सायरन बजाती एम्बुलेंस में मरीज नहीं, कॉलेज की लड़की! 108 ड्राइवर की यूं खुली पोल

मध्य प्रदेश के छतरपुर में आपातकालीन सेवा के रूप में जानी जाने वाली 108 एम्बुलेंस एक बार फिर विवाद के केंद्र में आ गई है। यह मामला तब प्रकाश में आया जब एक सायरन बजाते हुए एम्बुलेंस में किसी मरीज की बजाय एक कॉलेज की छात्रा पाई गई। रिपोर्टों के अनुसार, एम्बुलेंस का चालक सरकारी वाहन का उपयोग निजी काम के लिए कर रहा था और छात्रा को ले जा रहा था, जिससे प्रणाली पर गंभीर प्रश्न उठ खड़े हुए हैं। कॉलेज की लड़की के साथ पकड़े गए एम्बुलेंस चालक

यह
घटना मंगलवार को शाम के समय हुई। एक स्थानीय युवक ने एम्बुलेंस के अंदर छात्रा को देखकर संदेह किया। इसके बाद, उसने अपनी मोटरसाइकिल से एम्बुलेंस का पीछा किया और कुछ दूरी पर उसे रोक लिया। जब चालक भगत सिंह यादव से सवाल पूछे गए, तो वह चिंतित हो गया और छात्रा को अपनी बहन बताने लगा, लेकिन वह उसका नाम तक नहीं बता सका।

सोशल
मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो

इस
घटना का एक वीडियो मौके पर ही रिकॉर्ड किया गया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। वीडियो के सामने आने के बाद लोगों में गुस्सा देखने को मिल रहा है। आम लोगों का कहना है कि जब गंभीर रूप से बीमार मरीजों को समय पर एम्बुलेंस नहीं मिलती, तब इस तरह के दुरुपयोग को देखना अत्यंत चिंताजनक है। यह न केवल सेवा की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है, बल्कि आपातकालीन व्यवस्था की निगरानी पर भी गहरी चिंताएं व्यक्त करता है। एम्बुलेंस चालक को नौकरी से निकाल दिया गया

इसी प्रकार,
जिम्मेदार अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जननी बाहन यानी 108 एम्बुलेंस के चालक को तुरंत नौकरी से निकाल दिया है। इसके साथ ही, वाहन के विक्रेता को भी उसके वाहन समेत हमेशा के लिए बर्खास्त कर दिया गया है।

हाईवे पर ‘अंधी हत्या’ का सनसनीखेज खुलासा: लिफ्ट मांगकर ट्रक में बैठे, शराब पी और फिर व्हील पाना से उतार दिया मौत के घाट

कटनी। स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक ट्रक चालक की खून से सनी अवस्था में मिली शव की हत्या के रहस्य को पुलिस ने सुलझा लिया है। जांच में पता चला कि चालक ने रास्ते में तीन युवाओं को लिफ्ट दी थी, जिन्होंने पहले उसके साथ बैठकर शराब का सेवन किया और फिर पैसे मांगने लगे। जब चालक ने पैसे देने से मना किया, तो आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया और व्हील पाना से पीट-पीटकर उसकी जान ले ली।
पुलिस
अधीक्षक अभिनव विश्वकर्मा के निर्देश पर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष डेहरिया के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सुदेश कुमार के नेतृत्व में बनाई गई टीम ने इस मामले का खुलासा किया।

हाईवे
पर गाड़ी में मिला था शव
पुलिस
ने बताया कि 10-11 अप्रैल की रात को डायल-112 पर सूचना मिली थी कि छपरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहन संख्या MP 20 GA 6242 में एक व्यक्ति खून में सना हुआ पड़ा है। घटनास्थल पर पहुँची पुलिस ने उसे अस्पताल पहुँचाया, जहाँ के डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृत
व्यक्ति की पहचान राकेश दाहिया (42) निवासी खितौला, सिहोरा, जबलपुर के रूप में हुई, जो पेशे से चालक था।

