SIR में अच्छा कार्य करने वाली बीएलओ को कराई हेलीकॉप्टर से सैर

कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देशों के तहत बीएलओ और पर्यवेक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए एक नए पुरस्कार योजना की शुरुआत की गई है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को हेलीकॉप्टर की सैर कराने की योजना बनाई गई है। बीएलओ स्नेहलता पटेल को पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा द्वारा जाय राइड की सौगात दी गई, जो इस पहल का हिस्सा है। जिला प्रशासन द्वारा बीएलओ के तनाव को कम करने हेतु उत्कृष्ट काम करने वालों को मान्यता दी जा रही है। सभी बूथों के 100 प्रतिशत गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन के कार्य को पूरा करने पर प्रशासन ने बीएलओ पर्यवेक्षक स्नेहलता पटेल को सम्मानित करते हुए जबलपुर से कान्हा और बांधवगढ़ की हवाई यात्रा पर भेजा।
मतदाता सूचना विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कार्य के दबाव के बीच कर्मचारियों को अटैक के मामलों की सूचना के साथ शहर से एक सकारात्मक खबर आई है। जिला प्रशासन द्वारा बीएलओ के तनाव को कम करने के लिए अच्छे कार्य करने वालों को सम्मानित किया जा रहा है। सभी बूथों के 100 प्रतिशत गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन का काम पूरा करने पर प्रशासन ने बीएलओ पर्यवेक्षक स्नेहलता पटेल को सम्मानित करते हुए जबलपुर से कान्हा और बांधवगढ़ की हवाई यात्रा भी कराई।

गोली मारकर हत्या के आरोपित अकरम खान का मकान गिराने पर हाईकोर्ट ने लगाई 15 दिन की रोक

जबलपुर। अकरम खान, जो भाजपा नेता नीलू रजक की गोली मारकर हत्या के मामले में आरोपी है, के मकान को गिराने पर हाईकोर्ट ने 15 दिनों का रोक लगा दिया है। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने कटनी के इस प्रकरण में 15 दिन के भीतर युगलपीठ में अपील करने की अनुमति भी दी है, यदि आवश्यक समझे। कैमोर नगर परिषद ने मकान को गिराने के लिए नोटिस जारी किया है, जिसे कोर्ट में चुनौती दी गई है। इस मामले में राज्य सरकार की तरफ से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह और पैनल अधिवक्ता आकाश मालपाणी ने दलील दी कि याचिकाकर्ता के पास संपत्ति के अधिकार और निर्माण की स्वीकृति से संबंधित कोई भी दस्तावेज मौजूद नहीं है।
हालांकि, मकान मोहम्मद इमरान खान की माता के नाम पर है, लेकिन उनके पास केवल एग्रीमेंट के प्रमाण हैं। इस प्रकार, उनके खिलाफ की जा रही कार्रवाई उचित है। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता के पास आवश्यक दस्तावेज न होने की स्थिति में उसे राहत नहीं मिल सकती। फिर भी, बुलडोजर संचालन से संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रदान की गई निर्देशों के आलोक में याचिकाकर्ता के खिलाफ कार्रवाई पर 15 दिनों के लिए रोक लगा दी गई है।मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने यह पाया कि आवेदक के पास घर से संबंधित कानूनन वैध दस्तावेज मौजूद नहीं हैं। हत्या के अभियुक्त अकरम खान के भाई इमरान खान ने घर गिराने के मामले में उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता मोहम्मद इमरान खान ने अदालत को बताया कि उसके भाई अकरम खान और नेल्सन जोसेफ को नीलू रजक की 28 अक्टूबर को गोली मारकर हत्या करने के आरोप में कटनी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

