फर्जी सर्टिफिकेट पर क्लर्क बने भृत्य की खोली पोल: कटनी प्रशासन का बड़ा एक्शन, पदावनति के साथ छीना समयमान वेतनमान

विशेष रिपोर्ट | कटनी (मध्य प्रदेश)सरकारी महकमों में फर्जी और कूट रचित दस्तावेजों के सहारे पदोन्नति हासिल करने वाले कर्मचारियों पर कटनी जिला प्रशासन ने बड़ा चाबुक चलाया है। फर्जीवाड़ा कर शासकीय सेवा में पद और आर्थिक लाभ लेने के एक गंभीर मामले में कलेक्टर आशीष तिवारी ने बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 आशाराम राजपूत को तत्काल प्रभाव से उनके मूल पद यानी चतुर्थ श्रेणी भृत्य (चपरासी) पर ढकेल (पदावनत कर) दिया है।प्रशासन ने न केवल कर्मचारी का कद घटाया है, बल्कि अनुचित तरीके से दिए गए वित्तीय लाभों की वसूली का रास्ता साफ करते हुए उनका समयमान वेतनमान भी रद्द कर दिया है।पूरा घटनाक्रम: 2006 की पदोन्नति से लेकर 2020 की आपत्ति तकमामले की जड़ें वर्ष 2006 से जुड़ी हैं, जब आशाराम राजपूत को भृत्य के पद से पदोन्नत कर सहायक ग्रेड-3 (क्लर्क) बनाया गया था। इसके बाद वे वर्षों तक इस पद पर कार्य करते रहे।पेंशन कार्यालय की सजगता से खुली पोल: वर्ष 2019 में जब राजपूत को ‘प्रथम समयमान वेतनमान’ का लाभ देने की प्रक्रिया शुरू की गई, तब जिला पेंशन कार्यालय ने उनकी सर्विस बुक (सेवा पुस्तिका) का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि पदोन्नति के लिए अनिवार्य ‘हिंदी मुद्रलेखन (टाइपिंग) परीक्षा’ उत्तीर्ण करने का कोई भी मूल प्रमाण-पत्र सर्विस बुक में दर्ज ही नहीं था।2020 में पेश किया संदेहास्पद प्रमाण-पत्र: पेंशन कार्यालय की गंभीर आपत्ति के बाद विभाग ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा। मामले को दबाने के लिए आशाराम राजपूत ने नवंबर 2020 में वर्षो पुराना हिंदी मुद्रलेखन परीक्षा उत्तीर्ण करने का एक प्रमाण-पत्र विभाग के समक्ष प्रस्तुत कर दिया।भोपाल से जांच रिपोर्ट आते ही उड़ गए होशशासकीय अभिलेखों में जमा कराए गए इस प्रमाण-पत्र पर संदेह होने पर जिला प्रशासन ने इसकी प्रामाणिकता जांचने के लिए दस्तावेज को सीधे शीघ्रलेखन एवं मुद्रलेखन परीक्षा परिषद, भोपाल भेजा।भोपाल स्थित परिषद के मुख्य रिकॉर्ड और परीक्षा परिणामों से जब प्रस्तुत प्रमाण-पत्र का मिलान किया गया, तो बड़ा खुलासा हुआ। परिषद के आधिकारिक अभिलेखों में राजपूत के नाम से ऐसा कोई प्रमाण-पत्र जारी होना पाया ही नहीं गया। इसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर कर्मचारी के खिलाफ कड़ी विभागीय जांच (Departmental Enquiry) बैठा दी गई।जांच में सिद्ध हुए आरोप, कलेक्टर ने जारी किया सख्त आदेशविभागीय जांच अधिकारी ने अपनी अंतिम रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि आशाराम राजपूत ने फर्जी प्रमाण-पत्र तैयार करवाकर कार्यालय को गुमराह किया और नियम विरुद्ध तरीके से पदोन्नति व आर्थिक लाभ प्राप्त किए।जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर आशीष तिवारी ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-10 का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कड़े निर्देश जारी किए:सहायक ग्रेड-3 से भृत्य पद पर पदा वनति: राजपूत को तत्काल प्रभाव से क्लर्क के पद से हटाकर चतुर्थ श्रेणी भृत्य बनाया गया।ढीमरखेड़ा तबादला: पदाव नत करने के साथ ही उनका तबादला ‘कार्यालय परियोजना अधिकारी, बाल विकास परियोजना ढीमरखेड़ा’ में कर दिया गया है।समयमान वेतनमान निरस्त: वर्ष 2019 में स्वीकृत किया गया प्रथम समयमान वेतनमान का आदेश पूरी तरह से निरस्त कर दिया गया है, जिससे अब उनसे पूर्व में भुगतान की गई अतिरिक्त राशि की रिकवरी भी की जाएगी।फर्जीवाड़ा करने वालों में मचा हड़कंप कटनी प्रशासन की इस सख्त और पारदर्शी कार्रवाई से जिला कार्यालयों में हड़कंप मच गया है। कलेक्टर आशीष तिवारी के इस आदेश ने साफ संदेश दिया है कि फर्जी दस्तावेजों के बल पर शासन को चूना लगाने वाले कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे मामला कितना भी पुराना क्यों न हो।

