कैमोर के तिलक चौक क्षेत्र में देर रात हुई आगजनी की वारदात

कटनी। कैमोर क्षेत्र के तिलक चौक में 18 नवंबर मंगलवार को कुछ आपराधिक लोगों ने एक मिस्त्री की दुकान के बाहर खड़ी छह से अधिक गाड़ियों को आग लगा दी।

आग लगाने के लिए संभवतः पेट्रोल का इस्तेमाल किया गया था। इन वाहनों में जो जलकर राख हो गए, वे दो पहिया और चार पहिया गाड़ियों का समावेश कर रहे हैं।

जानकारी मिली है कि इनमें से एक गाड़ी विजयराघवगढ़ पुलिस थाने की है, जो मरम्मत और रंगाई के लिए मिस्त्री के पास लाई गई थी। दूसरी एक गाड़ी तिलक चौक के निवासी अधिवक्ता संजय जयसवाल की है। अन्य गाड़ियों के मालिकों का भी पता लगाया जा रहा है।

आधा दर्जन से अधिक गाड़ियों को किया आग के हवाले, विजयराघवगढ़ थाने सहित एक अधिवक्ता की गाड़ी भी हुई खाक, कैमोर के तिलक चौक क्षेत्र में देर रात हुई आगजनी की वारदात।

इस आगजनी की घटना ने क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है। हाल ही में, भाटिया मुहल्ला में भी एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा घर के बाहर खड़ी एक चार पहिया गाड़ी को आग लगाकर नष्ट कर दिया गया था, लेकिन शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया था

अब कल रात फिर से आधा दर्जन से अधिक गाड़ियों को जला देने की आपराधिक घटना यह दर्शाती है कि आपराधिक तत्वों का हौसला काफी बढ़ गया है। घटना की सूचना मिलते ही कैमोर और विजयराघवगढ़ के थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस के उच्चाधिकारियों को भी इस घटना की जानकारी दी जा चुकी है।

कैमोर पुलिस घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से फुटेज को खंगालने में जुटी हुई है। पेट्रोल पंपों के कैमरों पर भी पुलिस का ध्यान केंद्रित है। समाचार लिखे जाने तक जांच जारी थी। प्रारंभिक जांच के बाद FIR दर्ज होने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।

हत्या करने की नियत से धारदार चाकू से किया गया हमला

मामले की संक्षिप्त जानकारी इस प्रकार है कि शिकायतकर्ता धर्मेन्द्र चंद्रवंशी पिता अयोध्या चंद्रवंशी, जिसकी आयु 25 वर्ष है और जो ग्राम परसवारा थाना पाण्डातराई का निवासी है, ने 19.10.2025 को थाने में आकर एक रिपोर्ट दर्ज कराई।

उसने बताया कि 15.10.2025 को रात लगभग 8:30 बजे वह अपने घर से भोजन कर गांव के दुर्गा मंदिर की ओर अपने दोस्तों के साथ घूमने गया था। दुर्गा मंदिर के पीछे बैठने के दौरान केशरी उर्फ सोनू चंद्रवंशी, जो इससे पहले की रंजिश के चलते पैसे के लेन-देन के विषय में उसे गालियाँ देते हुए आया, ने उससे कहा कि “तुम कितने पैसे वाले हो, तुम्हारा पैसा मैंने नहीं ढूंढा,” और उसके हाथ में एक धारदार चीज लेकर उस पर हमला कर दिया।

इससे उसके दाहिने गाल, गर्दन, दाहिने हाथ और पीठ पर चोटें आईं और खून बहने लगा। इसके परिजन उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पाण्डातराई लेकर पहुंचे, जहां से उसे जिला अस्पताल कवर्धा रेफर किया गया, जहां वह 15.10.2025 से 18.10.2025 तक भर्ती रहा और उसका इलाज किया गया। इस संबंध में थाना पाण्डातराई में अपराध क्रमांक 157/2025 धारा-296, 351(3), 118(1), 109 बीएनएस के तहत पंजीबद्ध कर लिया गया और मामले की जांच प्रारंभ की गई।

