दहेज हत्या का प्रकरण दर्ज

जबलपुर के तिलवारा क्षेत्र में 27 अक्टूबर को एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। पीड़िता की माँ ने पति और 3 अन्य व्यक्तियों के खिलाफ दहेज हत्या की शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस ने पति सहित चारों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया है।
नगर पुलिस अधीक्षक गढ़ा आशीष जैन ने जानकारी दी कि तिलवारा थाना में साई मोटर्स के सामने की घटना में मुस्कान पटेल ने फांसी लगा ली। परिजनों ने उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज पहुँचाया। जब पुलिस मेडिकल कॉलेज में पहुंची, तो श्रीमती संध्या पटेल, जो 35 वर्षीय हैं और ग्राम जोधपुर पड़ाव की निवासी हैं, ने बताया कि उनकी बेटी कु. मुस्कान पटेल, उम्र 23 वर्ष, ने लगभग दो वर्ष पहले सगड़ा निवासी राकेश राजपूत के साथ प्रेम विवाह किया था। 27 अक्टूबर को, सगड़ा निवासी गोल्डी राजपूत ने फोन कर बताया कि मुस्कान ने फांसी लगा ली है। वह अपने पति के साथ मेडिकल अस्पताल पहुँचीं और देखा कि मुस्कान केजुल्टी में स्ट्रेचर पर मृत अवस्था में पड़ी हुई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की।
मर्ग जांच के दौरान मृतिका के परिवार के सदस्यों से बयान लिए गए। जिनसे पता चला कि मुस्कान पटेल एवं राकेश राजपूत के बीच प्रेम संबंध थे और वे एक-दूसरे के घर आते-जाते थे। दोनों ने मंदिर में विवाह किया था। विवाह के बाद मुस्कान अपने पति के साथ ससुराल में रहने लगी थी और उनका एक 09 माह का पुत्र भी था। शादी के बाद से मुस्कान को पति राकेश, ससुर राजेश, सास सुंदरबती एवं शिवबती बाई तथा जेठ कुंवर सिंह उर्फ गोल्डी द्वारा अपने मायके से फ्रिज, कूलर और अन्य घरेलू सामग्री, खाद्य सामग्री तथा पैसे लाने के लिए कहा जाता था। न लाने पर उसे सताया और प्रताड़ित किया जाता था तथा खाना पीना भी नहीं दिया जाता था। ससुराल से तंग होकर, मुस्कान अपने पति के साथ लम्हेटा रोड सगड़ा में दुर्गा मंदिर के पास किराए पर रहने लगी थी। लेकिन ससुर, दोनों सासें और जेठ किराए के मकान में आकर उसे मायके से अपूर्ण वस्तुएं लाने को कहते थे और न लाने पर परेशान करते थे, जिसमें पति राकेश भी मदद करता था। मुस्कान ने ये सभी बातें अपनी माँ को बताई थीं और उसके भाई साहिल पटेल द्वारा मृतिका के खाते में एक लाख रुपये जमा कराना बताया गया था।ससुर राजेश राजपूत, सास सुंदरबती और शिवबती बाई, जेठ कुंवर सिंह, जिसे गोल्डी राजपूत के नाम से जाना जाता है, तथा पति राकेश राजपूत ने मुस्कान से दहेज के रूप में घरेलू सामान और पैसे की मांग की। जब मुस्कान ने उनकी मांगें पूरी नहीं की, तो उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। इस लगातार पीड़ा से तंग आकर मुस्कान पटेल ने अपने किराए के आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में आरोपी पति राकेश राजपूत, ससुर राजेश राजपूत, सास सुंदरबती तथा शिवबती बाई और जेठ कुंवर सिंह उर्फ गोल्डी राजपूत के खिलाफ थाना तिलवारा में धारा 80(2), -3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया। सभी आरोपितों, जिनका निवास मं. नं. 934 सांई मोटर्स के सामने सगड़ा थाना तिलवारा है, को हिरासत में लिया गया और मामले की जांच शुरू की गई।

