जबलपुर के विशेष जांच दल (SIT) ने 18 नवंबर, मंगलवार को हवाला के 2.96 करोड़ रुपये के डकैती मामले में महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए एसडीओपी पूजा पांडे के बैच मेट और बालाघाट में तैनात एसडीओपी (डीएसपी) पंकज, जबलपुर क्राइम ब्रांच के आरक्षक प्रमोद सोनी के साथ-साथ दो अन्य व्यक्तियों पंजू गिरी गोस्वामी कटनी और वीरेन्द्र दीक्षित जबलपुर को गिरफ्तार किया और उन्हें सिवनी न्यायालय में पेश किया।
पूछताछ के लिए दो दिनों की पुलिस रिमांड
न्यायालय ने चारों आरोपियों को पूछताछ के लिए दो दिनों की पुलिस रिमांड दी है। इस दो दिनों की रिमांड के दौरान एसआईटी आरोपियों से पूछताछ कर इस मामले में आगे की जांच करेगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए वीरेन्द्र दीक्षित जेल में बंद एसडीओपी पूजा पांडे का जीजा है। पंजू गिरी गोस्वामी कटनी, जो इस लूट की घटना के हवाला रुपयों के परिवहन की जानकारी संबंधितों तक पहुंचाने वाला बताया गया है।
जांच कर रहे जबलपुर क्राइम ब्रांच के एएसपी और एसआईटी प्रमुख जितेन्द्र सिंह ने कहा कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बालाघाट हाकफोर्स एसडीओपी (डीएसपी) पंकज मिश्रा, जबलपुर क्राइम ब्रांच के आरक्षक प्रमोद सोनी के साथ-साथ पंजू गिरी गोस्वामी कटनी और वीरेन्द्र दीक्षित शामिल हैं। इन चारों से दो दिनों की रिमांड में पूछताछ कर एसआईटी इस प्रकरण की व्यापक जांच कर रही है।
हवाला मामले में बालाघाट के हाकफोर्स एसडीओपी सहित चार लोगों की गिरफ्तारी के उपरांत आरोपियों की कुल संख्या 15 हो गई है। इस मामले में पहले से हिरासत में लिए गए एसडीओपी पूजा पांडे, एसआई अर्पित भैरम समेत अन्य 9 पुलिस कर्मियों की न्यायिक हिरासत न्यायालय ने 26 नवंबर तक बढ़ा दी है।
एसडीओपी पूजा पांडे और उसके ड्राइवर रितेश वर्मा ने उच्च न्यायालय में जमानत याचिका दाखिल की है। जानकारी के अनुसार, एसडीओपी पूजा पांडे को सेंट्रल जेल रीवा में जबकि शेष 10 पुलिस कर्मियों को नरसिंहपुर सेंट्रल जेल में रखा गया है। जेल में बंद 10 पुलिस कर्मियों की न्यायिक रिमांड के मामले में न्यायालय ने सभी 11 पुलिस कर्मियों को 14 दिनों के लिए न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया था।
