अम्बेडकर चौक चौधरी मार्केट बड़वारा में गरिमामय माहौल में मनाया गया स्वतंत्रता दिवस, समाज सेवी जय सूर्यवंशी ने किया ध्वजारोहण

बड़वारा। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर बड़वारा स्थित अम्बेडकर चौक, चौधरी मार्केट में स्वतंत्रता दिवस अत्यंत उत्साह, राष्ट्रभक्ति और गरिमामय माहौल में धूमधाम से मनाया गया।

​समारोह के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद प्रख्यात समाज सेवी जय सूर्यवंशी ने सम्मानीय नागरिकों की उपस्थिति में पूर्ण विधि-विधान और राष्ट्रभक्ति के साथ ध्वजारोहण किया। राष्ट्रध्वज फहराए जाने के उपरांत उपस्थित अपार जनसमूह ने एक स्वर में राष्ट्रगान गाकर तिरंगे को सलामी दी, जिससे पूरा परिसर ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। इसके पश्चात संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए।

​ध्वजारोहण के उपरांत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाज सेवी जय सूर्यवंशी ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि “आजादी का यह पर्व हमें समाज में एकता, बंधुत्व और सामाजिक समरसता को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। हमें मिलकर अपने क्षेत्र और देश की उन्नति के लिए निरंतर प्रयासरत रहना होगा।”

​इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, व्यापारी संघ के सदस्य, युवा वर्ग और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों के बीच मिठाई का वितरण कर स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी गईं।

बरही में गूंजा जीत का शंखनाद: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 दिनों से जारी आंदोलन समाप्त, जननायक राज भैया संग युवाओं ने मनाया जश्न

बरही (कटनी)।केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर युवा जननायक राज भैया के नेतृत्व में पिछले 10 दिनों से चल रहा जन-आंदोलन आज आखिरकार ऐतिहासिक जीत के साथ समाप्त हो गया। आंदोलन की सफलता के बाद पूरे बरही नगर में जीत के जश्न का माहौल रहा और चारों तरफ युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।सड़कों पर उतरा युवाओं का हुजूम, आतिशबाजी और मिठाइयों से गूंजा नगरआंदोलन समाप्त होने की घोषणा के साथ ही बरही नगर में विजय जुलूस निकाला गया। युवाओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और गले लगाकर जीत की बधाइयां दीं। इस दौरान पूरा नगर आतिशबाजी के धमाकों और “युवा एकता ज़िंदाबाद” के नारों से गुंजायमान हो उठा।जननायक राज भैया ने युवाओं का जताया आभारजीत के जश्न के बीच युवा जननायक राज भैया ने उपस्थित जनसैलाब को संबोधित करते हुए कहा कि यह किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि संघर्षरत युवाओं के एकजुट प्रयास, धैर्य और सत्य की जीत है। उन्होंने बेहद आत्मीयता से बातचीत करते हुए युवाओं का हौसला बढ़ाया और कहा, “10 दिनों का यह कठिन संघर्ष साबित करता है कि जब युवा शक्ति अपने अधिकारों और न्याय के लिए एकजुट होती है, तो उसे कोई रोक नहीं सकता।”नगर में उत्सव जैसा माहौल बरही के मुख्य चौराहों और बाजारों में दिनभर उत्सव जैसा माहौल बना रहा। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने भी युवाओं के इस संघर्ष और सफलता की सराहना की। युवाओं का कहना है कि राज भैया के कुशल नेतृत्व में मिला यह समर्थन उनके आंदोलन की असली ताकत बना।सोशल मीडिया पोस्ट/कैप्शन के लिए छोटा वर्जन: जीत की हुंकार, युवा शक्ति की जयकार! धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर युवा जननायक राज भैया के नेतृत्व में 10 दिनों से चल रहा उग्र प्रदर्शन आज ऐतिहासिक जीत के साथ समाप्त हुआ। बरही नगर में चारों तरफ जश्न का माहौल है! राज भैया ने सभी साथी युवाओं के साथ मीठी बातचीत कर जीत की खुशियां बांटी और युवाओं के अटूट संघर्ष को नमन किया।

कटनी में फूटा छात्रों और युवाओं का गुस्सा: NEET धांधली के विरोध में सड़क पर उतरे,