सिजेंहरा गांव में महिला की मौत

कटनी। बरही थाना क्षेत्र की ग्राम सिजेंहरा में 32 वर्षीय प्रियंका प्रजापति की जहरीले पदार्थ का सेवन करने से मृत्यु हो गई। इस घटना के पश्चात, परिवार के सदस्यों ने ससुराल वालों पर गंभीर उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।
मृतक की भाई ओमकार प्रजापति के मुताबिक, प्रियंका के सास-ससुर तथा उनके अन्य परिवार वाले उसे लंबे समय से प्रताड़ित कर रहे थे, जिससे वह मानसिक रूप से बहुत परेशान हो गई थी।
पुलिस ने महिला के शव का पोस्टमार्टम कराकर मर्ग प्रकरण दर्ज करते हुए जांच आरंभ की है। आरोपों की पुष्टि के लिए ससुराल पक्ष के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।

Ballia News घरवालों ने बुलाकर कर दी बेरहमी से हत्या, रेलवे ट्रैक पर फेंका सिर

बलिया: एक युवती को प्रेम विवाह के कारण भारी कीमत चुकानी पड़ी। उसके चाचा और भाई ही उसके कातिल निकले। भाई ने अपने चाचा के साथ मिलकर पहले अपनी बहन का गला दबाकर हत्या की और फिर रेलवे ट्रैक पर धारदार औजार से उसका गला काटकर धड़ से अलग कर दिया। यूपी के बलिया में एक रेलवे ट्रैक पर एक सिर कटी महिला का शव मिलने की घटना में पुलिस ने एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने हत्या की आशंका व्यक्त की थी। जांच के दौरान अभियुक्त के पास से हत्या में उपयोग किया गया एक चाकू भी बरामद किया गया है।
यह जानकारी दी गई है कि 18 नवम्बर को बैरिया थाने की पुलिस को सूचित किया गया था कि बकुलहा रेलवे ट्रैक के निकट एक अज्ञात महिला का सिर कटा शव पड़ा है। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव का विधिप्रोरूप से पंचायतनामा तैयार किया गया। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी बलिया तथा क्षेत्राधिकारी बैरिया के साथ मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान शव के आसपास पड़े कपड़ों, आधार कार्ड और अन्य साक्ष्यों को देखकर पहचान के प्रयास किए जा रहे थे।
जांच के दौरान यह पता चला कि अभिषेक यादव, जो सुनील कुमार यादव का पुत्र है, की मृतिका प्रीती के साथ प्रेम संबंध थे। अभिषेक यादव के पिता ने यह बताया कि उसके बेटे का गांव फत्तेराय की निवासी प्रीती के साथ प्रेम संबंध था और दोनों ने 30 सितम्बर को भागकर शादी कर ली।
शादी के बाद दोनों ने पति-पत्नी की तरह रहना शुरू कर दिया। बाद में युवती के परिवार वाले उस पर दबाव बनाने लगे कि मामला एक ही जाति और बिरादरी का है। हम लोग आपस में रिश्तेदार भी हैं। दोनों बच्चों को बुला लीजिए। हम सामाजिक रीति-रिवाज से शादी कर देंगे। यह बताया गया कि उन लोगों की बातों में आकर, अभिषेक ने युवती को 14 नवम्बर को वापस लाया और फिर 16 नवम्बर को रात करीब 10.30 बजे मैं और मेरा चचेरा भाई युवती को उसके चाचा अशोक यादव के फत्तेराय टोले के स्कूल में लेकर गए, जहां हमने उसे उसके चाचा अशोक और भाई पिन्टू यादव को सौंप दिया। उसके बाद हम घर लौट गए और मैंने फोन का इंतजार करना शुरू किया कि वे शादी की तारीख बताएं।
कुछ दिनों तक उन लोगों से कोई फोन नहीं आया और फिर मुझे समाचार पत्रों तथा लोगों से पता चला कि बकुल्हा के पास एक शव पाया गया। इससे मुझे कुछ संदेह हुआ। चूंकि बकुल्हा गांव फत्तेराय के करीब है, मैंने उन लोगों से संपर्क करके प्रीती के बारे में जानकारी लेनी चाही, तो वे मुझे उल्टा धमकाने लगे और फंसाने की चेतावनी देने लगे। मैंने पुलिस को बताया कि मुझे पूरा विश्वास है कि प्रीती के चाचा अशोक यादव और प्रीती के भाई पिन्टू यादव ने उसकी हत्या करके सबूत मिटा दिए हैं। मामले के संदर्भ में पुलिस ने 457/2025 धारा 103(1)/351(3)/238(a) B.N.S के तहत एक मुकदमा दर्ज किया और जांच में लग गई थी। 23 नवंबर को मुखबिर की सूचना के आधार पर, अभियुक्त आर्या कुमार यादव उर्फ पिन्टू यादव को पुरानी रेलवे क्रॉसिंग के निकट पुलिस ने पकड़ लिया। उसके पास से एक चाकू प्राप्त हुआ, जिसकी लंबाई 17 सेमी और चौड़ाई 03 सेमी थी।
पुलिस पूछताछ के दौरान आर्या ने खुलासा किया कि उसकी बहन प्रीती यादव को उसके चाचा अशोक ने पकड़ा था। उसने अपनी पूरी ताकत लगाकर उसका गला दबा दिया, जिसके बाद प्रीती का शरीर शांत हो गया और वह मर गई। थोड़ी देर बाद, उसने और उसके चाचा ने प्रीती की लाश को एक कम्बल में लपेटा और रात में उसे इसी अपाचे मोटरसाइकिल पर रखकर रेलवे ट्रैक के पास एक अलग-थलग जगह ले गए। वहां, जहां रेलवे ट्रैक के आस-पास पानीका जमाव था, उन्होंने मिलकर उसी चाकू से उसकी गर्दन काटी और गर्दन को चलते ट्रेन के सामने फेंक दिया ताकि उसकी पहचान न हो सके। पुलिस ने हत्या के लिए उपयोग की गई मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया है।