CCTV और तकनीकी सबूतों से हुआ खुलासा
स्लीमनाबाद
थाना पुलिस ने एफएसएल टीम के साथ घटनास्थल से सबूत जुटाए, परिवार वालों और वाहन के मालिक से पूछताछ की, साथ ही विभिन्न स्थलों से CCTV फुटेज की जांच की। इस प्रक्रिया में संदिग्धों की पहचान की गई।

22 अप्रैल को एक मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने रोहित कोल (21) निवासी ग्राम बंधी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने कहा कि उसने अपने साथी अमन चौबे उर्फ पंकज उर्फ भूत (22) और एक अन्य साथी मनोज के साथ मिलकर हत्या को अंजाम दिया। लिफ्ट देने की कीमत जान देकर चुकाई
आरोपियों
ने पुलिस को बताया कि वे चालक से लिफ्ट लेकर उसकी गाड़ी में बैठे थे। रास्ते में शराब पीते हुए पैसे मांगना शुरू कर दिया। जब चालक ने पैसे देने से मना किया, तब तीनों ने हाथ-मुक्कों और व्हील पाना से उस पर हमला किया, जिससे उसकी मृत्यु हुई।

हथियार
और मोबाइल confiscated
पुलिस
ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करके घटनास्थल पर इस्तेमाल किया गया व्हील पाना और मृतक का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। तीसरे आरोपी की तलाश जारी है।

बेक़ाबू ट्रक बना काल: लमतरा ब्रिज पर व्यक्ति की जान गई

कटनी : कुठला थाना इलाके में लमतरा पुल पर गुरुवार दोपहर एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। जानकारी के मुताबिक, इस घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और वहां लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई।

प्राप्त
विवरण के अनुसार, दुर्जनपुर (कैमोर) का निवासी विनोद विश्वकर्मा (45 वर्ष), जो फिलहाल लमतरा में रह रहे थे, 23 अप्रैल को दोपहर लगभग 12 बजे किसी काम से जा रहे थे, तभी लमतरा पुल पर एक तेज गति वाले ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भयानक थी कि विनोद विश्वकर्मा की मौके पर ही मृत्यु हो गई।

घटना
की जानकारी मिलते ही कुठला थाना की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्यवाही करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

मृतक
की पत्नी उमा विश्वकर्मा की रिपोर्ट पर पुलिस ने मर्ग क्रमांक 31/26 के तहत धारा 194 बीएनएसएस के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

राहुल भैया ने कार्यकर्ताओं को दिया ‘संगठन मजबूती’ का मंत्र

कटनी। राजनीतिक चुनौतियों और चुनावी तैयारी को ध्यान में रखते हुए, आज कटनी पहुंचे प्रमुख कांग्रेस नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ‘राहुल भैया’ ने संगठन की मजबूती पर जोर दिया। आस्था प्लाजा में स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित बैठक पूरी तरह से पार्टी की आंतरिक संरचना को सुदृढ़ करने और कार्यकर्ताओं में नई प्रेरणा डालने पर केंद्रित थी।

बूथ
स्तर पर संगठन को सक्रिय बनाने पर चर्चा
बैठक
में अजय सिंह ने बताया कि किसी भी पार्टी की वास्तविक ताकत उसके स्थानीय कार्यकर्ता होते हैं। उन्होंने जिला और शहर इकाई के अधिकारियों के साथ बातचीत करते हुए कहा कि भविष्य में पार्टी को हर स्तर पर सक्रिय होना आवश्यक है। इस बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर विचार विमर्श किया गया:
संगठनात्मक क्रियाकलाप: वार्ड और ग्राम स्तर पर समितियों का पुनर्गठन और उनकी गतिविधियों की समीक्षा की गई।
रणनीतिक योजना: भविष्य के राजनीतिक कार्यक्रमों को लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना बनाई गई।
कार्यकर्ता संवाद: वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि अनुभव और युवा ऊर्जा के समन्वय से ही संगठन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया जा सकता है।