आरोपी घटना के बाद से फरार था। चूंकि यह मामला महिलाओं से संबंधित गंभीर अपराध श्रेणी में आता है, श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय जिला कबीरधाम श्री धर्मेन्द्र सिंह (भा.पु.से.) ने फरार आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के आदेश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय श्री पुष्पेन्द्र बघेल (रा.पु.से.) और श्री पंकज पटेल (रा.पु.से.) के मार्गदर्शन तथा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी श्री अखिलेश कुमार कौशिक (रा.पु.से.) के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक कमलाकांत शुक्ला द्वारा फरार आरोपी सोनू उर्फ केशरी चंद्रवंशी पिता शोभा राम उर्फ नारद चंद्रवंशी, उम्र 26 वर्ष, निवासी ग्राम परसवारा, थाना पाण्डातराई, जिला कबीरधाम की लगातार खोज की जा रही थी।

एक मुखबिर को तैनात किया गया, जिसके द्वारा सूचना के मिलने पर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपने अपराध को स्वीकार किया। आरोपी सोनू उर्फ केशरी चंद्रवंशी से मेमोरंडम के आधार पर घटना में प्रयुक्त एक धारदार चाकू भी बरामद किया गया। आरोपी को 18.11.2025 के 15:10 बजे विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां उसके जेल वारंट के बनने पर उसे जेल में दाखिल किया गया।
उपरोक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक कमलाकांत शुक्ला, उप निरीक्षक उमा उपाध्याय, प्र.आर. राधेलाल चंद्रवंशी, आरक्षक मारतंग चंद्रवंशी, शिवा और पुरुषोत्तम का विशेष योगदान रहा है।

धारदार चाकू सहित पकड़ा गया नाबालिग 

थाना कोतवाली में तैनात सउनि कोतवाली कोतनी को जानकारी मिली कि एक युवक धारदार चाकू लेकर अपराध करने के इरादे से गायत्री नगर पुलिया पंप हाउस रोड के पास खड़ा है।

सोमवार को इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए प्रआर 309 वीरेंद्र तिवारी, आर 262 अमित सिंह, आर 546 अजय सिंह, आर 327 उपेंद्र सिंह सरकारी वाहन और विवेचना किट के साथ घटनास्थल के लिए भेजे गए।

जब पुलिस टीम मुखबिर द्वारा बताई गई जगह पर पहुंची, तो वहां पर बताए गए लक्षणों वाला एक युवक संदिग्ध स्थित में देखा गया। उसे चारों ओर से घेर कर पकड़ा गया और उसकी तलाशी ली गई।

तलाशी के दौरान युवक की कमर के दाईं ओर एक काले कवर में लोहे का धारदार चाकू बरामद हुआ।
पूछताछ के दौरान युवक ने अपना नाम आयुष दाहिया, पिता का नाम अमित दाहिया, उम्र 16 वर्ष, और निवास स्थान खैर माता मंदिर के पास, बैलट घाट, थाना कोतवाली कटनी बताया।

चाकू रखने के संदर्भ में वैध कागजात दिखाने को कहा गया, पर वह किसी भी दस्तावेज को प्रस्तुत नहीं कर सका।
पुलिस ने जब चाकू का माप लिया तो विवरण इस प्रकार था—
कुल लंबाई: 12 इंच
धार (फन) की लंबाई: 7 इंच
फन की चौड़ाई: डेढ़ इंच
हैंडल की लंबाई: 5 इंच
ऊपरी हिस्से पर: 8 कट्टरनुमा निशान पाए गए
ऐप के माध्यम से विधि उल्लंघनकर्ता बालक के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की गई, जिसमें पूर्व में रिकॉर्ड मिलने पर उसे अभिरक्षा में लिया गया। अभिरक्षा में लेने की सूचना उसे के परिवार के सदस्यों को अलग से दी जा रही है।

