भोपाल। मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने जो युवा हैं, उन पर ऑपरेशन सिन्दूर से जुड़े सैन्य अधिकारी द्वारा की गई आपत्तिजनक बयानबाजी की वजह से शहीद हमले के मामले में राज्य सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसी प्रकार, आईएएस अधिकारी और बटालियन जाति जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) के अध्यक्ष संतोष वर्मा के मामले में भी यही स्थिति देखने को मिल रही है। सरकार अजाक्स या एससीटी-एसटी समुदाय को नाराज नहीं करना चाहती है, जिस कारण ब्राह्मण के बारे में असाभ्या टिप्पणी करने वाले संतोष के खिलाफ कदम उठाने में आतुर हो रही है। इसी कारण से मध्य प्रदेश के विभिन्न ठिकानों पर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए जो आवेदन दिए गए हैं, उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। हालाँकि, उनका दावा सामाजिक नेटवर्क को प्रभावित करने वाला है। इसी आधार पर सामान्य प्रशासन विभाग ने नोटिस जारी करना जारी किया है, लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने से ब्राह्मण समाज में असंतोष पैदा हो गया है और उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर इसे हटाया नहीं गया, तो वे आंदोलन को और तेज कर देंगे। पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता गोपाल गर्ग, ब्राह्मण समाज के विभिन्न अनुयायियों का मानना है कि संतोष वर्मा का दावा है। पूरे प्रदेश में इस मामले को लेकर प्रदर्शन चल रहा है, फिर भी पुलिस दस्तावेज दर्ज नहीं कर रही है।