सराफा बाजार में निर्माणाधीन भवन से गिरकर मजदूर की मौत, सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

कटनी। कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत सराफा बाजार में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। मंदार ज्वेलर्स के बाजू में चल रहे एक निर्माणाधीन भवन में काम करने के दौरान लगभग 15 फीट की ऊंचाई से गिरने से 32 वर्षीय मजदूर की अकाल मौत हो गई।मृतक की पहचान दीपक रैदास (32 वर्ष), पिता फागूराम, हाल निवासी चुनकाई मोहल्ला (थाना एनकेजे क्षेत्र) के रूप में हुई है।अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दमप्रत्यक्षदर्शियों एवं प्राप्त जानकारी के अनुसार, दीपक सराफा बाजार स्थित निर्माणाधीन इमारत में मजदूरी कार्य कर रहा था। काम के दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वह लगभग 15 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर पड़ा। हादसे के तुरंत बाद उसे गंभीर हालत में उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने परीक्षण उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की खबर मिलते ही मृतक के परिजन भी अस्पताल पहुंचे, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल है।तीन लोगों का बताया जा रहा निर्माणाधीन भवनअस्पताल पुलिस चौकी से मिली प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, जिस भवन का निर्माण कराया जा रहा है, वह ललित सोनी, संजय बरस्कार और रंजन पटेल का बताया गया है। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और निर्माण स्थल पर मजदूरों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है।पुलिस ने कायम किया मर्ग, जांच शुरूघटना के संबंध में पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मामले में कोतवाली पुलिस का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन थाना प्रभारी राखी पाण्डेय के थाने में मौजूद न रहने और फोन पर संपर्क न हो पाने के कारण उनका आधिकारिक वक्तव्य नहीं मिल सका। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है, जिसके बाद ही हादसे की वास्तविक वजहों और निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों के पालन की स्थिति साफ हो पाएगी।

बड़वारा में प्रशासन का बड़ा एक्शन: ₹1 और ₹2 के सिक्के न लेने वाले दुकानदारों पर होगी FIR, तहसीलदार ने करवाई मुनादी