विधि उल्लंघनकर्ता बालक द्वारा किए गए कृत्य को धारा 25 आर्म्स एक्ट के अंतर्गत दंडनीय पाया गया, जिसके परिणामस्वरूप आयुध अधिनियम 1959 की धारा 25 के तहत कार्रवाई की गई, और वापस लौटने पर अपराध क्रमांक दर्ज कर प्रकरण की विवेचना शुरू की गई।

2.96 करोड़ रुपये हड़पने के मामले में एक और डीएसपी व इंस्पेक्टर सहित चार गिरफ्तार

जबलपुर के विशेष जांच दल (SIT) ने 18 नवंबर, मंगलवार को हवाला के 2.96 करोड़ रुपये के डकैती मामले में महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए एसडीओपी पूजा पांडे के बैच मेट और बालाघाट में तैनात एसडीओपी (डीएसपी) पंकज, जबलपुर क्राइम ब्रांच के आरक्षक प्रमोद सोनी के साथ-साथ दो अन्य व्यक्तियों पंजू गिरी गोस्वामी कटनी और वीरेन्द्र दीक्षित जबलपुर को गिरफ्तार किया और उन्हें सिवनी न्यायालय में पेश किया।

पूछताछ के लिए दो दिनों की पुलिस रिमांड
न्यायालय ने चारों आरोपियों को पूछताछ के लिए दो दिनों की पुलिस रिमांड दी है। इस दो दिनों की रिमांड के दौरान एसआईटी आरोपियों से पूछताछ कर इस मामले में आगे की जांच करेगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए वीरेन्द्र दीक्षित जेल में बंद एसडीओपी पूजा पांडे का जीजा है। पंजू गिरी गोस्वामी कटनी, जो इस लूट की घटना के हवाला रुपयों के परिवहन की जानकारी संबंधितों तक पहुंचाने वाला बताया गया है।

जांच कर रहे जबलपुर क्राइम ब्रांच के एएसपी और एसआईटी प्रमुख जितेन्द्र सिंह ने कहा कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बालाघाट हाकफोर्स एसडीओपी (डीएसपी) पंकज मिश्रा, जबलपुर क्राइम ब्रांच के आरक्षक प्रमोद सोनी के साथ-साथ पंजू गिरी गोस्वामी कटनी और वीरेन्द्र दीक्षित शामिल हैं। इन चारों से दो दिनों की रिमांड में पूछताछ कर एसआईटी इस प्रकरण की व्यापक जांच कर रही है।

हवाला मामले में बालाघाट के हाकफोर्स एसडीओपी सहित चार लोगों की गिरफ्तारी के उपरांत आरोपियों की कुल संख्या 15 हो गई है। इस मामले में पहले से हिरासत में लिए गए एसडीओपी पूजा पांडे, एसआई अर्पित भैरम समेत अन्य 9 पुलिस कर्मियों की न्यायिक हिरासत न्यायालय ने 26 नवंबर तक बढ़ा दी है।

एसडीओपी पूजा पांडे और उसके ड्राइवर रितेश वर्मा ने उच्च न्यायालय में जमानत याचिका दाखिल की है। जानकारी के अनुसार, एसडीओपी पूजा पांडे को सेंट्रल जेल रीवा में जबकि शेष 10 पुलिस कर्मियों को नरसिंहपुर सेंट्रल जेल में रखा गया है। जेल में बंद 10 पुलिस कर्मियों की न्यायिक रिमांड के मामले में न्यायालय ने सभी 11 पुलिस कर्मियों को 14 दिनों के लिए न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया था।

बस में महिला शूटर से छेड़छाड़

इंदौर में एक निजी ट्रैवल्स की बस में एक महिला शूटर के साथ छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। यह घटना तब हुई जब 30 वर्षीया महिला भोपाल से वर्मा ट्रेवल्स की बस में पुणे की ओर यात्रा कर रही थी। रास्ते में, एक नशे में धुत हेल्पर ने सीट का बहाना बनाकर महिला को गलत तरीके से छुआ।