mehar news today मैहर का दिल दहला देने वाला एक्सीडेंट! 

9 साल के युवक की मौत, 16 साल का साथी जिंदगी से लड़ रहा संघर्ष

मैहर : रविवार की शाम को शहर के रामपथ गमन क्षेत्र के निकट एक भयानक सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें दो मोटरसाइकिल सवारों को एक अनजान वाहन ने जोरदार टक्कर दे दी। इस हादसे में एक युवक की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई, जबकि दूसरा युवक अस्पताल में गंभीर स्थिति में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम सोनवारी के निवासी पुष्पेंदु कोल (19 वर्ष) और मोहित कोल (16 वर्ष) बाइक संख्या MP 19 ND 1088 पर अपने घर की ओर लौट रहे थे। दोनों उचेहरा में अपने काम को पूरा करके रविवार शाम लगभग 7 बजे मैहर के ग्राम सोनवारी के लिए जा रहे थे। इसी समय, रामपथ गमन के पास तेज गति से आ रहा एक वाहन उनकी बाइक को जोरदार टक्कर दे देता है।
यह टक्कर इतनी भयंकर थी कि पुष्पेंदु कोल के सिर पर गंभीर चोटें आईं और उन्होंने घटनास्थल पर ही अपनी जान गंवा दी।另一方面, मोहित कोल गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद, आस-पास के व्यक्तियों ने तुरंत दोनों को सड़क के किनारे सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया और डायल-112 को सूचना दी। घटनास्थल पर पहुंची एम्बुलेंस ने घायलों को सिविल अस्पताल पहुँचाया, जहाँ प्राथमिक उपचार के पश्चात उनके परिजनों ने मोहित को मैहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है।
सूचना मिलने पर पुलिस भी शीघ्रता से मौके पर आई और मर्ग दर्ज कर कार्रवाई आरंभ कर दी है। फिलहाल वाहन और उसके चालक की खोज तेज कर दी गई है। पुलिस आस-पास के CCTV फुटेज की जांच कर रही है ताकि इस दुर्घटना के लिए जिम्मेदार वाहन की पहचान की जा सके। स्थानीय निवासियों के अनुसार, रामपथ गमन क्षेत्र में वाहनों की तेज गति के कारण नियमित रूप से दुर्घटनाएँ हो रही हैं। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया है कि इस क्षेत्र में यातायात नियंत्रण हेतु ठोस कदम उठाए जाएँ।
पुष्पेंदु की मृत्यु से गाँव में गहरा शोक छाया हुआ है, जबकि घायल मोहित के परिजन उसकी शीघ्र صحت की प्रार्थना कर रहे हैं।