दहेज हत्या का प्रकरण दर्ज

जबलपुर के तिलवारा क्षेत्र में 27 अक्टूबर को एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। पीड़िता की माँ ने पति और 3 अन्य व्यक्तियों के खिलाफ दहेज हत्या की शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस ने पति सहित चारों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया है।
नगर पुलिस अधीक्षक गढ़ा आशीष जैन ने जानकारी दी कि तिलवारा थाना में साई मोटर्स के सामने की घटना में मुस्कान पटेल ने फांसी लगा ली। परिजनों ने उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज पहुँचाया। जब पुलिस मेडिकल कॉलेज में पहुंची, तो श्रीमती संध्या पटेल, जो 35 वर्षीय हैं और ग्राम जोधपुर पड़ाव की निवासी हैं, ने बताया कि उनकी बेटी कु. मुस्कान पटेल, उम्र 23 वर्ष, ने लगभग दो वर्ष पहले सगड़ा निवासी राकेश राजपूत के साथ प्रेम विवाह किया था। 27 अक्टूबर को, सगड़ा निवासी गोल्डी राजपूत ने फोन कर बताया कि मुस्कान ने फांसी लगा ली है। वह अपने पति के साथ मेडिकल अस्पताल पहुँचीं और देखा कि मुस्कान केजुल्टी में स्ट्रेचर पर मृत अवस्था में पड़ी हुई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की।
मर्ग जांच के दौरान मृतिका के परिवार के सदस्यों से बयान लिए गए। जिनसे पता चला कि मुस्कान पटेल एवं राकेश राजपूत के बीच प्रेम संबंध थे और वे एक-दूसरे के घर आते-जाते थे। दोनों ने मंदिर में विवाह किया था। विवाह के बाद मुस्कान अपने पति के साथ ससुराल में रहने लगी थी और उनका एक 09 माह का पुत्र भी था। शादी के बाद से मुस्कान को पति राकेश, ससुर राजेश, सास सुंदरबती एवं शिवबती बाई तथा जेठ कुंवर सिंह उर्फ गोल्डी द्वारा अपने मायके से फ्रिज, कूलर और अन्य घरेलू सामग्री, खाद्य सामग्री तथा पैसे लाने के लिए कहा जाता था। न लाने पर उसे सताया और प्रताड़ित किया जाता था तथा खाना पीना भी नहीं दिया जाता था। ससुराल से तंग होकर, मुस्कान अपने पति के साथ लम्हेटा रोड सगड़ा में दुर्गा मंदिर के पास किराए पर रहने लगी थी। लेकिन ससुर, दोनों सासें और जेठ किराए के मकान में आकर उसे मायके से अपूर्ण वस्तुएं लाने को कहते थे और न लाने पर परेशान करते थे, जिसमें पति राकेश भी मदद करता था। मुस्कान ने ये सभी बातें अपनी माँ को बताई थीं और उसके भाई साहिल पटेल द्वारा मृतिका के खाते में एक लाख रुपये जमा कराना बताया गया था।ससुर राजेश राजपूत, सास सुंदरबती और शिवबती बाई, जेठ कुंवर सिंह, जिसे गोल्डी राजपूत के नाम से जाना जाता है, तथा पति राकेश राजपूत ने मुस्कान से दहेज के रूप में घरेलू सामान और पैसे की मांग की। जब मुस्कान ने उनकी मांगें पूरी नहीं की, तो उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। इस लगातार पीड़ा से तंग आकर मुस्कान पटेल ने अपने किराए के आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में आरोपी पति राकेश राजपूत, ससुर राजेश राजपूत, सास सुंदरबती तथा शिवबती बाई और जेठ कुंवर सिंह उर्फ गोल्डी राजपूत के खिलाफ थाना तिलवारा में धारा 80(2), -3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया। सभी आरोपितों, जिनका निवास मं. नं. 934 सांई मोटर्स के सामने सगड़ा थाना तिलवारा है, को हिरासत में लिया गया और मामले की जांच शुरू की गई।

katni news today सामाजिक समरसता से ही होगाभेदभावख़त्म-अजाक्स अजाक्स के नवागत प्रदेश अध्यक्ष श्री वर्मा के बयानों को तोड मरोड़ कर किया गया पेश

katni news today प्रदेश के भोपाल में 23 नवंबर 2025 को अजाक्स के अधिवेशन के दौरान संतोष वर्मा (आईएएस) द्वारा दिए गए बयानों को गलत तरीके से सोशल मीडिया पर प्रस्तुत किया गया है। शुक्रवार की शाम को डिप्टी कलेक्टर प्रदीप मिश्रा को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए 5 मांगें पेश की गई हैं। बताया गया कि आईएएस संतोष वर्मा अनुसूचित जनजातीय वर्ग से संबंधित हैं, और उन्होंने सामाजिक समरसता, सद्भाव और जातिवाद उन्मूलन के लिए एक सकारात्मक संवैधानिक संबोधन दिया था। उनका वक्तव्य रोटी-बेटी के संबंधों के माध्यम से सामाजिक एकता, हिंदू एकता और जाति से ऊपर उठकर मानवता तथा संविधान को सर्वोपरि मानने की प्रेरणा देता है। लेकिन कुछ तथाकथित समाज विरोधी तत्वों और जाति-विरोधी मानसिकता रखने वाले समूहों ने जानबूझकर आईएएस वर्मा के उद्बोधन को तोड़-मरोड़ कर भ्रामक तरीके से सामाजिक तनाव फैलाने का प्रयास किया है। यह एक गंभीर चिंता का विषय है कि बिना उचित विचार-विमर्श, तथ्यों की निष्पक्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया अपनाए बिना आईएएस वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जो संविधान के अनुच्छेद 14, 15 (4), 16(4), 21, 38(2) और 46 के खिलाफ है, जो सामाजिक न्याय, समानता और संरक्षण की गारंटी देते हैं।


