बलिया: एक युवती को प्रेम विवाह के कारण भारी कीमत चुकानी पड़ी। उसके चाचा और भाई ही उसके कातिल निकले। भाई ने अपने चाचा के साथ मिलकर पहले अपनी बहन का गला दबाकर हत्या की और फिर रेलवे ट्रैक पर धारदार औजार से उसका गला काटकर धड़ से अलग कर दिया। यूपी के बलिया में एक रेलवे ट्रैक पर एक सिर कटी महिला का शव मिलने की घटना में पुलिस ने एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने हत्या की आशंका व्यक्त की थी। जांच के दौरान अभियुक्त के पास से हत्या में उपयोग किया गया एक चाकू भी बरामद किया गया है।
यह जानकारी दी गई है कि 18 नवम्बर को बैरिया थाने की पुलिस को सूचित किया गया था कि बकुलहा रेलवे ट्रैक के निकट एक अज्ञात महिला का सिर कटा शव पड़ा है। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव का विधिप्रोरूप से पंचायतनामा तैयार किया गया। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी बलिया तथा क्षेत्राधिकारी बैरिया के साथ मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान शव के आसपास पड़े कपड़ों, आधार कार्ड और अन्य साक्ष्यों को देखकर पहचान के प्रयास किए जा रहे थे।
जांच के दौरान यह पता चला कि अभिषेक यादव, जो सुनील कुमार यादव का पुत्र है, की मृतिका प्रीती के साथ प्रेम संबंध थे। अभिषेक यादव के पिता ने यह बताया कि उसके बेटे का गांव फत्तेराय की निवासी प्रीती के साथ प्रेम संबंध था और दोनों ने 30 सितम्बर को भागकर शादी कर ली।
शादी के बाद दोनों ने पति-पत्नी की तरह रहना शुरू कर दिया। बाद में युवती के परिवार वाले उस पर दबाव बनाने लगे कि मामला एक ही जाति और बिरादरी का है। हम लोग आपस में रिश्तेदार भी हैं। दोनों बच्चों को बुला लीजिए। हम सामाजिक रीति-रिवाज से शादी कर देंगे। यह बताया गया कि उन लोगों की बातों में आकर, अभिषेक ने युवती को 14 नवम्बर को वापस लाया और फिर 16 नवम्बर को रात करीब 10.30 बजे मैं और मेरा चचेरा भाई युवती को उसके चाचा अशोक यादव के फत्तेराय टोले के स्कूल में लेकर गए, जहां हमने उसे उसके चाचा अशोक और भाई पिन्टू यादव को सौंप दिया। उसके बाद हम घर लौट गए और मैंने फोन का इंतजार करना शुरू किया कि वे शादी की तारीख बताएं।
कुछ दिनों तक उन लोगों से कोई फोन नहीं आया और फिर मुझे समाचार पत्रों तथा लोगों से पता चला कि बकुल्हा के पास एक शव पाया गया। इससे मुझे कुछ संदेह हुआ। चूंकि बकुल्हा गांव फत्तेराय के करीब है, मैंने उन लोगों से संपर्क करके प्रीती के बारे में जानकारी लेनी चाही, तो वे मुझे उल्टा धमकाने लगे और फंसाने की चेतावनी देने लगे। मैंने पुलिस को बताया कि मुझे पूरा विश्वास है कि प्रीती के चाचा अशोक यादव और प्रीती के भाई पिन्टू यादव ने उसकी हत्या करके सबूत मिटा दिए हैं। मामले के संदर्भ में पुलिस ने 457/2025 धारा 103(1)/351(3)/238(a) B.N.S के तहत एक मुकदमा दर्ज किया और जांच में लग गई थी। 23 नवंबर को मुखबिर की सूचना के आधार पर, अभियुक्त आर्या कुमार यादव उर्फ पिन्टू यादव को पुरानी रेलवे क्रॉसिंग के निकट पुलिस ने पकड़ लिया। उसके पास से एक चाकू प्राप्त हुआ, जिसकी लंबाई 17 सेमी और चौड़ाई 03 सेमी थी।
पुलिस पूछताछ के दौरान आर्या ने खुलासा किया कि उसकी बहन प्रीती यादव को उसके चाचा अशोक ने पकड़ा था। उसने अपनी पूरी ताकत लगाकर उसका गला दबा दिया, जिसके बाद प्रीती का शरीर शांत हो गया और वह मर गई। थोड़ी देर बाद, उसने और उसके चाचा ने प्रीती की लाश को एक कम्बल में लपेटा और रात में उसे इसी अपाचे मोटरसाइकिल पर रखकर रेलवे ट्रैक के पास एक अलग-थलग जगह ले गए। वहां, जहां रेलवे ट्रैक के आस-पास पानीका जमाव था, उन्होंने मिलकर उसी चाकू से उसकी गर्दन काटी और गर्दन को चलते ट्रेन के सामने फेंक दिया ताकि उसकी पहचान न हो सके। पुलिस ने हत्या के लिए उपयोग की गई मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया है।
