एसडीएम, बीईओ और बीआरसी ने संयुक्त रूप से किया निरीक्षण, अभिलेखों में मिलीं भारी अनियमितताएं।छात्राओं के आरोप: महीनों से बंद हैं रोटियां, गर्मी में पंखा चलाने पर पाबंदी; अधीक्षक पर लगा मानसिक उत्पीड़न का आरोप।प्रशासनिक अधिकारियों ने सख्त कार्रवाई के दिए संकेत, उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही रिपोर्ट।ढीमरखेड़ा। शासकीय वीरांगना रानी दुर्गावती अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास, ढीमरखेड़ा में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) निधि गोहल, विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) अभय जैन और बीआरसी प्रेम कोरी ने संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छात्रावास की बदहाली और अधीक्षक की मनमानी से परेशान छात्राओं का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने अधिकारियों के समक्ष अपनी आपबीती सुनाई।गुणवत्ताहीन भोजन और सुविधाओं का घोर अभाव छात्राओं ने अधिकारियों को बताया कि छात्रावास में निर्धारित मेन्यू का पालन बिल्कुल नहीं किया जा रहा है। पिछले कई महीनों से रोटियां पूरी तरह बंद हैं और भोजन के नाम पर दोनों समय केवल चावल और पानी जैसी पतली सब्जी दी जाती है। जब छात्राओं ने रोटियों की मांग की, तो अधीक्षक द्वारा “रोटी खानी है तो खुद बनाओ” कहकर उन्हें टाल दिया गया। नाश्ते में भी केवल मुरमुरा देकर औपचारिकता पूरी की जा रही है।इसके अलावा, भीषण गर्मी के बावजूद छात्राओं को कमरे में पंखा चलाने की अनुमति नहीं दी जाती, जिससे उनकी पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। दूसरी ओर, अधीक्षक स्वयं अपने कक्ष में एसी (AC) का उपयोग करती हैं।छात्राओं से मजदूरी और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोपछात्राओं ने आरोप लगाया कि छात्रावास परिसर में नियमित रूप से झाड़ू-पोछा और अन्य घरेलू कार्य उन्हीं से कराए जाते हैं। विरोध करने या शिकायत करने पर उन्हें छात्रावास से बाहर निकालने की धमकी दी जाती है। छात्राओं का कहना है कि पूर्व में भी कई नियमित छात्राओं को बिना किसी ठोस कारण के निष्कासित कर दिया गया था, जिससे छात्रावास में डर का माहौल बना हुआ है।जांच में खुली पोल, प्रशासनिक कार्रवाई तय संयुक्त निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने छात्रावास के अभिलेखों की सूक्ष्मता से जांच की और भोजन की गुणवत्ता का भौतिक सत्यापन किया। सूत्रों के अनुसार, मौके पर कई गंभीर अनियमितताएं और अव्यवस्थाएं उजागर हुईं, जिस पर अधिकारियों ने सख्त नाराजगी व्यक्त की।प्रशासन का रुख अधिकारियों ने छात्राओं की सभी शिकायतों को गंभीरता से दर्ज कर लिया है। मौके पर पाई गई अनियमितताओं के आधार पर संबंधित अधीक्षक के विरुद्ध कड़े प्रशासनिक कदम उठाने के संकेत दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है, ताकि नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सके।वहीं, छात्राओं ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें अविलंब गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल, बिजली-पंखा और अध्ययन के लिए एक सुरक्षित तथा सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