जब महिला ने इसका विरोध किया, तो वह वहां से चला गया, लेकिन कुछ समय बाद वह कई बार आकर छेड़छाड़ करने की कोशिश करता रहा। जैसे ही महिला राजेंद्रनगर थाना क्षेत्र में पहुंची, उसने बस रुकवाई और पुलिस को सूचित करने की बात कही। इसी बीच, पुलिस की चेकिंग देखकर चालक और हेल्पर घबरा गए और बस को सड़क पर रोककर भाग गए।

इसके बाद, बस में मौजूद यात्री घंटों तक ठंड में सड़क पर खड़े रहे। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की, बस के मालिक से संपर्क किया और दूसरे चालक व हेल्पर को बुलवाया, जिसके बाद बस को आगे के लिए रवाना किया गया।
राजेंद्रनगर थाना पुलिस ने जानकारी दी कि महिला ने एक लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल मामला दर्ज नहीं हुआ है क्योंकि पीड़िता ने कानूनी सलाह लेने का उल्लेख किया है। पुलिस ट्रैवल्स के संचालक से आरोपी चालक और हेल्पर के बारे में पूरी जानकारी जुटा रही है।घटनाक्रम के बाद यात्रियों में भी अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया।

बस रुकने और चालक-हेल्पर के भाग जाने के कारण यात्रियों को कई घंटों तक कठिनाई का सामना करना पड़ा। अधिकारियों के अनुसार, दूसरे चालक के आने तक यात्रियों की सुरक्षा का ध्यान रखा गया।

यह ध्यान देने योग्य है कि इसी थाना क्षेत्र में पिछले सप्ताह मुंबई-इंदौर बस में भी एक युवती के साथ छेड़छाड़ का मामला रिपोर्ट हुआ था, जिसमें आरोपी यात्री के साथ-साथ चालक और हेल्पर को भी जिम्मेदार ठहराया गया था। लगातार ऐसी घटनाओं ने बस यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 सरपंच पति पर चाकू से किया प्राणघातक हमला

जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के पनागर थाना क्षेत्र में नाली बनाने के मुद्दे को लेकर सरपंच पति पर चाकू से जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। इस वारदात में शामिल एक व्यक्ति को पुलिस ने पकड़ लिया है।

वहीं, अन्य फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस लगी हुई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जबलपुर शहर में चाकू से हमलों की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रहीं, जिसके कारण शहर में डर का माहौल बना हुआ है।

जबलपुर के थाना पनागर में ग्राम कंदराखेड़ा परियट में विवाद की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। वहां पर घायल इंद्रकुमार पटेल को इलाज के लिए स्वास्तिक अस्पताल ले जाया गया। स्वास्तिक अस्पताल पहुंचने पर इंद्रकुमार पटेल, जो कि 50 वर्ष के हैं और ग्राम कंदराखेड़ा पुरानी बस्ती के निवासी हैं, ने बताया कि वह जिला पंचायत सदस्य हैं।

उनकी पत्नी ज्योति पटेल ग्राम पंचायत कंदराखेड़ा की सरपंच हैं। कंदराखेड़ा में सड़क निर्माण के कारण पानी की पाइपलाइन टूट गई थी। लगभग 1:30 बजे, कंदराखेड़ा स्थित अवस्थी डेयरी के पास, इंद्रकुमार पाइपलाइन की मरम्मत कर रहा था। तभी गांव का सौरभ पटेल अपने दोस्तों हर्ष यादव और बबलू के साथ मोटरसाइकिल पर आया और उससे पूछा कि उसके घर के पीछे की नाली क्यों नहीं बनवाई जा रही है।

इंद्रकुमार ने बताया कि नाली का काम स्वीकृत हो चुका है और जैसे ही पंचायत का बजट आएगा, नाली का निर्माण शुरू हो जाएगा। इसी बात पर सौरभ, हर्ष यादव और बबलू ने उसकी पत्नी का नाम लेकर गालियाँ देना शुरू कर दिया। जब इंद्रकुमार ने गालियां देने से मना किया, तो सौरभ ने चाकू से हमला करके उसके पेट में चोट पहुंचा दी और फिर तीनों मोटरसाइकिल पर बैठकर परियट की ओर भाग गए। इस संबंध में धारा 296, 109, 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और इसकी जांच प्रारंभ कर दी गई है।

