कटनी: बड़वारा में राजनीतिक रंजिश के चलते कांग्रेस नेता व समाजसेवी राघवेंद्र सिंह पर धारदार हथियारों से जानलेवा हमला, हालत नाजुक; क्षेत्र में आक्रोश

बड़वारा (कटनी) मध्य प्रदेश के कटनी जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रोहनिया से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। राजनीतिक रंजिश के चलते क्षेत्र के जाने-माने समाजसेवी एवं कांग्रेस नेता राघवेंद्र सिंह पर कुछ असामाजिक तत्वों ने धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ जानलेवा हमला कर दिया। हमले में राघवेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस वारदात के बाद से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और स्थानीय निवासियों तथा समर्थकों में भारी आक्रोश है।

मित्र के घर रोहनिया गए थे राघवेंद्र, घात लगाकर किया गया हमलामिली जानकारी के अनुसार, राघवेंद्र सिंह अपने मित्र कुलदीप सोनी से मिलने उनके निवास ग्राम रोहनिया पहुंचे थे। इसी दौरान राजनीतिक रंजिश और पुरानी खुन्नस को लेकर आरोपी प्रदीप, रामकिशोर एवं नंदनी कचेर वहां आ धमके। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपियों ने पूरी योजना के तहत राघवेंद्र सिंह पर धारदार हथियारों से हमला बोल दिया। अचानक हुए इस हमले में वे गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान अवस्था में जमीन पर गिर पड़े।

प्राथमिक उपचार के बाद हालत बेहद चिंताजनकवारदात के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और साथियों की मदद से लहूलुहान अवस्था में राघवेंद्र सिंह को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बड़वारा पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन अत्यधिक खून बह जाने और शरीर पर गंभीर चोटें होने के कारण उनकी स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों द्वारा स्थिति को देखते हुए उन्हें उच्च स्तरीय इलाज के लिए रेफर किए जाने की तैयारी की जा रही है।

पुलिस जांच में जुटी, आरोपियों की तलाश में दबिशघटना की सूचना मिलते ही बड़वारा पुलिस बल तुरंत मौके पर और अस्पताल पहुंचा। पुलिस ने पीड़ित पक्ष के बयान दर्ज कर मुख्य आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला राजनीतिक रंजिश और आपसी विवाद से जुड़ा नजर आ रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।

बड़वारा क्षेत्र में तनाव, सुरक्षा बल तैनात एक प्रमुख समाजसेवी और सक्रिय कांग्रेस नेता पर हुए इस तरह के दुस्साहसिक हमले की खबर फैलते ही बड़वारा और आसपास के इलाकों में लोगों की भारी भीड़ जमा होने लगी है। राजनीतिक रंजिश के एंगल से मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।

ढीमरखेड़ा की ग्राम पंचायत कोठी में बड़ा घपला: बिना सड़क बनाए डकार गए ₹90 हजार, कागजों पर दौड़ पड़ीं गाड़ियां

ढीमरखेड़ाजनपद पंचायत ढीमरखेड़ा अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कोठी में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट का एक गंभीर मामला सामने आया है। पंचायत प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों की कथित सांठगांठ से धरातल पर बिना एक भी पत्थर रखे कागजों में सड़क का निर्माण पूरा कर दिया गया और 90 हजार रुपये की राशि आहरित (निकाल) ली गई। इस भ्रष्टाचार का खुलासा होने के बाद से ही क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।कागजों में सड़क तैयार, धरातल पर सन्नाटाविभाग से प्राप्त आधिकारिक जानकारी और शासकीय पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार, ग्राम पंचायत कोठी में सड़क निर्माण कार्य के लिए कुल ₹1,50,000 (एक लाख पचास हजार रुपये) की राशि स्वीकृत की गई थी। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि जिस स्थान के लिए राशि मंजूर हुई थी, वहां सड़क का नामोनिशान तक नहीं है।अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही का आलम यह है कि बिना कार्य कराए ही शासकीय राशि का आहरण कर लिया गया, जिससे स्थानीय ग्रामीणों ने पूरी व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।संचार एवं संकर्म समिति सभापति ने संभाला मोर्चासरकारी खजाने में हुई इस अनियमितता और घपलेबाजी को गंभीरता से लेते हुए जनपद पंचायत की संचार एवं संकर्म समिति की सभापति सुषमा छत्रपाल सिंह ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने 27 जुलाई 2026 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा को एक शिकायती पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।पत्र में उठाए गए मुख्य बिंदु:कार्य आईडी (Work ID): 82925141 के तहत सड़क निर्माण स्वीकृत हुआ था।राशि आहरण: निर्माण कार्य के नाम पर 20 जून 2023 को ₹90,000 की राशि आहरित कर ली गई।जमीनी स्थिति: स्वीकृत स्थल पर आज तक सड़क निर्माण का कार्य शुरू ही नहीं हुआ।निष्पक्ष जांच और एफआईआर की मांगसभापति सुषमा छत्रपाल सिंह ने अपने पत्र में मांग की है कि इस कार्य से संबंधित:कार्य की वास्तविक प्रगति स्थिति,मेजरमेंट बुक (MB),बिल-वाउचर एवं राशि के उपयोग से जुड़े तमाम अभिलेखों की सूक्ष्मता से जांच कराई जाए।उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में राशि के दुरुपयोग या वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाए और गबन की गई राशि की वसूली कर तत्काल धरातल पर सड़क का निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।