कटनी (मध्य प्रदेश): नीट (NEET-UG) परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक के आरोपों को लेकर देशभर में जारी आक्रोश की आंच कटनी जिले में भी साफ देखने को मिल रही है। परीक्षा में हुई भारी गड़बड़ी से नाराज छात्रों, अभिभावकों और स्थानीय युवा संगठनों ने एकजुट होकर शहर के कचहरी चौक स्थित फर्स्ट प्ले ग्राउंड पर एकत्र होकर एक विशाल विरोध प्रदर्शन किया।

​प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित युवाओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उनसे तुरंत इस्तीफे की मांग उठाई।

प्रदर्शन की प्रमुख बातें और मांगें:

  • कचहरी चौक पर जोरदार प्रदर्शन: कचहरी चौक के फर्स्ट प्ले ग्राउंड में एकत्र हुए छात्र-छात्राओं और युवा नेताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर परीक्षा व्यवस्था में हुई धांधली के खिलाफ अपना विरोध जताया।
  • शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग: प्रदर्शनकारियों का कहना था कि देश के लाखों होनहार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है। इसलिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है और उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।
  • दोषियों पर सख्त कार्रवाई और CBI जांच: छात्रों ने मांग उठाई कि पेपर लीक और धांधली में शामिल सभी आरोपियों व सॉल्वर गिरोहों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
  • पुनः निष्पक्ष परीक्षा का आयोजन: प्रदर्शन कर रहे युवाओं का कहना था कि मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के साथ न्याय तभी होगा जब पूरी पारदर्शिता के साथ दोबारा NEET परीक्षा आयोजित कराई जाएगी।

प्रदर्शनकारियों का रुख:

​”लाखों बच्चों की सालों की दिन-रात की मेहनत को इस धांधली ने बर्बाद कर दिया है। जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते और सभी दोषियों को जेल नहीं भेजा जाता, तब तक हमारा यह आंदोलन जारी रहेगा।”

स्थानीय छात्र प्रतिनिधि

बड़ी ख़बर: NEET विवाद और छात्र प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा

नई दिल्ली: नीट (NEET-UG) परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और देश भर में जारी भारी छात्र विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक आधिकारिक पत्र जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना त्यागपत्र भेजने की जानकारी दी। इस्तीफे की मुख्य वजहें और पत्र की बड़ी बातें:छात्रों के भविष्य की चिंता: धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र में लिखा कि देश के युवा राष्ट्र की असली ताकत हैं। वे नहीं चाहते कि किसी भी छात्र का भविष्य कानूनी उलझनों या राजनीतिक भ्रम के जाल में फंसे। विरोधी ताकतों से बचाव: उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में बन रहे माहौल का कोई देश-विरोधी तत्व फायदा न उठा सके और देश की एकता बनी रहे, इसी सोच के साथ उन्होंने पद छोड़ने का फैसला लिया है। नैतिक जिम्मेदारी: 3 मई को आयोजित हुई NEET-UG परीक्षा में धांधली की बात सामने आने के बाद से ही उन्होंने इस स्थिति की नैतिक जिम्मेदारी ली और जांच CBI को सौंपते हुए परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने का फैसला किया था। प्रधानमंत्री का आभार: उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मार्गदर्शन और अवसर देने के लिए आभार व्यक्त किया तथा कहा कि देश सेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी। क्या था मामला?NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक और धांधली के आरोपों के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर समेत देश के कई हिस्सों में छात्रों और विभिन्न संगठनों का जोरदार प्रदर्शन चल रहा था। प्रदर्शनकारी लंबे समय से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए थे। लगातार बढ़ते दबाव और छात्रों के जारी आंदोलन के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने अपने 4 दशक लंबे सार्वजनिक जीवन और शिक्षा सुधारों के अनुभव का हवाला देते हुए अंततः पद छोड़ने का ऐलान कर दिया।

कटनी: खरखरी अमुवारी के सरकारी स्कूल में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी का आरोप, केंद्र सरकार तक पहुंची शिकायत

