बड़वारा में गूंजी बदलाव की आवाज: शिक्षा की शुचिता और सोनम वांगचुक के समर्थन में एक दिवसीय उपवास व धरना प्रदर्शन

बड़वारा की सड़कों पर निकली ‘पाप के घड़े’ की रैली: नायाब तहसीलदार के सामने जय सूर्यवंशी ने फोड़ा मटका, गूंजे नारे बड़वारा।शिक्षा की शुचिता, छात्र अधिकारों की रक्षा और प्रख्यात पर्यावरणविद सोनम वांगचुक के समर्थन में बड़वारा में एक दिवसीय उपवास, धरना प्रदर्शन और विशाल रैली का आयोजन किया गया। आंदोलन के दौरान जागरूक युवाओं और ग्रामीणों का भारी आक्रोश देखने को मिला, जिसने पूरे क्षेत्र का ध्यान अपनी ओर खींचा।सिर पर ‘पाप का घड़ा’ रखकर निकाली गई आक्रोश रैली आंदोलन की शुरुआत एक अनोखे और तीखे विरोध प्रदर्शन के साथ हुई। युवा नेता जय सूर्यवंशी के नेतृत्व में सैकड़ों युवाओं और ग्रामीणों ने बड़वारा की सड़कों पर एक विशाल रैली निकाली। इस रैली का मुख्य आकर्षण केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नाम का ‘पाप का घड़ा’ रहा।

कार्यकर्ता इस घड़े को सिर पर रखकर नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ रहे थे। रैली में शामिल छात्र और ग्रामीण “शिक्षा व्यवस्था में सुधार करो” और “छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” के गगनभेदी नारे लगा रहे थे।नायाब तहसीलदार के सामने फूटा गुस्सा रैली के समापन पर प्रदर्शनकारी तहसील कार्यालय पहुंचे, जहाँ देश के लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ पर तीखा हमला बोला गया। जय सूर्यवंशी ने कहा, “केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पाप का घड़ा अब पूरी तरह भर चुका है और युवा अब और शांत नहीं बैठेंगे।”अपनी बात को सिद्ध करते हुए जय सूर्यवंशी ने नायाब तहसीलदार के ठीक सामने विरोध स्वरूप उस ‘पाप के घड़े’ को पटक कर फोड़ दिया। यह दृश्य देखकर वहाँ मौजूद हर कोई दंग रह गया।

इसके बाद महामहिम राष्ट्रपति और माननीय प्रधानमंत्री के नाम नायाब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया।”हम बड़वारा बचाने निकले हैं, बड़वारा जिंदा है”उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए जय सूर्यवंशी ने कहा, “हम शिक्षा व्यवस्था में बुनियादी और क्रांतिकारी सुधार की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। आज हमने साबित कर दिया है कि बड़वारा जागरूक है।” कार्यक्रम में शामिल सैकड़ों ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने एक सुर में कहा कि “हम बड़वारा बचाने निकले हैं और बड़वारा जिंदा है, आज इस आंदोलन ने इसका सबूत दे दिया है।

“आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें:NEET पेपर लीक की उच्च-स्तरीय जांच: नीट परीक्षा मामले की निष्पक्ष और उच्च-स्तरीय जांच हो।दोषियों पर सख्त कार्रवाई: दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए धर्मेंद्र प्रधान तत्काल इस्तीफा दें।सुरक्षित प्रणाली: भविष्य की सभी परीक्षाओं के लिए पारदर्शी और लीक-प्रूफ प्रणाली लागू हो।सैकड़ों ग्रामीणों और छात्रों की उपस्थिति इस एक दिवसीय उपवास, रैली और धरने में युवाओं का भारी हुजूम उमड़ा। आंदोलन में मुख्य रूप से जय सूर्यवंशी, अरविंद सिंह, नागेंद्र अहिरवार, राघवेंद्र, ओंकार, रोहित, पंकज, अंग्रेज, सतेन्द्र सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण और विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी ने उपवास रखकर सोनम वांगचुक के आंदोलन के प्रति भी अपनी एकजुटता प्रकट की।

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