चाका
बायपास पर एकजुटता का संकेत
इससे
पहले, कटनी पहुंचने पर चाका बायपास पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व विधायक सौरभ सिंह तथा शहर अध्यक्ष अमित शुक्ला के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राहुल भैया का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस स्वागत समारोह को संगठन की एकता का प्रतीक माना जा रहा है।

वरिष्ठ
नेताओं का अनुभव और नई रणनीति
बैठक
के बाद, अजय सिंह ने जिले के पुरानी और वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के घर जाकर उनसे मुलाकात की। पार्टी के अधिकारियों के अनुसार, वरिष्ठों के दिशा निर्देश में संगठन को सशक्त बनाने की यह योजना भविष्य में बहुत महत्वपूर्ण साबित होगी। इस दौरान जिले के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में सक्रिय कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।

कटनी पुलिस की ‘शैडो एरिया’ पर पैनी नजर: SP और ASP ने खुद संभाली कमान, सघन चेकिंग से अपराधियों में हड़कंप

कटनी | जिले में अपराधों को रोकने और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कटनी पुलिस अब ‘एक्शन मोड’ में सक्रिय दिख रही है। पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा की अगुवाई में, जिले के पहचाने गए ‘शैडो एरिया’ (अपराध-प्रवण और एकांत स्थान) पर एक विशेष निगरानी अभियान की शुरुआत की गई है। सोमवार को, एसपी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) डॉ. संतोष डेहरिया ने सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के लिए अचानक दौरा किया।

उच्च
अधिकारी मैदान में
पुलिस
अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा ने कुठला थाना क्षेत्र के संवेदनशील स्थानों जैसे चमड़ा गोदाम, इंदिरा नगर, पन्नी कॉलोनी, ट्रांसपोर्ट नगर और लमतड़ा ओवर ब्रिज सहित कई ‘शैडो एरिया’ का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मैदान पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज न किया जाए।
इसके
अलावा, एएसपी डॉ. संतोष डेहरिया ने माधव नगर क्षेत्र में स्थित अमकुही पहाड़ी, एसीसी, बंगला लाइन और अमीरगंज जैसे इलाकों में गश्ती दल को सतर्क रहने का आदेश दिया।

वाहनों
पर चला शिकंजा: ₹22,900 का वसूला गया जुर्माना
चेकिंग
अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई।
कुल
चेकिंग: 125 से अधिक वाहनों की गहन तलाशी की गई।
चालानी
कार्यवाही: हेलमेट नहीं पहनने, तीन सवारियों और नशे में गाड़ी चलाने वाले 42 वाहनों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।
जुर्माना:
सभी उल्लंघनकर्ताओं से कुल 22,900 रुपये का जुर्माना वसूला गया।

अवैध
गतिविधियों पर पुलिस का ‘सर्जिकल’ कार्रवाई
थाना
प्रभारी कुठला राजेंद्र मिश्रा और माधव नगर थाना प्रभारी संजय दुबे की अगुवाई में पुलिस की टीमों ने होटलों, लॉज और संदिग्ध ठिकानों की व्यापक जांच की। पुलिस का उद्देश्य अपराधियों के बीच भय पैदा करना और आम जनता को सुरक्षित वातावरण मुहैया कराना है।

स्वच्छता ​स्वच्छ सर्वेक्षण में अव्वल आने को कटनी निगम ने कसी कमर, दो शिफ्टों में हो रही सफाई

कटनी। स्वच्छ सर्वेक्षण के अंतर्गत शहर की रैंकिंग को सुधारने के लिए नगर पालिक निगम कटनी ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। निगम प्रशासन अब शहर की सफाई को सुनिश्चित करने के लिए दो पालियों में कार्य कर रहा है।
सड़कों
पर धूल की मात्रा कम करने के लिए रोड स्वीपिंग मशीन का प्रयोग किया जा रहा है, इसके साथ ही नोडल अधिकारी हर दिन सुबह वार्डों का आकस्मिक निरीक्षण कर रहे हैं। सोमवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय वार्ड में विशेष जागरूकता अभियान के माध्यम से नागरिकों को सूखी और गीली कचरे को अलग करने की जानकारी प्रदान की गई।
नियम
उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई: निगम ने सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ अभियान चलाकर 4400 रुपये का स्पॉट फाइन वसूला है। इसके साथ ही जन स्वास्थ्य की देखभाल के लिए शाम के समय फॉगिंग और सुबह कीटनाशकों का छिड़काव किया जा रहा है। यातायात को सुचारू बनाने के लिए घुमंतू मवेशियों को पकड़ने का अभियान भी निरंतर जारी है।