रील बनाने के चक्कर में खुद को ही गोली मार बैठा युवक,

नागौद : सोशल मीडिया की प्रसिद्धि और रील बनाने के जुनून ने एक युवा को कारागार की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। पन्ना जिले का रहने वाला समीर, जो नागौद में रह रहा था, रील बनाने के दौरान गलती से खुद को गोली मार बैठा। लेकिन अपने खिलाफ हुई बदनामी से बचने और प्रतिकूलता से निपटने के लिए उसने एक झूठी कहानी की रचना की। पुलिस के विवेक और जांच के माध्यम से सच्चाई सामने आ गई। गुरुवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने के तुरंत बाद पुलिस ने समीर को हिरासत में लिया और जेल भेज दिया। इस मामले में पहले से ही तीन अन्य आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि दो और अब भी फरार बताए जा रहे हैं।
हाथ में गोली लगने के बाद बोला – दुश्मनों ने हमला कर दिया
14 नवंबर की शाम को समीर, जो पवई के शरीफ सौदागर का 22 वर्ष का बेटा है और वर्तमान में नागौद में किराए पर रह रहा था, अपने बाएं हाथ में गोली लगने की स्थिति में सिविल अस्पताल पहुंचा। घायल सामीर ने पुलिस को जानकारी दी कि पिछले पांच महीनों की रंजिश के कारण निशांत और उसके दो साथियों ने उसका पीछा किया और उस पर गोली चलाई।
पुलिस की जांच में कहानी निकली झूठी – निशांत तो पुणे में था
पुलिस ने समीर की बातें सुनकर तुरंत जांच शुरू की। हालांकि, जब उन्होंने तथ्यों की छानबीन की, तो समीर की कहानी संदिग्ध प्रतीत होने लगी। जांच के दौरान यह प्रमाणित हुआ कि जिस निशांत पर समीर ने आरोप लगाया था, वह घटना के समय नागौद से दूर, पुणे में रह रहा था। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी सबूतों और गवाहों से पूछताछ की, जिससे पूरी सच्चाई उजागर हो गई।
रील बनाते समय चली गोली
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि जिस दिन यह घटना हुई, समीर अपने मित्रों—राजाबाबू ताम्रकार, हिमांशु यादव, संजय बेल्दार, प्रदीप प्रजापति और दिल्लू मुसलमान—के साथ नशे में धुत कार चला रहा था। इस दौरान सभी ने सोशल मीडिया के लिए रील बनाने की योजना बनाई। रील के लिए समीर ने एक लोडेड देसी कट्टा उठाया, और उसे नहीं पता था कि यह हथियार पूरी तरह से तैयार है। रील बनाते समय अनजाने में ट्रिगर दब गया और गोली उसके बाएं हाथ में लग गई।
विरोधी को फंसाने की पूरी साजिश रची
गोली लगने के बाद घबराए समीर और उसके साथी यह समझ गए कि पुलिस जांच में उनकी करतूत उजागर हो सकती है। खुद को बचाने और हथियार रखने की सजा से बचने के लिए उन्होंने तुरंत झूठा आरोप लगाने की योजना बनाई और अपने पुराने विवाद के कारण निशांत का नाम इसमें शामिल कर दिया।
तीन आरोपी पहले ही गिरफ्तार – अब समीर भी जेल भेजा गया
इस प्रकरण में पुलिस पहले ही हिमांशु यादव, संजय बेल्दार और प्रदीप प्रजापति को गिरफ्तार कर चुकी थी। अब जैसे ही समीर को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया, उसे भी हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक, दो अन्य आरोपी—राजाबाबू ताम्रकार और दिल्लू मुसलमान—अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

