जबलपुर। अकरम खान, जो भाजपा नेता नीलू रजक की गोली मारकर हत्या के मामले में आरोपी है, के मकान को गिराने पर हाईकोर्ट ने 15 दिनों का रोक लगा दिया है। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने कटनी के इस प्रकरण में 15 दिन के भीतर युगलपीठ में अपील करने की अनुमति भी दी है, यदि आवश्यक समझे। कैमोर नगर परिषद ने मकान को गिराने के लिए नोटिस जारी किया है, जिसे कोर्ट में चुनौती दी गई है। इस मामले में राज्य सरकार की तरफ से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह और पैनल अधिवक्ता आकाश मालपाणी ने दलील दी कि याचिकाकर्ता के पास संपत्ति के अधिकार और निर्माण की स्वीकृति से संबंधित कोई भी दस्तावेज मौजूद नहीं है।
हालांकि, मकान मोहम्मद इमरान खान की माता के नाम पर है, लेकिन उनके पास केवल एग्रीमेंट के प्रमाण हैं। इस प्रकार, उनके खिलाफ की जा रही कार्रवाई उचित है। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता के पास आवश्यक दस्तावेज न होने की स्थिति में उसे राहत नहीं मिल सकती। फिर भी, बुलडोजर संचालन से संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रदान की गई निर्देशों के आलोक में याचिकाकर्ता के खिलाफ कार्रवाई पर 15 दिनों के लिए रोक लगा दी गई है।मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने यह पाया कि आवेदक के पास घर से संबंधित कानूनन वैध दस्तावेज मौजूद नहीं हैं। हत्या के अभियुक्त अकरम खान के भाई इमरान खान ने घर गिराने के मामले में उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता मोहम्मद इमरान खान ने अदालत को बताया कि उसके भाई अकरम खान और नेल्सन जोसेफ को नीलू रजक की 28 अक्टूबर को गोली मारकर हत्या करने के आरोप में कटनी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