जल
बर्बादी पर निगम की कड़ी नजर; अभियान के तहत अब तक 434 पाइपलाइन लीक को ठीक किया गया
कटनी।
‘जल संरक्षण और संवर्धन अभियान’ के तहत नगर निगम कटनी शहर में हर बूंद पानी की बचत के लिए सख्त कदम उठा रहा है। 19 मार्च से आरंभ हुए इस विशेष अभियान के अंतर्गत निगम की टीमों ने अब तक शहर के विभिन्न स्थानों पर 434 लीक को चिन्हित करके उन्हें ठीक किया है।
कार्यपालन
यंत्री श्री सुधीर मिश्रा ने बताया कि विशेष टीमें वार्डों में सक्रिय हैं जो क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की पहचान कर तात्कालिक मरम्मत कर रही हैं। निगम ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे जल अपव्यय की जानकारी शीघ्र कार्यालय को दें, जिससे तुरंत कार्रवाई की जा सके।

पालतू
पशुओं का पंजीकरण
सावधान!
यदि बिना पंजीकरण पालतू कुत्ता रखा तो जुर्माना होगा, निगम ने प्रक्रिया शुरू की
कटनी।
नगर पालिक निगम अधिनियम के तहत कटनी शहर में पालतू कुत्तों का पंजीकरण अब अनिवार्य कर दिया गया है। अब तक शहर के 18 कुत्ता मालिकों ने अपना पंजीकरण करा लिया है।
स्वास्थ्य
अधिकारी श्री संजय सोनी ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य रेबीज जैसी बीमारियों की रोकथाम करना और जन सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।
पंजीकरण
की प्रक्रिया: आवेदन पत्र स्वास्थ्य विभाग (कमरा क्रमांक 66) या वार्ड दरोगा से प्राप्त किया जा सकता है।
शुल्क:
वार्षिक शुल्क केवल 150 रुपये है।
आवश्यक
दस्तावेज: कुत्ते का चित्र, टीकाकरण कार्ड और निवास प्रमाण पत्र।
निगम
ने स्पष्ट किया है कि बिना पंजीकरण कुत्ता रखने वालों पर नियमों के अनुरूप जुर्माना लगाया जाएगा।

जनगणना
प्रशिक्षण
जनगणना
2027: कटनी में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के लिए मकान सूचीकरण का प्रशिक्षण दिया गया
कटनी।
भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित जनगणना 2027 की तैयारी के लिए कटनी में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। सोमवार को नालंदा कॉमर्स कॉलेज में दूसरे दिन का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस
सत्र में जोन नंबर 2 (वार्ड 16 से 30) के 188 कर्मचारियों को मास्टर ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। राजस्व अधिकारी श्री जागेश्वर प्रसाद पाठक ने कहा कि कर्मचारियों को घरों की नंबरिंग, निर्माण सामग्री का विवरण और परिवार के सदस्यों की जानकारी इकट्ठा करने की तकनीकी विधियाँ सिखाई गईं। इस समय आत्म-गणना संदर्भ आईडी के उपयोग पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।

संगठन सृजन अभियान की समीक्षा में कई दिग्गज फेल, दर्जनभर जिलाध्यक्ष बदलने की तैयारी

भोपाल, / मध्यप्रदेश में कांग्रेस के संगठनात्मक सृजन अभियान के तहत नियुक्त जिलाध्यक्षों के कार्यों की जांच के बाद पार्टी में बड़े बदलावों के संकेत मिल रहे हैं। पार्टी के सूत्रों के अनुसार कई जिलाध्यक्ष अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में असफल रहे हैं, जिसके कारण लगभग एक दर्जन जिलाध्यक्षों को बदलने की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है।

