नई दिल्ली: नीट (NEET-UG) परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और देश भर में जारी भारी छात्र विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक आधिकारिक पत्र जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना त्यागपत्र भेजने की जानकारी दी। इस्तीफे की मुख्य वजहें और पत्र की बड़ी बातें:छात्रों के भविष्य की चिंता: धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र में लिखा कि देश के युवा राष्ट्र की असली ताकत हैं। वे नहीं चाहते कि किसी भी छात्र का भविष्य कानूनी उलझनों या राजनीतिक भ्रम के जाल में फंसे। विरोधी ताकतों से बचाव: उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में बन रहे माहौल का कोई देश-विरोधी तत्व फायदा न उठा सके और देश की एकता बनी रहे, इसी सोच के साथ उन्होंने पद छोड़ने का फैसला लिया है। नैतिक जिम्मेदारी: 3 मई को आयोजित हुई NEET-UG परीक्षा में धांधली की बात सामने आने के बाद से ही उन्होंने इस स्थिति की नैतिक जिम्मेदारी ली और जांच CBI को सौंपते हुए परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने का फैसला किया था। प्रधानमंत्री का आभार: उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मार्गदर्शन और अवसर देने के लिए आभार व्यक्त किया तथा कहा कि देश सेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी। क्या था मामला?NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक और धांधली के आरोपों के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर समेत देश के कई हिस्सों में छात्रों और विभिन्न संगठनों का जोरदार प्रदर्शन चल रहा था। प्रदर्शनकारी लंबे समय से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए थे। लगातार बढ़ते दबाव और छात्रों के जारी आंदोलन के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने अपने 4 दशक लंबे सार्वजनिक जीवन और शिक्षा सुधारों के अनुभव का हवाला देते हुए अंततः पद छोड़ने का ऐलान कर दिया।