बड़वारा। क्षेत्र में वैध भारतीय मुद्रा (₹1 और ₹2 के सिक्के) न लेने वाले मनमाने व्यापारियों और दुकानदारों पर अब पुलिस का शिकंजा कसने जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता जय सूर्यवंशी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है। तहसीलदार के स्पष्ट आदेश पर रविवार को पूरे बड़वारा क्षेत्र में लाउडस्पीकर के माध्यम से सार्वजनिक मुनादी (अनाउंसमेंट) कराई गई, जिसमें चेतावनी दी गई है कि सिक्के लेने से मना करने वाले दुकानदारों के खिलाफ सीधी प्राथमिक दर्ज (FIR) की जाएगी।जय सूर्यवंशी की चेतावनी के बाद हरकत में आया प्रशासन गौरतलब है कि लंबे समय से क्षेत्र में ₹1 और ₹2 के सिक्कों को बंद बताने की झूठी अफवाह फैलाकर आम जनता, मजदूरों और गरीब वर्ग को परेशान किया जा रहा था। इस तानाशाही के खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ता जय सूर्यवंशी ने अपनी टीम और स्थानीय नागरिकों के साथ तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा था।जय सूर्यवंशी ने साफ शब्दों में कहा था कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमानुसार भारतीय मुद्रा को अस्वीकार करना कानूनन अपराध है। उन्होंने प्रशासन से व्यापारियों को सख्त निर्देश जारी करने, सार्वजनिक जागरूकता फैलाने और दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की थी। साथ ही मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी थी।मुनादी से मचा हड़कंप, जनता को मिली बड़ी राहत ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार ने तुरंत कार्यवाही के निर्देश दिए। रविवार को क्षेत्र में मुनादी कराकर सभी छोटे-बड़े व्यापारियों को कड़ा संदेश दिया गया है कि कोई भी दुकानदार कानूनी मुद्रा लेने से इंकार न करे। इस प्रशासनिक फैसले से आम नागरिकों और छोटे दुकानदारों में खुशी की लहर है, वहीं सिक्के न लेने वाले जमाखोरों व मनमानी करने वाले व्यापारियों में हड़कंप मच गया है।प्रशासन की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई के लिए क्षेत्र की जनता ने सामाजिक कार्यकर्ता जय सूर्यवंशी एवं उनकी टीम का आभार जताया है।

30 साल पुराने पुल की समस्या को लेकर युवक कांग्रेस ने CEO को सौंपा ज्ञापन, मिला सर्वे का आश्वासन

सिलौड़ी। सिलौड़ी से नैगई पहुंच मार्ग पर स्थित लगभग 30 वर्ष पुराना पुल ग्रामीणों के लिए आफत का सबब बना हुआ है। बारिश के दिनों में जलस्तर बढ़ते ही पुल डूब जाता है, जिससे सिलौड़ी-नैगई मार्ग का संपर्क पूरी तरह कट जाता है। इस गंभीर जनसमस्या को लेकर युवक कांग्रेस ब्लॉक उपाध्यक्ष शिवा नामदेव और उनके साथियों ने जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) हरसिमरन प्रीत कौर से मुलाकात की और ग्रामीणों की परेशानियों से अवगत कराया।मरीजों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों की जान जोखिम मेंशिवा नामदेव ने सीईओ को बताया कि वे पिछले दो वर्षों से लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं। बारिश के दिनों में पुल पर पानी आने से स्कूली बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते, वहीं सिलौड़ी अस्पताल तक मरीजों को पहुंचाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है। सबसे विकट स्थिति तब बनती है जब किसी गर्भवती महिला या गंभीर मरीज को आपातकालीन चिकित्सा की जरूरत होती है। मजबूरी में ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर उफनती नदी पार करनी पड़ती है।सीईओ ने दिए PWD को सर्वे के निर्देशमामले की गंभीरता को देखते हुए CEO हरसिमरन प्रीत कौर ने तत्काल लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों से फोन पर वार्ता की। उन्होंने अधिकारियों को पुल का तत्काल भौतिक सर्वे कराने और नए ऊंचे पुल के निर्माण हेतु आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने के कड़े निर्देश दिए।आश्वासन के बाद PWD की कार्रवाई पर टिकीं निगाहें प्रशासनिक आश्वासन के बाद ग्रामीणों में राहत की उम्मीद तो जगी है, लेकिन उनका साफ कहना है कि उन्हें केवल कागजी आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर स्थायी समाधान चाहिए। अब देखना यह होगा कि लोक निर्माण विभाग कितनी मुस्तैदी से सर्वे पूरा कर नए पुल के निर्माण की प्रक्रिया शुरू करता है।

अम्बेडकर चौक चौधरी मार्केट बड़वारा में गरिमामय माहौल में मनाया गया स्वतंत्रता दिवस, समाज सेवी जय सूर्यवंशी ने किया ध्वजारोहण

बड़वारा। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर बड़वारा स्थित अम्बेडकर चौक, चौधरी मार्केट में स्वतंत्रता दिवस अत्यंत उत्साह, राष्ट्रभक्ति और गरिमामय माहौल में धूमधाम से मनाया गया।