सूत्रों
से जानकारी मिली है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा स्थापित संगठन सृजन अभियान के तहत प्रदेश में नई नियुक्तियाँ की गई थी। अब अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा मध्यप्रदेश के लिए भेजे गए पर्यवेक्षक वामसी रेड्डी ने जिलाध्यक्षों की गतिविधियों की गहन समीक्षा की है।

रिपोर्ट
में लगभग 12 जिलाध्यक्षों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया है। यह रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी के माध्यम से राष्ट्रीय नेतृत्व के पास भेजी जाएगी। उच्चाधिकारियों की स्वीकृति मिलने के उपरांत कमजोर प्रदर्शन करने वाले जिलाध्यक्षों को हटाया जा सकता है।

पार्टी
के सूत्रों के अनुसार जिन जिलाध्यक्षों का प्रदर्शन कमजोर रहा है, उनमें कुछ अनुभवी नेता भी शामिल हैं। डिंडोरी के जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह मरकाम, सतना के विधायक एवं जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ कुशवाह, और मंडला के जिलाध्यक्ष डॉ अशोक मर्सकोले जैसे नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं।

इंदौर
शहर कांग्रेस के अध्यक्ष चिंटू चौकसे के कुछ निर्णयों और शीर्ष नेतृत्व से बिना चर्चा के दिए गए बयानों को लेकर भी संगठन में असंतोष जताया जा रहा है।

यह
ध्यान देने योग्य है कि जून 2025 में भोपाल में संगठन सृजन अभियान की शुरुआत के बाद लगभग दो महीने तक चर्चाएं और बैठकें हुई थीं, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेशभर में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की गई थी। अब आठ महीने बाद प्रदर्शन की समीक्षा के आधार पर संगठनात्मक बदलाव की संभावना बढ़ गई है।

जिला बदर की कार्यवाही 6 माह की अवधि के लिए किया जिले की राजस्‍व सीमाओं से निष्‍कासित

कटनी – कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री आशीष तिवारी ने रामनिवास सिंह वार्ड थाना रंगनाथ कटनी में निवासी शिशिर सिंह, जो गणेश सिंह के पुत्र हैं, उम्र 33 वर्ष, के खिलाफ मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्यवाही करते हुए 24 घंटे के भीतर उसे अगले 6 महीनों के लिए जिले की राजस्व सीमाओं से बाहर जाने का आदेश जारी किया है। कलेक्टर श्री तिवारी ने जिला बदर की प्रक्रिया पुलिस अधीक्षक से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर की है।

शिशिर
सिंह एक लगातार अपराध करने वाले व्यक्ति हैं। इनके खिलाफ अब तक हत्या के प्रयास, गाली-गलौज, मारपीट, सामान्य लोगों को गंभीर चोट पहुँचाना एवं जातिगत अपमान करने के लिए कुल 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने शिशिर के खिलाफ कई बार वैधानिक और निषेधात्मक कार्रवाइयाँ की हैं, लेकिन फिर भी इस आदतन अपराधी के आचरण में कोई सुधार नहीं दिखाई दिया।

आपराधिक
गतिविधियों के लगातार जारी रहने, आम नागरिकों के लिए आतंक का प्रतीक बनने के कारण क्षेत्र में शांति और सार्वजनिक सुरक्षा पर हो रहे प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए, कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री तिवारी ने आदतन अपराधी शिशिर सिंह को 24 घंटे के भीतर कटनी जिले की राजस्व सीमाओं और आस-पास के जबलपुर, मैहर, दमोह, पन्ना एवं उमरिया जिले की राजस्व सीमाओं से 6 महीने की अवधि के लिए बाहर जाने का आदेश दिया है।

कुठला पुलिस को “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत मिली सफलता गुमशुदा बालिका को किया दस्तयाब

कुठला पुलिस ने “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत गुमशुदा लड़की को सफलतापूर्वक खोजा

