भोपाल, / मध्यप्रदेश में कांग्रेस के संगठनात्मक सृजन अभियान के तहत नियुक्त जिलाध्यक्षों के कार्यों की जांच के बाद पार्टी में बड़े बदलावों के संकेत मिल रहे हैं। पार्टी के सूत्रों के अनुसार कई जिलाध्यक्ष अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में असफल रहे हैं, जिसके कारण लगभग एक दर्जन जिलाध्यक्षों को बदलने की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है।
सूत्रों से जानकारी मिली है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा स्थापित संगठन सृजन अभियान के तहत प्रदेश में नई नियुक्तियाँ की गई थी। अब अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा मध्यप्रदेश के लिए भेजे गए पर्यवेक्षक वामसी रेड्डी ने जिलाध्यक्षों की गतिविधियों की गहन समीक्षा की है।
रिपोर्ट में लगभग 12 जिलाध्यक्षों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया है। यह रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी के माध्यम से राष्ट्रीय नेतृत्व के पास भेजी जाएगी। उच्चाधिकारियों की स्वीकृति मिलने के उपरांत कमजोर प्रदर्शन करने वाले जिलाध्यक्षों को हटाया जा सकता है।
पार्टी के सूत्रों के अनुसार जिन जिलाध्यक्षों का प्रदर्शन कमजोर रहा है, उनमें कुछ अनुभवी नेता भी शामिल हैं। डिंडोरी के जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह मरकाम, सतना के विधायक एवं जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ कुशवाह, और मंडला के जिलाध्यक्ष डॉ अशोक मर्सकोले जैसे नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं।
इंदौर शहर कांग्रेस के अध्यक्ष चिंटू चौकसे के कुछ निर्णयों और शीर्ष नेतृत्व से बिना चर्चा के दिए गए बयानों को लेकर भी संगठन में असंतोष जताया जा रहा है।
यह ध्यान देने योग्य है कि जून 2025 में भोपाल में संगठन सृजन अभियान की शुरुआत के बाद लगभग दो महीने तक चर्चाएं और बैठकें हुई थीं, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेशभर में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की गई थी। अब आठ महीने बाद प्रदर्शन की समीक्षा के आधार पर संगठनात्मक बदलाव की संभावना बढ़ गई है।
