नागौद : सोशल मीडिया की प्रसिद्धि और रील बनाने के जुनून ने एक युवा को कारागार की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। पन्ना जिले का रहने वाला समीर, जो नागौद में रह रहा था, रील बनाने के दौरान गलती से खुद को गोली मार बैठा। लेकिन अपने खिलाफ हुई बदनामी से बचने और प्रतिकूलता से निपटने के लिए उसने एक झूठी कहानी की रचना की। पुलिस के विवेक और जांच के माध्यम से सच्चाई सामने आ गई। गुरुवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने के तुरंत बाद पुलिस ने समीर को हिरासत में लिया और जेल भेज दिया। इस मामले में पहले से ही तीन अन्य आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि दो और अब भी फरार बताए जा रहे हैं।
हाथ में गोली लगने के बाद बोला – दुश्मनों ने हमला कर दिया
14 नवंबर की शाम को समीर, जो पवई के शरीफ सौदागर का 22 वर्ष का बेटा है और वर्तमान में नागौद में किराए पर रह रहा था, अपने बाएं हाथ में गोली लगने की स्थिति में सिविल अस्पताल पहुंचा। घायल सामीर ने पुलिस को जानकारी दी कि पिछले पांच महीनों की रंजिश के कारण निशांत और उसके दो साथियों ने उसका पीछा किया और उस पर गोली चलाई।
पुलिस की जांच में कहानी निकली झूठी – निशांत तो पुणे में था
पुलिस ने समीर की बातें सुनकर तुरंत जांच शुरू की। हालांकि, जब उन्होंने तथ्यों की छानबीन की, तो समीर की कहानी संदिग्ध प्रतीत होने लगी। जांच के दौरान यह प्रमाणित हुआ कि जिस निशांत पर समीर ने आरोप लगाया था, वह घटना के समय नागौद से दूर, पुणे में रह रहा था। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी सबूतों और गवाहों से पूछताछ की, जिससे पूरी सच्चाई उजागर हो गई।
रील बनाते समय चली गोली
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि जिस दिन यह घटना हुई, समीर अपने मित्रों—राजाबाबू ताम्रकार, हिमांशु यादव, संजय बेल्दार, प्रदीप प्रजापति और दिल्लू मुसलमान—के साथ नशे में धुत कार चला रहा था। इस दौरान सभी ने सोशल मीडिया के लिए रील बनाने की योजना बनाई। रील के लिए समीर ने एक लोडेड देसी कट्टा उठाया, और उसे नहीं पता था कि यह हथियार पूरी तरह से तैयार है। रील बनाते समय अनजाने में ट्रिगर दब गया और गोली उसके बाएं हाथ में लग गई।
विरोधी को फंसाने की पूरी साजिश रची
गोली लगने के बाद घबराए समीर और उसके साथी यह समझ गए कि पुलिस जांच में उनकी करतूत उजागर हो सकती है। खुद को बचाने और हथियार रखने की सजा से बचने के लिए उन्होंने तुरंत झूठा आरोप लगाने की योजना बनाई और अपने पुराने विवाद के कारण निशांत का नाम इसमें शामिल कर दिया।
तीन आरोपी पहले ही गिरफ्तार – अब समीर भी जेल भेजा गया
इस प्रकरण में पुलिस पहले ही हिमांशु यादव, संजय बेल्दार और प्रदीप प्रजापति को गिरफ्तार कर चुकी थी। अब जैसे ही समीर को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया, उसे भी हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक, दो अन्य आरोपी—राजाबाबू ताम्रकार और दिल्लू मुसलमान—अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
