कटनी: खरखरी अमुवारी के सरकारी स्कूल में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी का आरोप, केंद्र सरकार तक पहुंची शिकायत

कटनी (विजयराघवगढ़)।जिले के विजयराघवगढ़ विकासखंड के अंतर्गत आने वाले शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय, खरखरी अमुवारी का एक गंभीर मामला सामने आया है। स्कूल में कथित वित्तीय अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी की शिकायत सीधे केंद्रीय स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता मंत्रालय के जन-शिकायत पोर्टल पर दर्ज कराई गई है। मामले में उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।रिश्वत न देने पर नौकरी से हटाने का आरोप प्राप्त जानकारी के अनुसार, विद्यालय में लंबे समय से कार्यरत अनुसूचित जाति वर्ग की महिला कर्मचारी रानी बाई दहिया को बिना किसी स्पष्ट अथवा कानूनी कारण के सेवा से पृथक कर दिया गया। शिकायत में विद्यालय के शिक्षक भूपत भारती पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि उन्होंने महिला कर्मचारी को पुनः बहाल करने के एवज में पैसों की मांग की थी। आरोप है कि राशि देने में असमर्थता जताने पर न केवल उन्हें काम पर वापस लेने से मना कर दिया गया, बल्कि उनके परिवार पर बच्चों का ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) कटवाकर स्कूल छुड़वाने का दबाव भी बनाया गया।ग्रामीणों में रोष, निष्पक्ष जांच की मांग मामला सामने आने के बाद शिकायतकर्ता कन्हैया लाल ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ स्कूल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रशासनिक एवं शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से इस पूरे घटनाक्रम पर तत्काल संज्ञान लेने का अनुरोध किया है।शिकायत पत्र में मांग की गई है कि मामले की निष्पक्षता से जांच कराई जाए, दोषी कर्मचारियों पर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई हो तथा शिकायत पर की गई कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट भी सार्वजनिक की जाए।

बड़वारा में 12 टायर फ्यूल कंपनियों के प्रदूषण से हाहाकार: तहसीलदार को कई बार ज्ञापन देने के बाद भी प्रशासन मौन

बड़वारा में 12 टायर फ्यूल कंपनियों के प्रदूषण से हाहाकार: तहसीलदार को कई बार ज्ञापन देने के बाद भी प्रशासन मौनबड़वारा (कटनी) | विशेष समाचारजनपद पंचायत बड़वारा क्षेत्र में संचालित 12 टायर आधारित ईंधन तेल निर्माण इकाइयों द्वारा फैलाए जा रहे भयंकर प्रदूषण से स्थानीय जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। सामाजिक कार्यकर्ता जय सूर्यवंशी द्वारा इस गंभीर मुद्दे पर तहसीलदार महोदय को कई बार औपचारिक ज्ञापन सौंपा जा चुका है, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही का आलम यह है कि लगातार शिकायतों के बावजूद अब तक इन कंपनियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।प्रशासनिक उदासीनता के कारण दूसरे राज्यों से आई ये टायर कंपनियाँ बेखौफ होकर अपना कारोबार चला रही हैं, जिससे बड़वारा के हज़ारों ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर सीधा हमला हो रहा है।ज़हरीले धुएँ से बुज़ुर्ग और बच्चे परेशानइन इकाइयों में पुराने टायरों को जलाकर तेल निकाला जाता है। इस प्रक्रिया से निकलने वाले काले धुएँ, सल्फर और तीव्र दुर्गंध से लोगों को सांस लेने में भारी तकलीफ हो रही है। ग्रामीणों में अस्थमा और श्वसन संबंधी बीमारियां तेज़ी से फैल रही हैं, साथ ही फसलों पर काली राख जमने से कृषि को भी भारी नुकसान पहुँच रहा है।

इन 12 इकाइयों पर उठ रहे सवाल:

एम/एस अक्षर एनर्जीएम/

एस श्री राम फ्यूल इंडस्ट्रीजएम/

एस अहिंसा लुब्रिकेट्सएम/

एस श्रीनाथ फ्यूलएम/

एस गुनसागर प्रो. फ्यूलएम

/एस श्री श्याम प्रो. फ्यूलएम/

एस एस आर एम कार्बो फ्यूल्सएम

/एस सदाशिव फ्यूल कंपनीएम

/एस विहान फ्यूलएम/

एस एस आर एम एस फ्यूल कंपनीएम

/एस श्री खंडल माता जी एनर्जी एण्ड फ्यूल्सएम/

एस गजलक्ष्मी इंडस्ट्रीजउग्र आंदोलन की चेतावनीजय सूर्यवंशी एवं क्षेत्रीय नागरिकों ने स्पष्ट कहा है कि ज्ञापन देने के बावजूद यदि प्रशासन ने इन कंपनियों की पर्यावरणीय स्वीकृतियों (NOC) की उच्च स्तरीय जांच नहीं कराई और नियम उल्लंघन पर इन्हें सील नहीं किया, तो बड़वारा की जनता सड़कों पर उतरकर व्यापक जन-आंदोलन करेगी।

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