कटनी: महानदी में नहाने गए 19 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत

कटनी: महानदी में नहाने गए 19 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत, गोताखोरों ने निकाला शव
कटनी (झिंझरी)।
कटनी जिले के झिंझरी क्षेत्र से दोस्तों के साथ घूमने निकले एक 19 वर्षीय युवक की महानदी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना बड़वारा थाना क्षेत्र के चपाना ग्राम स्थित महानदी की है। पुलिस और गोताखोरों की मदद से युवक के शव को नदी से बाहर निकाला गया, जिसके बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
दोस्तों के साथ गया था घूमने, नहाते समय हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, झिंझरी निवासी संतोष चौधरी का 19 वर्षीय पुत्र ऋषि चौधरी अपने दोस्तों के साथ चपाना ग्राम के पास महानदी में घूमने गया था। गर्मी के मौसम में नदी किनारे पहुंचे युवक खुद को रोक नहीं पाए और नदी में नहाने उतर गए। इसी दौरान ऋषि ने नदी में छलांग लगाई, लेकिन वह दोबारा पानी के ऊपर नहीं आया।
सर में पत्थर लगने से हुआ हादसा, दोस्तों में मची खलबली
प्रत्यक्षदर्शियों और दोस्तों के मुताबिक, नदी में कूदते समय ऋषि का सर पानी के अंदर किसी भारी पत्थर से टकरा गया, जिससे वह अचेत होकर गहराई में चला गया। जब काफी देर तक ऋषि पानी के ऊपर नहीं आया, तो उसके दोस्तों ने चारों तरफ उसकी तलाश की। ऋषि का कहीं पता न चलने पर दोस्त घबरा गए और उन्होंने तत्काल इसकी सूचना ऋषि के परिजनों को दी।
गोताखोरों ने निकाला शव, बड़वारा अस्पताल रेफर
घटना की सूचना मिलते ही बड़वारा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। गोताखोरों ने नदी में छलांग लगाकर कड़ी मशक्कत के बाद ऋषि को ढूंढ निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
अस्पताल में घोषित किया मृत: पुलिस और परिजनों द्वारा युवक को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़वारा लाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

NEET पेपर लीक मामला:  लोगो का अनोखा प्रदर्शन, बीजेपी नेताओं की ‘आत्मिक शांति’ के लिए जलाईं मोमबत्तियाँ

बड़वारा कटनी देशभर में NEET परीक्षा में हुई कथित धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर राजनीतिक घमासान थमता नजर नहीं आ रहा है। आज बड़वारा कटनी समेत देश के विभिन्न हिस्सों में विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के खिलाफ एक अनोखा और तीखा विरोध प्रदर्शन किया।प्रदर्शनकारियों ने हाथों में मोमबत्तियाँ लेकर मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे नेताओं ने आरोप लगाया कि इस महाघोटाले में सत्ताधारी दल के नेताओं की संलिप्तता है।”नेताओं की आत्मा मर चुकी है” – प्रदर्शनकारी जय सूर्यवंशी प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं और छात्रों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था:”लाखों छात्रों के भविष्य के साथ इतना बड़ा खिलवाड़ हो गया, लेकिन सरकार और उसके नेता मूकदर्शक बने हुए हैं। ऐसा लगता है कि बीजेपी के नेताओं की अंतरात्मा मर चुकी है। आज हम यहाँ किसी शोक में नहीं, बल्कि उन नेताओं की सोई हुई और मृत आत्मा की शांति तथा उनकी सद्बुद्धि के लिए मोमबत्तियाँ जलाकर प्रार्थना कर रहे हैं।

“मुख्य बिंदु और मांगें:

सीबीआई जांच की मांग: प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष अदालती निगरानी में सीबीआई (CBI) जांच होनी चाहिए ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिल सके।छात्रों के भविष्य की चिंता: वक्ताओं ने कहा कि सालों तक दिन-रात मेहनत करने वाले होनहार छात्रों का भरोसा इस पूरी शिक्षा व्यवस्था से उठ गया है।

इस्तीफे की मांग: विपक्ष ने इस पूरे घटनाक्रम की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए संबंधित मंत्रियों के इस्तीफे की भी मांग दोहराई है।

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