तारीख
– 20/04/2026
घटना
का संक्षिप्त विवरण: – पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन मुस्कान” के निमित्त पुलिस अधीक्षक कटनी, श्री अभिनय विश्वकर्मा (भा0पु0से0) ने अपहरण किए गए बच्चों की खोज में कार्रवाई हेतु निर्देश जारी किए हैं। इस दिशा में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉक्टर संतोष डेहरिया और नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमति नेहा पच्चीसिया के मार्गदर्शन में, थाना प्रभारी कुठला निरीक्षक राजेन्द्र मिश्र के नेतृत्व में दिनांक 23/12/2025 को दर्ज किए गए गुमशुदा रिपोर्ट के मामले में कुठला पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत लापता नाबालिग लड़की को खोज निकाला। लड़की को सुरक्षित रूप से उसके परिवार के सदस्यों को सौंपा गया। लड़की की बरामदगी पर उसके परिवार ने कुठला पुलिस की गतिविधियों की प्रशंसा की है।
पुलिस
कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका: – निरीक्षक राजेन्द्र मिश्र के मार्गदर्शन में, उप निरीक्षक सौरभ सोनी, महिला प्रधान आरक्षक सविता तिवारी और अन्य स्टाफ ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

अक्षय तृतीया पर प्रशासन की सख्ती: कटनी में 3 बाल विवाह समय रहते रुकवाए

कटनी। अक्षय तृतीया के अबूझ मुहूर्त पर बाल विवाह को रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी तैयारी में था। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर बनाए गए कोर ग्रुप की सक्रियता के कारण कटनी शहर में 1 और ढीमरखेड़ा क्षेत्र में 2 बाल विवाहों को समय पर रोक दिया गया।

प्राप्त
जानकारी के अनुसार, गुप्त सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक और पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और तीनों स्थानों पर हो रहे बाल विवाह को रोकते हुए परिवार को सख्त चेतावनी दी। अधिकारियों ने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अनुसार, यह एक दंडनीय अपराध है।

मजबूत
योजना से मिली सफलता

कलेक्टर
के निर्देश पर इस वर्ष बाल विवाह की रोकथाम के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई थी। एसडीएम की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कोर टीम का गठन किया गया, साथ ही जिला और विकासखंड स्तर पर एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया ताकि निगरानी तंत्र को मजबूती दी जा सके। इसी सक्रियता के कारण समय पर कार्रवाई संभव हो पाई।

कटनी
शहर में संयुक्त टीम की कार्रवाई

कटनी
के आधार कॉलोनी में एक 18 वर्ष से कम उम्र की बालिका का विवाह होने वाला था। सूचना मिलते ही महिला एवं बाल विकास विभाग और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम तुरंत वहां पहुंची। जांच में बालिका की उम्र 16 वर्ष और बालक की उम्र 22 वर्ष पाई गई। टीम ने परिवार, बारातियों, और आयोजन से जुड़े अन्य लोगों को कानून की जानकारी देते हुए विवाह रुकवाया। समझाने के बाद परिवार ने सहमति दी कि बालिका के बड़े होने के बाद ही विवाह करेंगे।

ढीमरखेड़ा
में दो बाल विवाह पर रोक

विकासखंड
ढीमरखेड़ा के ग्राम संकुई में दो नाबालिग बालकों के विवाह की तैयारी चल रही थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर देखा कि दोनों बालक 21 वर्ष से कम उम्र के हैं। अधिकारियों ने परिवार को समझाया कि 21 वर्ष से कम उम्र में विवाह करना कानून के खिलाफ है। मौके पर पंचनामा तैयार किया गया और परिवार ने बालकों के वैधानिक आयु पूरी होने के बाद ही विवाह करने पर सहमति दी।

प्रशासन
की अपील

जिला
प्रशासन ने नागरिकों से निवेदन किया है कि वे बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को खत्म करने में सहयोग करें और ऐसी किसी भी सूचना को तुरंत प्रशासन तक पहुंचाएं, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।

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