बड़वारा में 12 टायर फ्यूल कंपनियों के प्रदूषण से हाहाकार: तहसीलदार को कई बार ज्ञापन देने के बाद भी प्रशासन मौनबड़वारा (कटनी) | विशेष समाचारजनपद पंचायत बड़वारा क्षेत्र में संचालित 12 टायर आधारित ईंधन तेल निर्माण इकाइयों द्वारा फैलाए जा रहे भयंकर प्रदूषण से स्थानीय जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। सामाजिक कार्यकर्ता जय सूर्यवंशी द्वारा इस गंभीर मुद्दे पर तहसीलदार महोदय को कई बार औपचारिक ज्ञापन सौंपा जा चुका है, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही का आलम यह है कि लगातार शिकायतों के बावजूद अब तक इन कंपनियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।प्रशासनिक उदासीनता के कारण दूसरे राज्यों से आई ये टायर कंपनियाँ बेखौफ होकर अपना कारोबार चला रही हैं, जिससे बड़वारा के हज़ारों ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर सीधा हमला हो रहा है।ज़हरीले धुएँ से बुज़ुर्ग और बच्चे परेशानइन इकाइयों में पुराने टायरों को जलाकर तेल निकाला जाता है। इस प्रक्रिया से निकलने वाले काले धुएँ, सल्फर और तीव्र दुर्गंध से लोगों को सांस लेने में भारी तकलीफ हो रही है। ग्रामीणों में अस्थमा और श्वसन संबंधी बीमारियां तेज़ी से फैल रही हैं, साथ ही फसलों पर काली राख जमने से कृषि को भी भारी नुकसान पहुँच रहा है।

इन 12 इकाइयों पर उठ रहे सवाल:
एम/एस अक्षर एनर्जीएम/
एस श्री राम फ्यूल इंडस्ट्रीजएम/
एस अहिंसा लुब्रिकेट्सएम/
एस श्रीनाथ फ्यूलएम/
एस गुनसागर प्रो. फ्यूलएम
/एस श्री श्याम प्रो. फ्यूलएम/
एस एस आर एम कार्बो फ्यूल्सएम
/एस सदाशिव फ्यूल कंपनीएम
/एस विहान फ्यूलएम/
एस एस आर एम एस फ्यूल कंपनीएम
/एस श्री खंडल माता जी एनर्जी एण्ड फ्यूल्सएम/
एस गजलक्ष्मी इंडस्ट्रीजउग्र आंदोलन की चेतावनीजय सूर्यवंशी एवं क्षेत्रीय नागरिकों ने स्पष्ट कहा है कि ज्ञापन देने के बावजूद यदि प्रशासन ने इन कंपनियों की पर्यावरणीय स्वीकृतियों (NOC) की उच्च स्तरीय जांच नहीं कराई और नियम उल्लंघन पर इन्हें सील नहीं किया, तो बड़वारा की जनता सड़कों पर उतरकर व्यापक जन-आंदोलन करेगी।