​समारोह के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद प्रख्यात समाज सेवी जय सूर्यवंशी ने सम्मानीय नागरिकों की उपस्थिति में पूर्ण विधि-विधान और राष्ट्रभक्ति के साथ ध्वजारोहण किया। राष्ट्रध्वज फहराए जाने के उपरांत उपस्थित अपार जनसमूह ने एक स्वर में राष्ट्रगान गाकर तिरंगे को सलामी दी, जिससे पूरा परिसर ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। इसके पश्चात संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए।

​ध्वजारोहण के उपरांत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाज सेवी जय सूर्यवंशी ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि “आजादी का यह पर्व हमें समाज में एकता, बंधुत्व और सामाजिक समरसता को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। हमें मिलकर अपने क्षेत्र और देश की उन्नति के लिए निरंतर प्रयासरत रहना होगा।”

​इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, व्यापारी संघ के सदस्य, युवा वर्ग और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों के बीच मिठाई का वितरण कर स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी गईं।

कालाबाजारी पर पुलिस का हंटर: कटनी के परसेल में अवैध खाद का भंडाफोड़, व्यापारी पर FIR दर्ज

कटनी (बड़वारा) | जिले में खाद संकट का फायदा उठाकर कालाबाजारी करने वाले मुनाफाखोरों के खिलाफ पुलिस और कृषि विभाग ने मोर्चा खोल दिया है। बड़वारा थाना पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम परसेल में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से डंप किया गया उर्वरक और बायोजाइम का भारी स्टॉक बरामद किया है। इस मामले में पुलिस ने एक व्यापारी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है।वरिष्ठ कृषि अधिकारी की तत्परता से हुई छापामारी जानकारी के मुताबिक, बड़वारा के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी रामअवतार दांगी को ग्राम परसेल में अवैध रूप से उर्वरक भंडारण की गुप्त सूचना मिली थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कृषि विभाग की टीम ने बड़वारा पुलिस के साथ मिलकर परसेल स्थित व्यापारी विपिन कुमार असाटी के ठिकाने पर अचानक दबिश दी।जांच के दौरान जब व्यापारी से खाद की बिक्री और भंडारण से जुड़े लाइसेंस व वैध दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई भी कागजात पेश नहीं कर सका।बरामद सामग्री की सूचीमौके से पुलिस ने बिना किसी वैध परमिट के रखी गई रासायनिक और जैविक खाद का जखीरा जब्त किया:

यूरिया: 11 बोरी

डीएपी (DAP): 3 बोरी

श्रीराम जैविक खाद: 250 किग्रा (10 किग्रा के 25 डिब्बे)

बायोजाइम: 192 किग्रा (6 किग्रा के 32 पैकेट)

बायोएंजाइम: 100 किग्रा (5 किग्रा के 20 पैकेट)

व्यापारी पर कसा शिकंजा (धारा 3/7 के तहत केस दर्ज)बिना लाइसेंस खाद का भंडारण करने पर बड़वारा पुलिस ने आरोपी विपिन कुमार असाटी (पिता नोने लाल असाटी) के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) की धारा 3/7 के तहत अपराध क्रमांक 464/26 दर्ज कर लिया है। पुलिस ने पूरा स्टॉक जब्त कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

प्रशासन की चेतावनी: “किसानों के हक पर डाका डालने वाले और अवैध भंडारण करने वाले कारोबारियों को बख्शा नहीं जाएगा। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।”

कटनी: बड़वारा के रोहनिया में राजनीतिक रंजिश के चलते कांग्रेस नेता राघवेंद्र सिंह पर जानलेवा हमला; FIR दर्ज, कटनी अस्पताल में भर्ती

बड़वारा (कटनी) | मध्य प्रदेश के कटनी जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रोहनिया बस स्टैंड के समीप एक अत्यंत सनसनीखेज और गंभीर वारदात सामने आई है। राजनीतिक रंजिश और पुरानी खुन्नस के चलते क्षेत्र के जाने-माने समाजसेवी एवं कांग्रेस नेता राघवेंद्र सिंह पर गांव के ही तीन दबंगों ने एक राय होकर गाली-गलौज करते हुए हत्या करने की नीयत से ताबड़तोड़ जानलेवा हमला कर दिया।अचानक हुए इस प्राणघातक हमले में राघवेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। वारदात के बाद उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बड़वारा ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें कटनी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही बड़वारा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अनुसूचित जाति/जनजाति निवारण अधिनियम (SC/ST Act) की संगीन धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।