कटनी दुर्घटना: पुलिस की गाड़ी ने दिया धक्का! 55 वर्षीय बुजुर्ग की स्थिति गंभीर,

कटनी दुर्घटना: जानकारी के अनुसार, भरदा बरखेड़ा में आज उस समय अफरा-तफरी मच गई जब पुलिस की गाड़ी ने एक बुजुर्ग आदमी को टक्कर मार दी। इस घटना में किशोरी उर्फ शानू राजपाल (55 वर्ष), जो भरदा बरखेड़ा का निवासी है, गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह दुर्घटना सीधे बहोरीबंद थाने के वाहन से हुई है। बताया गया है कि घटना के वक्त गाड़ी में टीआई खुद मौजूद थे। टक्कर के तुरंत बाद, बुजुर्ग सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसके बाद पुलिस कर्मियों ने उन्हें स्लीमनाबाद अस्पताल में पहुंचाया, जहां उनकी हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। इस घटना के बाद गांव वालों के बीच भारी नाराजगी देखी गई। लोग मौके पर जाम लगा दिए और संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग करने पर अड़े हुए हैं।
स्थल पर पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है और मामले की जांच चल रही है।

ASI पति को रंगे हाथ पकड़ा पुलिस चौकी में ही कर दी जमकर कुटाई

जिला अस्पताल के परिसर में गुरुवार की दोपहर एक घटना ने हड़कंप मचा दिया, जब एक महिला ने पुलिस चौकी के अंदर अपने एएसआई पति पर जमकर हमला कर दिया।

बताया गया है कि एएसआई एक महिला और एक छोटे बच्चे के साथ वहां उपस्थित थे, तभी उनकी पत्नी वहां आईं और उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है।

नागौद थाने में तैनात एएसआई रामायण सिंह जिला अस्पताल के क्षेत्र में एक महिला और छोटे बच्चे के साथ थे। उसी समय उनकी पत्नी अनीता सिंह अचानक वहां आ गईं। पति को दूसरी महिला के साथ देख कर वह भड़क गईं और पहले जोर से आरोप लगाने लगीं, फिर चौकी के भीतर ही एएसआई पर हाथ उठाने लगीं।

सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि चौकी में तैनात पुलिस कर्मी इस पूरी घटना का मूकदर्शक बने रहे, लेकिन किसी ने भी हस्तक्षेप करने की हिम्मत नहीं दिखाई। यह विवाद काफी देर तक जारी रहा और चौकी के आस-पास लोगों की भीड़ जमा हो गई।

जशपुर में मुक्का मारकर गिराया अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम

नारायणपुर थाना क्षेत्र में तंबाकू के लिए मांग को लेकर दो ग्रामीणों के बीच उत्पन्न विवाद ने एक व्यक्ति की जान ले ली। शिकायतकर्ता विद्याधर राम ने 19 नवंबर 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके भतीजे अशोक राम (जो अब deceased है), निवासी ग्राम कोनकेल चराईखारा, की मृत्यु आरोपी संदीप एक्का (36 वर्ष) द्वारा की गई हिंसा के कारण हुई। उत्पन्न हिंसा की गंभीर घटना में आरोपी संदीप एक्का ने अशोक को उसके घर पर पहुंचकर पीटा, उसे जमीन पर गिराया और उसके सीने पर जोर से लात मारी।

इसके बाद आरोपी वहां से भाग खड़ा हुआ, जबकि ग्रामीणों ने इस घटना की जानकारी सरपंच को दी। जब सरपंच वहां पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि अशोक दर्द में तड़प रहा था और उसने खुद बताया कि उसे संदीप एक्का ने मारा और सुबह अस्पताल ले जाने की चर्चा की।

अस्पताल ले जाते समय मौत: 19 नवंबर की सुबह, जब अशोक राम को अस्पताल ले जाया जा रहा था, तो यात्रा के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

आग लगाकर 2 को मार डाला:2 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा

बलौदाबाजार में एक मकान में आग लगाकर दो व्यक्तियों की हत्या करने के मामले में दो अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा मिली है।

द्वितीय सत्र न्यायाधीश संजया रात्रे की अदालत ने यह फैसला सुनाया। यह सजा सिटी कोतवाली थाने की पुलिस द्वारा की गई जांच और प्रमाणों के आधार पर घोषित की गई है।