कटनी (विजयराघवगढ़)।जिले के विजयराघवगढ़ विकासखंड के अंतर्गत आने वाले शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय, खरखरी अमुवारी का एक गंभीर मामला सामने आया है। स्कूल में कथित वित्तीय अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी की शिकायत सीधे केंद्रीय स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता मंत्रालय के जन-शिकायत पोर्टल पर दर्ज कराई गई है। मामले में उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।रिश्वत न देने पर नौकरी से हटाने का आरोप प्राप्त जानकारी के अनुसार, विद्यालय में लंबे समय से कार्यरत अनुसूचित जाति वर्ग की महिला कर्मचारी रानी बाई दहिया को बिना किसी स्पष्ट अथवा कानूनी कारण के सेवा से पृथक कर दिया गया। शिकायत में विद्यालय के शिक्षक भूपत भारती पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि उन्होंने महिला कर्मचारी को पुनः बहाल करने के एवज में पैसों की मांग की थी। आरोप है कि राशि देने में असमर्थता जताने पर न केवल उन्हें काम पर वापस लेने से मना कर दिया गया, बल्कि उनके परिवार पर बच्चों का ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) कटवाकर स्कूल छुड़वाने का दबाव भी बनाया गया।ग्रामीणों में रोष, निष्पक्ष जांच की मांग मामला सामने आने के बाद शिकायतकर्ता कन्हैया लाल ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ स्कूल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रशासनिक एवं शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से इस पूरे घटनाक्रम पर तत्काल संज्ञान लेने का अनुरोध किया है।शिकायत पत्र में मांग की गई है कि मामले की निष्पक्षता से जांच कराई जाए, दोषी कर्मचारियों पर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई हो तथा शिकायत पर की गई कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट भी सार्वजनिक की जाए।

कटनी: छात्रावास की दो छात्राओं के कथित अपहरण से हड़कंप; पुलिस जांच में जुटी

बरही (कटनी):मध्य प्रदेश के कटनी जिले के बरही थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खितौली स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस छात्रावास की दो नाबालिग छात्राओं के कथित अपहरण की खबर से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। कक्षा सातवीं में पढ़ने वाली दोनों छात्राओं ने दो अज्ञात नकाबपोश बाइक सवार युवकों पर नशीला पदार्थ सुंघाकर ले जाने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं, पुलिस मामले की जांच करते हुए इसे छात्राओं के छात्रावास से भागने की साजिश के कोण से भी देख रही है।स्कूल से अपहरण का आरोपछात्राओं के अनुसार, बुधवार को दोपहर के भोजन अवकाश (लंच ब्रेक) के दौरान वे पास की एक किराना दुकान पर गई थीं। उनका आरोप है कि इसी दौरान बाइक पर आए दो नकाबपोश युवकों ने उन्हें कुछ नशीला पदार्थ सुंघा दिया, जिससे वे बेहोश हो गईं। छात्राओं का दावा है कि जब उन्हें होश आया, तो वे बरही के मेला ग्राउंड में थीं।परिचित ऑटो चालक ने की मददछात्राओं ने बताया कि होश में आने के बाद वे किसी तरह मेला ग्राउंड से निकलकर बरही-विजयराघवगढ़ मार्ग पर पहुंचीं। वहां उन्हें एक परिचित ऑटो चालक मिला, जिसे उन्होंने आपबीती सुनाई। ऑटो चालक दोनों छात्राओं को ग्राम देवरा ले गया, जहां एक छात्रा के रिश्तेदार और ग्राम सरपंच की मदद से पुलिस को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही बरही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों छात्राओं को थाने ले आई।पहले भी मिली थी धमकी?मामले में एक नया मोड़ तब आया जब छात्राओं ने बताया कि घटना से एक दिन पहले भी दो नकाबपोश युवकों ने उन्हें धमकी दी थी। छात्राओं का दावा है कि उन्होंने इस बात की जानकारी छात्रावास में ट्यूशन पढ़ाने वाली शिक्षिका को दी थी और परिजनों को सूचित करने का आग्रह किया था।पुलिस का पक्ष:घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों के साथ-साथ पुलिस बल भी थाने पहुंच गया। बरही थाना प्रभारी ने प्रारंभिक जांच के आधार पर आशंका जताई है कि यह मामला छात्राओं द्वारा छात्रावास से भागने की साजिश भी हो सकता है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि वे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी पहलुओं और सीसीटीवी फुटेज आदि की गंभीरता से पड़ताल कर रहे हैं।

दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस का लाठीचार्ज, कई छात्र घायल, अस्पताल में भर्ती

नई दिल्ली:

देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर पुलिस कार्रवाई को लेकर बवाल मच गया है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बैनर तले अपनी मांगों को लेकर संसद की ओर रुख कर रहे छात्रों और कार्यकर्ताओं के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर रहे युवाओं को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने भारी लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।

​कई छात्र घायल, RML अस्पताल में भर्ती

​पुलिस के इस कड़े एक्शन के बाद घटनास्थल पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लाठीचार्ज में दर्जनों छात्र और प्रदर्शनकारी घायल हो गए हैं। घायलों को तुरंत पास के डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज ले जाया गया।