बस स्टैंड के पास घेरा, गाली-गलौज के बाद धारदार हथियारों से वारपुलिस से प्राप्त आधिकारिक जानकारी एवं प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पीड़ित राघवेंद्र सिंह (26 वर्ष), पिता स्वर्गीय कुशाल सिंह (निवासी रोहनिया) 04 अगस्त की सुबह करीब 09:30 बजे अपने मित्र कुलदीप सोनी के घर गए हुए थे और बस स्टैंड के समीप अमित सोनी के मकान के पास मौजूद थे।इसी दौरान पूर्व से घात लगाए बैठे गांव के ही आरोपी रामकिशोर कचेर, प्रदीप कचेर और नंदनी कचेर ने उन्हें घेर लिया। आरोपियों ने पहले जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए मां-बहन की अश्लील व गंदी गालियां देना शुरू कर दिया। जब राघवेंद्र ने इसका विरोध किया, तो विवाद काफी बढ़ गया। इसके बाद आरोपियों ने एक राय होकर हत्या करने के इरादे से धारदार हथियारों से उन पर अचानक हमला बोल दिया। अचानक हुए इस हमले में राघवेंद्र सिंह लहूलुहान होकर वहीं जमीन पर गिर पड़े।

बड़वारा CHC में प्राथमिक उपचार के बाद कटनी अस्पताल में भर्तीलहूलुहान अवस्था में राघवेंद्र को देखकर मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों और सहयोगियों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों की मदद से उन्हें तुरंत बड़वारा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया गया।अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया, जिसके बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए कटनी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है।बड़वारा पुलिस की सख्त कार्रवाई: BNS और SC/ST Act की धाराओं में मामला दर्जघटना की खबर मिलते ही बड़वारा थाना पुलिस बल तुरंत मौके पर और अस्पताल पहुंचा। पुलिस ने पीड़ित के बयानों और मौके के साक्ष्यों के आधार पर नामजद तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा SC/ST Act की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है:

अपराध क्रमांक: 441/2026दर्ज धाराएं:धारा 109(1) BNS – हत्या का प्रयास (Attempt to Murder)धारा 296(b) BNS – सार्वजनिक स्थान पर गाली-गलौज व अश्लील कृत्यधारा 3(5) BNS – समान उद्देश्य से मिलकर (एक राय होकर) अपराध को अंजाम देना SC/ST Act: धारा 3(1)(द), 3(2)(ध) एवं 3(2)(v) के तहत संगीन मामले दर्ज

समर्थकों में भारी आक्रोश, पुलिस प्रशासन अलर्ट परएक सक्रिय समाजसेवी और प्रमुख कांग्रेस नेता पर दिनदहाड़े हुए इस जानलेवा हमले की खबर आग की तरह फैलते ही बड़वारा, रोहनिया और आसपास के ग्रामीण इलाकों में समर्थकों व स्थानीय निवासियों की भारी भीड़ जमा हो गई। मामले में राजनीतिक रंजिश का एंगल सामने आने के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।अप्रिय घटना से निपटने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड़ पर है। बड़वारा पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर दी हैं और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

कटनी: बड़वारा में राजनीतिक रंजिश के चलते कांग्रेस नेता व समाजसेवी राघवेंद्र सिंह पर धारदार हथियारों से जानलेवा हमला, हालत नाजुक; क्षेत्र में आक्रोश

बड़वारा (कटनी) मध्य प्रदेश के कटनी जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रोहनिया से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। राजनीतिक रंजिश के चलते क्षेत्र के जाने-माने समाजसेवी एवं कांग्रेस नेता राघवेंद्र सिंह पर कुछ असामाजिक तत्वों ने धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ जानलेवा हमला कर दिया। हमले में राघवेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस वारदात के बाद से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और स्थानीय निवासियों तथा समर्थकों में भारी आक्रोश है।

