महंगे दाम पर बिक रही रेत, आमजनों की जेब पर बढ़ा बोझ: बरही सीमा के पास बड़छड़ रेत स्टॉक पर ग्रामीणों का हंगामा, अवैध वसूली व फर्जी नाकों के गंभीर आरोप

कटनी/बरही। क्षेत्र में रेत की आसमान छूती कीमतों ने आम आदमी का बजट पूरी तरह से बिगाड़ कर रख दिया है। मकान या कोई भी निर्माण कार्य करा रहे लोगों की जेब पर इसका भारी असर पड़ रहा है। मामला बरही क्षेत्र से महज 3 किलोमीटर दूर, कटनी जिले की अमरपुर चौकी अंतर्गत आने वाले बड़छड़ स्थित रेत स्टॉक का है, जहाँ से महंगे दामों पर रेत बेचे जाने को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

ग्रामीणों ने रेत कंपनी पर मनमाने दाम वसूलने, टीपी (ट्रांजिट पास) में पारदर्शिता न रखने और फर्जी नाके बनाकर अवैध निगरानी करने जैसे कई संगीन आरोप लगाए हैं।

1. एक ट्रैक्टर रेत 4500 रुपये में, नकद वसूली पर उठे सवाल

ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि बड़छड़ स्थित रेत स्टॉक से महज एक ट्रैक्टर रेत भरने के एवज में करीब 4500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं।

  • पारदर्शिता का अभाव: वसूली के दौरान ग्रामीणों को न तो रॉयल्टी या टीपी (TP) पर स्पष्ट दरें दिखाई जाती हैं और न ही नियमानुसार रसीद दी जाती है।
  • नकद लेन-देन: टीपी में नकद भुगतान लिया जाता है, जिससे वास्तविक कीमत और की जा रही वसूली के बीच भारी अंतर देखने को मिल रहा है।

2. सीमा क्षेत्र में अवैध नाकों की भरमार, जांच पर खड़े हुए सवाल

उमरिया और कटनी जिले की प्रशासनिक सीमा के आसपास रेत से जुड़े कई अस्थायी नाके बना दिए गए हैं।

  • ग्रामीणों का दावा है कि इन नाकों पर रेत से भरे वाहनों को रोककर जांच के नाम पर परेशान किया जाता है।
  • बिना टीपी वाले वाहनों को पकड़कर पुलिस के हवाले तो कर दिया जाता है, लेकिन इन नाकों के संचालन की प्रशासनिक वैधता क्या है, इस पर कोई भी अधिकारी स्थिति स्पष्ट करने को तैयार नहीं है।

3. रात में घूम रही ‘फ्लाइंग टीम’, गांवों में दहशत का माहौल

मामले में सबसे गंभीर आरोप रेत कंपनी की तथाकथित ‘फ्लाइंग टीम’ पर लगा है। ग्रामीणों के अनुसार:

  • रात के अंधेरे में यह टीम क्षेत्र के आसपास के गांवों में गश्त करती है।
  • आरोप है कि इस टीम में कई असामाजिक तत्व शामिल हैं, जिनके बर्ताव और गतिविधि से स्थानीय ग्रामीणों व वाहन चालकों में भय का माहौल बना हुआ है।

4. ग्रामीणों की मांग: निष्पक्ष जांच कर हो सख्त कार्रवाई

लगातार हो रही मनमानी से परेशान होकर क्षेत्रीय ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि:

  1. बड़छड़ स्थित रेत स्टॉक पर शासकीय निर्धारित दरों की सूची (रेट बोर्ड) तुरंत प्रदर्शित की जाए।
  2. टीपी/रॉयल्टी काटने की प्रक्रिया और वसूली की दरों की निष्पक्ष प्रशासनिक जांच कराई जाए।
  3. सीमावर्ती क्षेत्रों में लगे जांच नाकों की वैधता की जांच हो और अवैध नाकों को हटाया जाए।
  4. रात में गश्त करने वाली प्राइवेट फ्लाइंग टीम के सदस्यों का सत्यापन कराया जाए।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जल्द प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

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