संघ द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन में अजाक्स ने 5 मांगें भी रखी हैं, जिसमें कहा गया है कि संतोष वर्मा (आईएएस) के खिलाफ जो कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, उसे तुरंत वापस लिया जाए। जाति तनाव और वैमनस्य फैलाने वाले व्यक्तियों और समूहों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाए। मीडिया ट्रायल कर रहे समाचार पत्रों को चेतावनी दी जाए और उन्हें तथ्यात्मक, संवैधानिक तथा संतुलित पत्रकारिता के लिए निर्देशित किया जाए। सरकार एक स्वतंत्र समिति का गठन कर इस मामले की जांच सुनिश्चित करे और आदिवासी, दलित एवं वंचित वर्ग के वरिष्ठ अधिकारियों को बिना कारण प्रताड़ित न किया जाए। इसके साथ ही सामाजिक सद्भावना और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के लिए “अनुलोम विलोम विवाह योजना” को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग भी की गई है।
इस अवसर पर अजाक्स के प्रदेश संयुक्त सचिव सोहन लाल चौधरी, रवि कोल, अजय कोल, सोनू बेन, योगेश कोल, दरियाव सिंह, सुदर्शन कुडे, अरविंद सिंह पेद्रो, सुग्रीव सिंह मरावी, अमित कुनडे, राजकुमार चौधरी, सुलोचना सिंह, विमला रैदास, चंद्रभान बौद्ध, नागेंद्र अहिरवार, जय सूर्यवंशी, सुभास कुमार चौधरी, योगेश छिपले, अजय पटेल, तीर्थ प्रसाद चौधरी, अशोक कुमार चौधरी, सत्यपाल सिंह समेत सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे। संघ का विनम्र अनुरोध है कि सरकार इस संवेदनशील मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए सामाजिक सौहार्द, संवैधानिक सम्मान और न्याय की रक्षा सुनिश्चित करे। यदि समय पर न्यायपूर्ण समाधान नहीं हुआ, तो प्रदेश के एससी/एसटी समाज के लोग लोकतांत्रिक तरीके से सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।

MP news today में कानून-व्यवस्था पर CS अनुराग जैन सख्त:

राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कठोर रुख अपनाया है। उन्होंने सभी जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट रूप से बताया कि थानों में आने वाले व्यक्तियों की FIR दर्ज नहीं करने की कोई भी शिकायत स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। मुख्य सचिव ने कहा, “कानून व्यवस्था के सभी मामलों में स्पष्टता महत्वपूर्ण है। पुलिस अधीक्षकों की जिम्मेदारी है कि हर महत्वपूर्ण घटना की सूचना तुरंत मीडिया को दी जाए।” सड़क सुरक्षा के संदर्भ में सभी जिलों में हेलमेट का पूर्ण अनुपालना सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सके। रबी सीजन को ध्यान में रखते हुए, मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को सचेत किया कि किसी भी जिले में खाद्य पदार्थों और बीजों की कमी या शिकायत नहीं होनी चाहिए। धान और सोयाबीन की खरीदारी के संबंध में भी पूरी सावधानी बरतने का निर्देश दिया गया है। किसी भी स्तर पर लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में, मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों से कहा कि नागरिकों से संबंधित सभी मुद्दों पर तुरंत कार्रवाई की जाए और जनहित के कार्यों में कोई कमी ना रखी जाए।

katni news today पार्किंग का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ हुई कार्यवाही

कटनी। शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुरक्षित और प्रभावी रखने के लिए आज नगर निगम और पुलिस विभाग ने मिलकर एक विशेष मुहिम शुरू की। इस कार्रवाई के दौरान 20 विभिन्न स्थानों पर नो पार्किंग नियम का उल्लंघन करने पर लोगों के चालान बनाए गए। नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों से 10 हजार रुपये का समन शुल्क लिया गया। इस मुहिम के दौरान पुलिस अधीक्षक कटनी, अभिनय विश्वकर्मा, स्वयं शहर की यातायात व्यवस्था की समीक्षा करने पहुंचे और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतरीन ढंग से चलाने में नो पार्किंग में खड़े वाहन बड़ी समस्या पैदा करते हैं, इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए यातायात विभाग ने नगर निगम के सहयोग से आज कार्रवाई की।
इस संयुक्त अभियान में मनेन्द्र सिंह, अतिक्रमण प्रभारी, नगर निगम, राहुल पांडे, यातायात प्रभारी, उप निरीक्षक कुलदीप सिंह, थाना कोतवाली उप निरीक्षक नेहा मौर्य, सूबेदार सोनम उइके ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

IAS अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ कार्रवाई में टाल-मटोल जारी