मित्र के घर रोहनिया गए थे राघवेंद्र, घात लगाकर किया गया हमलामिली जानकारी के अनुसार, राघवेंद्र सिंह अपने मित्र कुलदीप सोनी से मिलने उनके निवास ग्राम रोहनिया पहुंचे थे। इसी दौरान राजनीतिक रंजिश और पुरानी खुन्नस को लेकर आरोपी प्रदीप, रामकिशोर एवं नंदनी कचेर वहां आ धमके। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपियों ने पूरी योजना के तहत राघवेंद्र सिंह पर धारदार हथियारों से हमला बोल दिया। अचानक हुए इस हमले में वे गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान अवस्था में जमीन पर गिर पड़े।

प्राथमिक उपचार के बाद हालत बेहद चिंताजनकवारदात के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और साथियों की मदद से लहूलुहान अवस्था में राघवेंद्र सिंह को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बड़वारा पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन अत्यधिक खून बह जाने और शरीर पर गंभीर चोटें होने के कारण उनकी स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों द्वारा स्थिति को देखते हुए उन्हें उच्च स्तरीय इलाज के लिए रेफर किए जाने की तैयारी की जा रही है।

पुलिस जांच में जुटी, आरोपियों की तलाश में दबिशघटना की सूचना मिलते ही बड़वारा पुलिस बल तुरंत मौके पर और अस्पताल पहुंचा। पुलिस ने पीड़ित पक्ष के बयान दर्ज कर मुख्य आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला राजनीतिक रंजिश और आपसी विवाद से जुड़ा नजर आ रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।

बड़वारा क्षेत्र में तनाव, सुरक्षा बल तैनात एक प्रमुख समाजसेवी और सक्रिय कांग्रेस नेता पर हुए इस तरह के दुस्साहसिक हमले की खबर फैलते ही बड़वारा और आसपास के इलाकों में लोगों की भारी भीड़ जमा होने लगी है। राजनीतिक रंजिश के एंगल से मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।

ढीमरखेड़ा की ग्राम पंचायत कोठी में बड़ा घपला: बिना सड़क बनाए डकार गए ₹90 हजार, कागजों पर दौड़ पड़ीं गाड़ियां

ढीमरखेड़ाजनपद पंचायत ढीमरखेड़ा अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कोठी में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट का एक गंभीर मामला सामने आया है। पंचायत प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों की कथित सांठगांठ से धरातल पर बिना एक भी पत्थर रखे कागजों में सड़क का निर्माण पूरा कर दिया गया और 90 हजार रुपये की राशि आहरित (निकाल) ली गई। इस भ्रष्टाचार का खुलासा होने के बाद से ही क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।कागजों में सड़क तैयार, धरातल पर सन्नाटाविभाग से प्राप्त आधिकारिक जानकारी और शासकीय पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार, ग्राम पंचायत कोठी में सड़क निर्माण कार्य के लिए कुल ₹1,50,000 (एक लाख पचास हजार रुपये) की राशि स्वीकृत की गई थी। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि जिस स्थान के लिए राशि मंजूर हुई थी, वहां सड़क का नामोनिशान तक नहीं है।अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही का आलम यह है कि बिना कार्य कराए ही शासकीय राशि का आहरण कर लिया गया, जिससे स्थानीय ग्रामीणों ने पूरी व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।संचार एवं संकर्म समिति सभापति ने संभाला मोर्चासरकारी खजाने में हुई इस अनियमितता और घपलेबाजी को गंभीरता से लेते हुए जनपद पंचायत की संचार एवं संकर्म समिति की सभापति सुषमा छत्रपाल सिंह ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने 27 जुलाई 2026 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा को एक शिकायती पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।पत्र में उठाए गए मुख्य बिंदु:कार्य आईडी (Work ID): 82925141 के तहत सड़क निर्माण स्वीकृत हुआ था।राशि आहरण: निर्माण कार्य के नाम पर 20 जून 2023 को ₹90,000 की राशि आहरित कर ली गई।जमीनी स्थिति: स्वीकृत स्थल पर आज तक सड़क निर्माण का कार्य शुरू ही नहीं हुआ।निष्पक्ष जांच और एफआईआर की मांगसभापति सुषमा छत्रपाल सिंह ने अपने पत्र में मांग की है कि इस कार्य से संबंधित:कार्य की वास्तविक प्रगति स्थिति,मेजरमेंट बुक (MB),बिल-वाउचर एवं राशि के उपयोग से जुड़े तमाम अभिलेखों की सूक्ष्मता से जांच कराई जाए।उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में राशि के दुरुपयोग या वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाए और गबन की गई राशि की वसूली कर तत्काल धरातल पर सड़क का निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।