यह घटना 24 फरवरी 2024 की रात लगभग 12 बजे हुई थी। आरोपियों करण बघेल (22) और दौलत सोनवानी (26) ने भैंसापसरा में स्थित वृद्धा आश्रम के निकट कमला साहू के घर में बाहर से दरवाजा बंद कर आग लगा दी थी।

इस हादसे के कारण घर के अंदर सो रहे कमला साहू और सोनू साहू की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
परिवार के सदस्य संध्या साहू और रानू साहू गंभीर रूप से जल गए थे।

इस मामले में सिटी कोतवाली पुलिस स्टेशन में धारा 302, 307, 436, 342, 120बी भादवि के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ा।नशा करने और गाली-गलौज से मना किया गया था।

हत्या करने की नियत से धारदार चाकू से किया गया हमला

मामले की संक्षिप्त जानकारी इस प्रकार है कि शिकायतकर्ता धर्मेन्द्र चंद्रवंशी पिता अयोध्या चंद्रवंशी, जिसकी आयु 25 वर्ष है और जो ग्राम परसवारा थाना पाण्डातराई का निवासी है, ने 19.10.2025 को थाने में आकर एक रिपोर्ट दर्ज कराई।

उसने बताया कि 15.10.2025 को रात लगभग 8:30 बजे वह अपने घर से भोजन कर गांव के दुर्गा मंदिर की ओर अपने दोस्तों के साथ घूमने गया था। दुर्गा मंदिर के पीछे बैठने के दौरान केशरी उर्फ सोनू चंद्रवंशी, जो इससे पहले की रंजिश के चलते पैसे के लेन-देन के विषय में उसे गालियाँ देते हुए आया, ने उससे कहा कि “तुम कितने पैसे वाले हो, तुम्हारा पैसा मैंने नहीं ढूंढा,” और उसके हाथ में एक धारदार चीज लेकर उस पर हमला कर दिया।

इससे उसके दाहिने गाल, गर्दन, दाहिने हाथ और पीठ पर चोटें आईं और खून बहने लगा। इसके परिजन उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पाण्डातराई लेकर पहुंचे, जहां से उसे जिला अस्पताल कवर्धा रेफर किया गया, जहां वह 15.10.2025 से 18.10.2025 तक भर्ती रहा और उसका इलाज किया गया। इस संबंध में थाना पाण्डातराई में अपराध क्रमांक 157/2025 धारा-296, 351(3), 118(1), 109 बीएनएस के तहत पंजीबद्ध कर लिया गया और मामले की जांच प्रारंभ की गई।

आरोपी घटना के बाद से फरार था। चूंकि यह मामला महिलाओं से संबंधित गंभीर अपराध श्रेणी में आता है, श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय जिला कबीरधाम श्री धर्मेन्द्र सिंह (भा.पु.से.) ने फरार आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के आदेश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय श्री पुष्पेन्द्र बघेल (रा.पु.से.) और श्री पंकज पटेल (रा.पु.से.) के मार्गदर्शन तथा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी श्री अखिलेश कुमार कौशिक (रा.पु.से.) के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक कमलाकांत शुक्ला द्वारा फरार आरोपी सोनू उर्फ केशरी चंद्रवंशी पिता शोभा राम उर्फ नारद चंद्रवंशी, उम्र 26 वर्ष, निवासी ग्राम परसवारा, थाना पाण्डातराई, जिला कबीरधाम की लगातार खोज की जा रही थी।

एक मुखबिर को तैनात किया गया, जिसके द्वारा सूचना के मिलने पर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपने अपराध को स्वीकार किया। आरोपी सोनू उर्फ केशरी चंद्रवंशी से मेमोरंडम के आधार पर घटना में प्रयुक्त एक धारदार चाकू भी बरामद किया गया। आरोपी को 18.11.2025 के 15:10 बजे विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां उसके जेल वारंट के बनने पर उसे जेल में दाखिल किया गया।
उपरोक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक कमलाकांत शुक्ला, उप निरीक्षक उमा उपाध्याय, प्र.आर. राधेलाल चंद्रवंशी, आरक्षक मारतंग चंद्रवंशी, शिवा और पुरुषोत्तम का विशेष योगदान रहा है।

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