  • गंभीर चोटें: कई छात्रों के सिर पर चोटें आई हैं और हाथ-पैर में फ्रैक्चर की खबरें हैं।
  • वेंटिलेटर पर छात्रा: रिपोर्ट्स के मुताबिक, लाठीचार्ज के दौरान गंभीर रूप से घायल हुई एक युवा छात्रा की हालत नाजुक बनी हुई है और उसे ICU में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।

​CJP ने लगाया अमानवीयता का आरोप

​कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं ने पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि छात्र पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे थे। सरकार और पुलिस ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दी हैं।

​पुलिस का पक्ष

​दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को संसद मार्ग की ओर बढ़ने से रोका गया था। पुलिस के अनुसार, कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।

​घटना के बाद से ही इलाके में तनाव का माहौल है और सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ा दी गई है। विरोध प्रदर्शन में छात्रों के घायल होने की घटना के बाद अब यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर भारी हंगामा, पुलिस बल प्रयोग के बाद तनाव बढ़ा”

नई दिल्ली:राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों और दिल्ली पुलिस के जवानों के बीच अचानक स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग और लाठीचार्ज में कई प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबर है।घटनाक्रम: क्या हुआ जंतर-मंतर पर?प्राप्त जानकारी के अनुसार, विभिन्न मांगों को लेकर विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर धरना दे रहे थे। दोपहर के समय प्रदर्शनकारी जब अपनी मांगों को लेकर आगे बढ़ने और बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश करने लगे, तब पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया।देखते ही देखते बहस धक्का-मुक्की में बदल गई। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया और लाठीचार्ज कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने महिलाओं और बुजुर्गों सहित कई निहत्थे आंदोलनकारियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।प्रदर्शनकारियों के गंभीर आरोपआंदोलनकारियों का कहना है कि वे अपनी आवाज लोकतांत्रिक तरीके से उठा रहे थे।”हम शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रख रहे थे, लेकिन पुलिस ने बिना किसी उकसावे के जबरन लाठियां भांजना शुरू कर दिया।

कई साथियों को सिर और हाथों में गंभीर चोटें आई हैं।” — एक प्रत्यक्षदर्शी/प्रदर्शनकारीघायलों को पास के ही राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।पुलिस का पक्षघटना पर पुलिस प्रशासन की ओर से भी बयान आया है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि प्रदर्शनकारियों को बार-बार निर्धारित दायरे में रहने की हिदायत दी जा रही थी।बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश: पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़कर प्रतिबंधित क्षेत्र की तरफ बढ़ने की कोशिश की।हल्का बल प्रयोग: स्थिति बिगड़ने और पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को खतरा देखकर केवल “हल्का बल प्रयोग” किया गया।कानून-व्यवस्था का हवाला: जंतर-मंतर पर स्थिति को अब नियंत्रण में बताया जा रहा है और इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

बड़वारा में गूंजी बदलाव की आवाज: शिक्षा की शुचिता और सोनम वांगचुक के समर्थन में एक दिवसीय उपवास व धरना प्रदर्शन

बड़वारा की सड़कों पर निकली ‘पाप के घड़े’ की रैली: नायाब तहसीलदार के सामने जय सूर्यवंशी ने फोड़ा मटका, गूंजे नारे बड़वारा।शिक्षा की शुचिता, छात्र अधिकारों की रक्षा और प्रख्यात पर्यावरणविद सोनम वांगचुक के समर्थन में बड़वारा में एक दिवसीय उपवास, धरना प्रदर्शन और विशाल रैली का आयोजन किया गया। आंदोलन के दौरान जागरूक युवाओं और ग्रामीणों का भारी आक्रोश देखने को मिला, जिसने पूरे क्षेत्र का ध्यान अपनी ओर खींचा।सिर पर ‘पाप का घड़ा’ रखकर निकाली गई आक्रोश रैली आंदोलन की शुरुआत एक अनोखे और तीखे विरोध प्रदर्शन के साथ हुई। युवा नेता जय सूर्यवंशी के नेतृत्व में सैकड़ों युवाओं और ग्रामीणों ने बड़वारा की सड़कों पर एक विशाल रैली निकाली। इस रैली का मुख्य आकर्षण केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नाम का ‘पाप का घड़ा’ रहा।