भोपाल। मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने जो युवा हैं, उन पर ऑपरेशन सिन्दूर से जुड़े सैन्य अधिकारी द्वारा की गई आपत्तिजनक बयानबाजी की वजह से शहीद हमले के मामले में राज्य सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसी प्रकार, आईएएस अधिकारी और बटालियन जाति जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) के अध्यक्ष संतोष वर्मा के मामले में भी यही स्थिति देखने को मिल रही है। सरकार अजाक्स या एससीटी-एसटी समुदाय को नाराज नहीं करना चाहती है, जिस कारण ब्राह्मण के बारे में असाभ्या टिप्पणी करने वाले संतोष के खिलाफ कदम उठाने में आतुर हो रही है। इसी कारण से मध्य प्रदेश के विभिन्न ठिकानों पर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए जो आवेदन दिए गए हैं, उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। हालाँकि, उनका दावा सामाजिक नेटवर्क को प्रभावित करने वाला है। इसी आधार पर सामान्य प्रशासन विभाग ने नोटिस जारी करना जारी किया है, लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने से ब्राह्मण समाज में असंतोष पैदा हो गया है और उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर इसे हटाया नहीं गया, तो वे आंदोलन को और तेज कर देंगे। पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता गोपाल गर्ग, ब्राह्मण समाज के विभिन्न अनुयायियों का मानना ​​​​है कि संतोष वर्मा का दावा है। पूरे प्रदेश में इस मामले को लेकर प्रदर्शन चल रहा है, फिर भी पुलिस दस्तावेज दर्ज नहीं कर रही है।

Badwara news सुलभ शौचालयों में राशि के दुरूपयोग करने का लगाया आरोप

भीम आर्मी ने सार्वजनिक
बड़वारा कटनी मध्यप्रदेश


सुलभ शौचालयों में राशि के दुरूपयोग करने का लगाया आरोप
आमजन के लिए अनुपयोगी सुलभ शौचालयों पर शासकीय राशि व्यय करने पर जताई आपत्ति।
जनपद सीईओ एवम ब्लाक मेडिकल ऑफिसर को सौंपा शिकायती पत्र
बड़वारा कटनी मध्यप्रदेश


पूर्व सरपंच एवं सचिव के द्वारा बाईपास खरीदी केंद्र दीदी कैफे के समीप सामुदायिक स्वास्थ्य परिसर बड़वारा में जो सुलभ शौचालय का निर्माण कराया गया है। भीम आर्मी जिला उपाध्यक्ष जय सूर्यवंशी के द्वारा आरोप लगाते हुए बताया गया कि उसमें लाखों रुपए की राशि का घोटाला किया गया है । जो आमजन के लिए अनुपयोगी है कुछ चंद लोगों को लाभान्वित करने के लिए शासकीय राशि का दुरुपयोग किया गया है। इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग भीम आर्मी भारत एकता मिशन के द्वारा की गई है । यदि इस पर जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं की गई तो भीम आर्मी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी जिसकी संपूर्ण जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी । भीम आर्मी के द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़वारा में भी पँचायत द्वारा निर्मित सुलभ कॉम्प्लेक्स में व्याप्त गन्दगी से सम्बंधित ज्ञापन भी सौंपे जा चुके हैं फिर भी अभी तक किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं हुई है। केंद्र के हालात दिन पे दिन और बत्तर होते जा रहे हैं। रोजाना बड़वारा स्वास्थ्य केंद्र में दूर दराज से मरीज इलाज करबाने आते हैं एवम गर्भ वती महिलाएं प्रसव करबाने आती हैं किंतु ये सभी अस्पताल परिसर में बने सार्वजनिक शौचालयों का उपयोग नही कर पाते हैं क्योंकि अस्पताल परिसर में बने सार्वजनिक शौचालय का उपयोग नही कर पा रहे हैं क्योंकि सौचालय में गन्दगी फैली है,पानी की टँकी दिखावे के लिए लगवाई गई है टँकी में पानी ही नही है शीट में गन्दगी फैली है। भीम आर्मी ने बीएमओ बड़वारा को सौंपे शिकायती पत्र में लिखा है की बड़वारा में स्थायी बीएमओ की पदस्थापना की जाए। 1 बजे दिन के बाद इलाज बंद हो जाता है। सभी कर्मचारी अपनी मनमानी करते हैं। स्टाफ एवम नियमित लैब टेक्नीशियन नही होने से समय पर रिपोर्ट नहीं मिलती है। क्यों कि लेब में स्टॉप की कमी है 3 स्टाफ की जगह 1 स्टाफ कम कर रहा है। LT को नियमित किया जाए ।महिला डॉक्टर की सुविधा नहीं है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़वारा में किसी भी तरह की सुविधाएं नहीं है। स्वास्थ्य केंद्र में व्यवस्थाएं दुरुस्त किये जाने की मांग की गई है।

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