बरही में गूंजा जीत का शंखनाद: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 दिनों से जारी आंदोलन समाप्त, जननायक राज भैया संग युवाओं ने मनाया जश्न

बरही (कटनी)।केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर युवा जननायक राज भैया के नेतृत्व में पिछले 10 दिनों से चल रहा जन-आंदोलन आज आखिरकार ऐतिहासिक जीत के साथ समाप्त हो गया। आंदोलन की सफलता के बाद पूरे बरही नगर में जीत के जश्न का माहौल रहा और चारों तरफ युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।सड़कों पर उतरा युवाओं का हुजूम, आतिशबाजी और मिठाइयों से गूंजा नगरआंदोलन समाप्त होने की घोषणा के साथ ही बरही नगर में विजय जुलूस निकाला गया। युवाओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और गले लगाकर जीत की बधाइयां दीं। इस दौरान पूरा नगर आतिशबाजी के धमाकों और “युवा एकता ज़िंदाबाद” के नारों से गुंजायमान हो उठा।जननायक राज भैया ने युवाओं का जताया आभारजीत के जश्न के बीच युवा जननायक राज भैया ने उपस्थित जनसैलाब को संबोधित करते हुए कहा कि यह किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि संघर्षरत युवाओं के एकजुट प्रयास, धैर्य और सत्य की जीत है। उन्होंने बेहद आत्मीयता से बातचीत करते हुए युवाओं का हौसला बढ़ाया और कहा, “10 दिनों का यह कठिन संघर्ष साबित करता है कि जब युवा शक्ति अपने अधिकारों और न्याय के लिए एकजुट होती है, तो उसे कोई रोक नहीं सकता।”नगर में उत्सव जैसा माहौल बरही के मुख्य चौराहों और बाजारों में दिनभर उत्सव जैसा माहौल बना रहा। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने भी युवाओं के इस संघर्ष और सफलता की सराहना की। युवाओं का कहना है कि राज भैया के कुशल नेतृत्व में मिला यह समर्थन उनके आंदोलन की असली ताकत बना।सोशल मीडिया पोस्ट/कैप्शन के लिए छोटा वर्जन: जीत की हुंकार, युवा शक्ति की जयकार! धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर युवा जननायक राज भैया के नेतृत्व में 10 दिनों से चल रहा उग्र प्रदर्शन आज ऐतिहासिक जीत के साथ समाप्त हुआ। बरही नगर में चारों तरफ जश्न का माहौल है! राज भैया ने सभी साथी युवाओं के साथ मीठी बातचीत कर जीत की खुशियां बांटी और युवाओं के अटूट संघर्ष को नमन किया।

कटनी में फूटा छात्रों और युवाओं का गुस्सा: NEET धांधली के विरोध में सड़क पर उतरे,

कटनी (मध्य प्रदेश): नीट (NEET-UG) परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक के आरोपों को लेकर देशभर में जारी आक्रोश की आंच कटनी जिले में भी साफ देखने को मिल रही है। परीक्षा में हुई भारी गड़बड़ी से नाराज छात्रों, अभिभावकों और स्थानीय युवा संगठनों ने एकजुट होकर शहर के कचहरी चौक स्थित फर्स्ट प्ले ग्राउंड पर एकत्र होकर एक विशाल विरोध प्रदर्शन किया।

​प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित युवाओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उनसे तुरंत इस्तीफे की मांग उठाई।

प्रदर्शन की प्रमुख बातें और मांगें:

  • कचहरी चौक पर जोरदार प्रदर्शन: कचहरी चौक के फर्स्ट प्ले ग्राउंड में एकत्र हुए छात्र-छात्राओं और युवा नेताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर परीक्षा व्यवस्था में हुई धांधली के खिलाफ अपना विरोध जताया।
  • शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग: प्रदर्शनकारियों का कहना था कि देश के लाखों होनहार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है। इसलिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है और उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।
  • दोषियों पर सख्त कार्रवाई और CBI जांच: छात्रों ने मांग उठाई कि पेपर लीक और धांधली में शामिल सभी आरोपियों व सॉल्वर गिरोहों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
  • पुनः निष्पक्ष परीक्षा का आयोजन: प्रदर्शन कर रहे युवाओं का कहना था कि मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के साथ न्याय तभी होगा जब पूरी पारदर्शिता के साथ दोबारा NEET परीक्षा आयोजित कराई जाएगी।

प्रदर्शनकारियों का रुख:

​”लाखों बच्चों की सालों की दिन-रात की मेहनत को इस धांधली ने बर्बाद कर दिया है। जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते और सभी दोषियों को जेल नहीं भेजा जाता, तब तक हमारा यह आंदोलन जारी रहेगा।”

स्थानीय छात्र प्रतिनिधि

बड़ी ख़बर: NEET विवाद और छात्र प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा

नई दिल्ली: नीट (NEET-UG) परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और देश भर में जारी भारी छात्र विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक आधिकारिक पत्र जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना त्यागपत्र भेजने की जानकारी दी। इस्तीफे की मुख्य वजहें और पत्र की बड़ी बातें:छात्रों के भविष्य की चिंता: धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र में लिखा कि देश के युवा राष्ट्र की असली ताकत हैं। वे नहीं चाहते कि किसी भी छात्र का भविष्य कानूनी उलझनों या राजनीतिक भ्रम के जाल में फंसे। विरोधी ताकतों से बचाव: उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में बन रहे माहौल का कोई देश-विरोधी तत्व फायदा न उठा सके और देश की एकता बनी रहे, इसी सोच के साथ उन्होंने पद छोड़ने का फैसला लिया है। नैतिक जिम्मेदारी: 3 मई को आयोजित हुई NEET-UG परीक्षा में धांधली की बात सामने आने के बाद से ही उन्होंने इस स्थिति की नैतिक जिम्मेदारी ली और जांच CBI को सौंपते हुए परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने का फैसला किया था। प्रधानमंत्री का आभार: उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मार्गदर्शन और अवसर देने के लिए आभार व्यक्त किया तथा कहा कि देश सेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी। क्या था मामला?NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक और धांधली के आरोपों के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर समेत देश के कई हिस्सों में छात्रों और विभिन्न संगठनों का जोरदार प्रदर्शन चल रहा था। प्रदर्शनकारी लंबे समय से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए थे। लगातार बढ़ते दबाव और छात्रों के जारी आंदोलन के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने अपने 4 दशक लंबे सार्वजनिक जीवन और शिक्षा सुधारों के अनुभव का हवाला देते हुए अंततः पद छोड़ने का ऐलान कर दिया।

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