जबलपुर पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की जल्दी गिरफ्तारी का आदेश दिया। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष गुप्ता और नगर पुलिस अधीक्षक अधारताल राजेश्वरी कौरव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी पनागर विपिन ताम्रकार की अगुवाई में एक टीम का गठन किया गया।

इस टीम ने सक्रियता से तलाश करते हुए आरोपी सौरभ पटेल, जो 20 वर्ष का है और नई बस्ती परियट पनागर का निवासी है, को हिरासत में लिया। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त चायना चाकू भी बरामद कर लिया गया। आरोपी को कानूनी तरीके से गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। जबकि अन्य फरार आरोपियों की खोज जारी है।

₹3.98 करोड़ की नकदी सागर में जब्त

कटनी से महाराष्ट्र की ओर ले जाई जा रही ₹3.98 करोड़ की नकद राशि सागर में जब्त
कंबल के नीचे छिपाई गई थी 500 और 200 रुपये की गड्डियां, दो युवकों को गिरफ्तार किया गया
पहले सिवनी में भी ₹2.96 करोड़ की नकद राशि मिली थी
कटनी। सागर के मोतीनगर पुलिस ने सोमवार की रात एक महत्वपूर्ण कार्रवाई में ₹3.98 करोड़ की बड़ी रकम जब्त की है। यह पैसा कटनी से सागर और भोपाल होते हुए महाराष्ट्र के लिए जा रहा था। इतनी अधिक नकद राशि जब्त होने के बाद पुलिस और आयकर विभाग दोनों सक्रिय हो गए हैं।
कैसे पकड़ी गई रकम
मोतीनगर पुलिस को एक सूचनादाता से खबर मिली कि सफेद स्कॉर्पियो एमपी-47 BB-4443 में बड़ी मात्रा में नकद लेकर कुछ युवक भोपाल रोड की दिशा में बढ़ रहे हैं। पुलिस ने वाहन को चारों ओर से घेरकर रोका। जब तलाशी ली गई, तो उमर में बैठे दो युवकों को गिरफ्तार किया गया। गाड़ी की गहन जांच में एक बक्से के नीचे कई गड्डियां 500 और 200 रुपये की छुपाई हुई मिलीं, जिनका ढंकाव कंबल से किया गया था ताकि किसी को संदेह न हो।
जांच से और भी बड़ी जानकारियों के संकेत
जप्त की गई राशि के स्रोत और मंजिल को लेकर कई प्रश्न उठ रहे हैं। पुलिस मानती है कि यह मामला हवाला नेटवर्क, अवैध धन की वहन या किसी संगठित गिरोह के साथ जुड़ा हो सकता है। पुलिस ने दोनों युवकों के कॉल रिकॉर्ड, यात्रा मार्ग, संपर्कों और वित्तीय गतिविधियों की जांच शुरू की है। इस बीच, आयकर विभाग ने भी धन की वैधता और लेनदेन की पूरी पड़ताल अपने स्तर पर शुरू कर दी है।
कटनी–सागर–महाराष्ट्र मार्ग पर ध्यान
नकद राशि कटनी से सागर और भोपाल होते हुए महाराष्ट्र जा रही थी, जिसने पुलिस के संदेह को और बढ़ा दिया है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुट गई हैं कि इतनी बड़ी राशि के नेटवर्क में कौन लोग शामिल हैं और इसका अंतिम वितरण किसे किया जाना था। मोतीनगर पुलिस द्वारा किए गए इस ऑपरेशन से संभवत: एक बड़े अंतरराज्यीय हवाला या नकद परिवहन रैकेट के खुलासे का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।
सिवनी में भी मिली थी ₹2.96 करोड़ की राशि
लगभग एक महीने पहले सिवनी में ₹2.96 करोड़ की नकद राशि जब्त की गई थी। उस मामले में जांच के दौरान यह सामने आया था कि रकम को कुछ पुलिस अधिकारियों द्वारा ही हड़प लिया गया था। इस मामले में एक दर्जन लोग आरोपित हुए हैं और दो राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया गया है।

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