ढीमरखेड़ा: शासकीय जनजाति कन्या छात्रावास में अधिकारियों का औचक निरीक्षण, बदहाली पर फूटा छात्राओं का गुस्सा

एसडीएम, बीईओ और बीआरसी ने संयुक्त रूप से किया निरीक्षण, अभिलेखों में मिलीं भारी अनियमितताएं।छात्राओं के आरोप: महीनों से बंद हैं रोटियां, गर्मी में पंखा चलाने पर पाबंदी; अधीक्षक पर लगा मानसिक उत्पीड़न का आरोप।प्रशासनिक अधिकारियों ने सख्त कार्रवाई के दिए संकेत, उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही रिपोर्ट।ढीमरखेड़ा। शासकीय वीरांगना रानी दुर्गावती अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास, ढीमरखेड़ा में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) निधि गोहल, विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) अभय जैन और बीआरसी प्रेम कोरी ने संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छात्रावास की बदहाली और अधीक्षक की मनमानी से परेशान छात्राओं का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने अधिकारियों के समक्ष अपनी आपबीती सुनाई।गुणवत्ताहीन भोजन और सुविधाओं का घोर अभाव छात्राओं ने अधिकारियों को बताया कि छात्रावास में निर्धारित मेन्यू का पालन बिल्कुल नहीं किया जा रहा है। पिछले कई महीनों से रोटियां पूरी तरह बंद हैं और भोजन के नाम पर दोनों समय केवल चावल और पानी जैसी पतली सब्जी दी जाती है। जब छात्राओं ने रोटियों की मांग की, तो अधीक्षक द्वारा “रोटी खानी है तो खुद बनाओ” कहकर उन्हें टाल दिया गया। नाश्ते में भी केवल मुरमुरा देकर औपचारिकता पूरी की जा रही है।इसके अलावा, भीषण गर्मी के बावजूद छात्राओं को कमरे में पंखा चलाने की अनुमति नहीं दी जाती, जिससे उनकी पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। दूसरी ओर, अधीक्षक स्वयं अपने कक्ष में एसी (AC) का उपयोग करती हैं।छात्राओं से मजदूरी और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोपछात्राओं ने आरोप लगाया कि छात्रावास परिसर में नियमित रूप से झाड़ू-पोछा और अन्य घरेलू कार्य उन्हीं से कराए जाते हैं। विरोध करने या शिकायत करने पर उन्हें छात्रावास से बाहर निकालने की धमकी दी जाती है। छात्राओं का कहना है कि पूर्व में भी कई नियमित छात्राओं को बिना किसी ठोस कारण के निष्कासित कर दिया गया था, जिससे छात्रावास में डर का माहौल बना हुआ है।जांच में खुली पोल, प्रशासनिक कार्रवाई तय संयुक्त निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने छात्रावास के अभिलेखों की सूक्ष्मता से जांच की और भोजन की गुणवत्ता का भौतिक सत्यापन किया। सूत्रों के अनुसार, मौके पर कई गंभीर अनियमितताएं और अव्यवस्थाएं उजागर हुईं, जिस पर अधिकारियों ने सख्त नाराजगी व्यक्त की।प्रशासन का रुख अधिकारियों ने छात्राओं की सभी शिकायतों को गंभीरता से दर्ज कर लिया है। मौके पर पाई गई अनियमितताओं के आधार पर संबंधित अधीक्षक के विरुद्ध कड़े प्रशासनिक कदम उठाने के संकेत दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है, ताकि नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सके।वहीं, छात्राओं ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें अविलंब गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल, बिजली-पंखा और अध्ययन के लिए एक सुरक्षित तथा सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

error: Content is protected !!