ढीमरखेड़ा: शासकीय जनजाति कन्या छात्रावास में अधिकारियों का औचक निरीक्षण, बदहाली पर फूटा छात्राओं का गुस्सा

एसडीएम, बीईओ और बीआरसी ने संयुक्त रूप से किया निरीक्षण, अभिलेखों में मिलीं भारी अनियमितताएं।छात्राओं के आरोप: महीनों से बंद हैं रोटियां, गर्मी में पंखा चलाने पर पाबंदी; अधीक्षक पर लगा मानसिक उत्पीड़न का आरोप।प्रशासनिक अधिकारियों ने सख्त कार्रवाई के दिए संकेत, उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही रिपोर्ट।ढीमरखेड़ा। शासकीय वीरांगना रानी दुर्गावती अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास, ढीमरखेड़ा में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) निधि गोहल, विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) अभय जैन और बीआरसी प्रेम कोरी ने संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छात्रावास की बदहाली और अधीक्षक की मनमानी से परेशान छात्राओं का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने अधिकारियों के समक्ष अपनी आपबीती सुनाई।गुणवत्ताहीन भोजन और सुविधाओं का घोर अभाव छात्राओं ने अधिकारियों को बताया कि छात्रावास में निर्धारित मेन्यू का पालन बिल्कुल नहीं किया जा रहा है। पिछले कई महीनों से रोटियां पूरी तरह बंद हैं और भोजन के नाम पर दोनों समय केवल चावल और पानी जैसी पतली सब्जी दी जाती है। जब छात्राओं ने रोटियों की मांग की, तो अधीक्षक द्वारा “रोटी खानी है तो खुद बनाओ” कहकर उन्हें टाल दिया गया। नाश्ते में भी केवल मुरमुरा देकर औपचारिकता पूरी की जा रही है।इसके अलावा, भीषण गर्मी के बावजूद छात्राओं को कमरे में पंखा चलाने की अनुमति नहीं दी जाती, जिससे उनकी पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। दूसरी ओर, अधीक्षक स्वयं अपने कक्ष में एसी (AC) का उपयोग करती हैं।छात्राओं से मजदूरी और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोपछात्राओं ने आरोप लगाया कि छात्रावास परिसर में नियमित रूप से झाड़ू-पोछा और अन्य घरेलू कार्य उन्हीं से कराए जाते हैं। विरोध करने या शिकायत करने पर उन्हें छात्रावास से बाहर निकालने की धमकी दी जाती है। छात्राओं का कहना है कि पूर्व में भी कई नियमित छात्राओं को बिना किसी ठोस कारण के निष्कासित कर दिया गया था, जिससे छात्रावास में डर का माहौल बना हुआ है।जांच में खुली पोल, प्रशासनिक कार्रवाई तय संयुक्त निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने छात्रावास के अभिलेखों की सूक्ष्मता से जांच की और भोजन की गुणवत्ता का भौतिक सत्यापन किया। सूत्रों के अनुसार, मौके पर कई गंभीर अनियमितताएं और अव्यवस्थाएं उजागर हुईं, जिस पर अधिकारियों ने सख्त नाराजगी व्यक्त की।प्रशासन का रुख अधिकारियों ने छात्राओं की सभी शिकायतों को गंभीरता से दर्ज कर लिया है। मौके पर पाई गई अनियमितताओं के आधार पर संबंधित अधीक्षक के विरुद्ध कड़े प्रशासनिक कदम उठाने के संकेत दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है, ताकि नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सके।वहीं, छात्राओं ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें अविलंब गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल, बिजली-पंखा और अध्ययन के लिए एक सुरक्षित तथा सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

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