कार्यकर्ता इस घड़े को सिर पर रखकर नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ रहे थे। रैली में शामिल छात्र और ग्रामीण “शिक्षा व्यवस्था में सुधार करो” और “छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” के गगनभेदी नारे लगा रहे थे।नायाब तहसीलदार के सामने फूटा गुस्सा रैली के समापन पर प्रदर्शनकारी तहसील कार्यालय पहुंचे, जहाँ देश के लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ पर तीखा हमला बोला गया। जय सूर्यवंशी ने कहा, “केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पाप का घड़ा अब पूरी तरह भर चुका है और युवा अब और शांत नहीं बैठेंगे।”अपनी बात को सिद्ध करते हुए जय सूर्यवंशी ने नायाब तहसीलदार के ठीक सामने विरोध स्वरूप उस ‘पाप के घड़े’ को पटक कर फोड़ दिया। यह दृश्य देखकर वहाँ मौजूद हर कोई दंग रह गया।

इसके बाद महामहिम राष्ट्रपति और माननीय प्रधानमंत्री के नाम नायाब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया।”हम बड़वारा बचाने निकले हैं, बड़वारा जिंदा है”उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए जय सूर्यवंशी ने कहा, “हम शिक्षा व्यवस्था में बुनियादी और क्रांतिकारी सुधार की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। आज हमने साबित कर दिया है कि बड़वारा जागरूक है।” कार्यक्रम में शामिल सैकड़ों ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने एक सुर में कहा कि “हम बड़वारा बचाने निकले हैं और बड़वारा जिंदा है, आज इस आंदोलन ने इसका सबूत दे दिया है।

“आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें:NEET पेपर लीक की उच्च-स्तरीय जांच: नीट परीक्षा मामले की निष्पक्ष और उच्च-स्तरीय जांच हो।दोषियों पर सख्त कार्रवाई: दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए धर्मेंद्र प्रधान तत्काल इस्तीफा दें।सुरक्षित प्रणाली: भविष्य की सभी परीक्षाओं के लिए पारदर्शी और लीक-प्रूफ प्रणाली लागू हो।सैकड़ों ग्रामीणों और छात्रों की उपस्थिति इस एक दिवसीय उपवास, रैली और धरने में युवाओं का भारी हुजूम उमड़ा। आंदोलन में मुख्य रूप से जय सूर्यवंशी, अरविंद सिंह, नागेंद्र अहिरवार, राघवेंद्र, ओंकार, रोहित, पंकज, अंग्रेज, सतेन्द्र सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण और विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी ने उपवास रखकर सोनम वांगचुक के आंदोलन के प्रति भी अपनी एकजुटता प्रकट की।

NEET पेपर लीक मामला:  लोगो का अनोखा प्रदर्शन, बीजेपी नेताओं की ‘आत्मिक शांति’ के लिए जलाईं मोमबत्तियाँ

बड़वारा कटनी देशभर में NEET परीक्षा में हुई कथित धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर राजनीतिक घमासान थमता नजर नहीं आ रहा है। आज बड़वारा कटनी समेत देश के विभिन्न हिस्सों में विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के खिलाफ एक अनोखा और तीखा विरोध प्रदर्शन किया।प्रदर्शनकारियों ने हाथों में मोमबत्तियाँ लेकर मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे नेताओं ने आरोप लगाया कि इस महाघोटाले में सत्ताधारी दल के नेताओं की संलिप्तता है।”नेताओं की आत्मा मर चुकी है” – प्रदर्शनकारी जय सूर्यवंशी प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं और छात्रों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था:”लाखों छात्रों के भविष्य के साथ इतना बड़ा खिलवाड़ हो गया, लेकिन सरकार और उसके नेता मूकदर्शक बने हुए हैं। ऐसा लगता है कि बीजेपी के नेताओं की अंतरात्मा मर चुकी है। आज हम यहाँ किसी शोक में नहीं, बल्कि उन नेताओं की सोई हुई और मृत आत्मा की शांति तथा उनकी सद्बुद्धि के लिए मोमबत्तियाँ जलाकर प्रार्थना कर रहे हैं।

“मुख्य बिंदु और मांगें:

सीबीआई जांच की मांग: प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष अदालती निगरानी में सीबीआई (CBI) जांच होनी चाहिए ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिल सके।छात्रों के भविष्य की चिंता: वक्ताओं ने कहा कि सालों तक दिन-रात मेहनत करने वाले होनहार छात्रों का भरोसा इस पूरी शिक्षा व्यवस्था से उठ गया है।

इस्तीफे की मांग: विपक्ष ने इस पूरे घटनाक्रम की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए संबंधित मंत्रियों के इस्तीफे की भी मांग दोहराई है।

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