नशे की गिरफ्त में कटनी! अवैध शराब, स्मैक और गांजे की बिक्री पर रोक की मांग; कलेक्टर व एसपी को सौंपा ज्ञापन
कटनी। जिले में दिन-प्रतिदिन पैर पसारते अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर अंकुश लगाने की मांग को लेकर मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान प्रशासनिक गलियारे में हलचल दिखाई दी। स्थानीय नागरिकों एवं आवेदकों ने संयुक्त रूप से कलेक्टर कार्यालय एवं पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए जिले भर में धड़ल्ले से चल रही अवैध शराब, गांजा और स्मैक की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की गुहार लगाई गई है।ज्ञापन में साफ तौर पर उल्लेख किया गया है कि कटनी जिले के ग्रामीण अंचलों (गांव-गांव) से लेकर शहरी क्षेत्र के गली-मोहल्लों तक अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। नशे के इस अवैध कारोबार के कारण क्षेत्रों में आए दिन असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे स्थानीय निवासियों और विशेषकर महिलाओं व बच्चों के लिए सुरक्षा का गंभीर संकट खड़ा हो रहा है।
कुठला थाना क्षेत्र और वार्ड नं. 03 प्रमुख केंद्र: जुआ-सट्टा भी चरम परआवेदकों ने ज्ञापन के माध्यम से विशेष रूप से कुठला थाना क्षेत्र एवं वार्ड क्रमांक-03 सहित आसपास के इलाकों में सक्रिय नशा कारोबारियों पर निशाना साधा है। शिकायतों के अनुसार:इन क्षेत्रों में गांजा, स्मैक और अवैध शराब आसानी से उपलब्ध कराई जा रही है।नशे के साथ-साथ इन इलाकों में अवैध जुआ और सट्टे की गतिविधियां भी जोरों पर फल-फूल रही हैं।पूर्व में भी इस संबंध में कई शिकायतें और घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं।आवेदकों ने पुलिस और प्रशासन से मांग की है कि इन विशेष चिन्हित क्षेत्रों में गश्त और निगरानी बढ़ाई जाए तथा अवैध गतिविधियों में लिप्त मुख्य सरगनाओं पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
डीएसपी शिवा पाठक ने दिया कार्रवाई का भरोसाज्ञापन सौंपने के दौरान आवेदकों ने पुलिस अधिकारियों से सीधे वार्ता कर क्षेत्र की जमीनी स्थिति से अवगत कराया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीएसपी शिवा पाठक ने आवेदकों की शिकायतों को गंभीरता से सुना।उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा कि ज्ञापन में उल्लिखित सभी बिंदुओं और क्षेत्रों की प्राथमिकता के आधार पर जांच कराई जाएगी। डीएसपी ने आवेदकों से शिकायत से संबंधित अतिरिक्त तथ्य और जानकारियां पुलिस को उपलब्ध कराने का आग्रह किया, ताकि पुलिस टीम सटीक रणनीति बनाकर अवैध ठिकानों पर दबिश दे सके और नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
नागरिकों की मांग: केवल आश्वासन नहीं, धरातल पर दिखे असरस्थानिय निवासियों का कहना है कि नशा युवाओं को गर्त में धकेल रहा है और अपराधों की मुख्य वजह बन रहा है। नागरिकों ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से पुरजोर मांग की है कि शिकायतों का केवल कागजी निस्तारण न किया जाए, बल्कि अवैध शराब व मादक पदार्थों की वास्तविक स्थिति की निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि शहर और ग्रामीण अंचलों में शांति व्यवस्था कायम हो सके।

