पर संकट:** कम उम्र में नशे की लत से युवाओं की पढ़ाई, रोजगार और स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।* **सामाजिक व आर्थिक तनाव:** नशे की प्रवृत्ति बढ़ने से परिवारों में आर्थिक तंगी और घरेलू विवाद की स्थितियां निर्मित हो रही हैं।* **जागरूकता की दरकार:** ग्रामीणों ने मांग की है कि केवल शिकायत मिलने पर औपचारिकता निभाने के बजाय संवेदनशील इलाकों में नियमित निगरानी रखी जाए और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाएं।—### **पुलिस और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल**अवैध शराब के निर्बाध कारोबार को लेकर पुलिस और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली भी कटघरे में है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा की जाने वाली कार्रवाई सार्वजनिक रूप से स्पष्ट होनी चाहिए ताकि पारदर्शी संदेश जाए।लोगों की मांग है कि:1. जिन भी क्षेत्रों में अवैध बिक्री की शिकायतें हैं, वहां पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम बनाकर सघन जांच अभियान चलाया जाए।2. अवैध पैकारी की पुष्टि होने पर दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए।3. कार्रवाई के बाद यह भी सुनिश्चित किया जाए कि स्थानों पर दोबारा यह अवैध धंधा शुरू न हो पाए।—### **प्रशासन से त्वरित व प्रभावी कार्रवाई की मांग**क्षेत्रवासियों का स्पष्ट कहना है कि अवैध पैकारी सिर्फ कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सुरक्षा और नई पीढ़ी के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। ग्रामीणों ने बड़वारा तहसील क्षेत्र में विशेष जांच अभियान चलाने, संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।अब देखना यह होगा कि उठ रहे इन गंभीर सवालों पर पुलिस और आबकारी विभाग क्या ठोस कदम उठाता है और बड़वारा क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार पर कब तक प्रभावी अंकुश लग पाता है।

