कटनी (विशेष )। लोकतंत्र की निष्पक्षता और मतदाता सूची में पारदर्शिता की मांग को लेकर कटनी जिले में राजनीतिक पारा चरम पर पहुंच गया है। जिला कांग्रेस कमेटी (शहर एवं ग्रामीण) के संयुक्त बैनर तले बुधवार को एक ऐतिहासिक और विशाल जनाक्रोश प्रदर्शन आयोजित किया गया। कटनी शहर से लेकर विजयराघवगढ़ और बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्रों तक के हजारों कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार, भाजपा तथा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूरे शहर को नारों से गुंजायमान कर दिया।
पुरानी कचहरी से गूंजी हुंकार: पीएम मोदी और सीईसी के मुखौटे पहन मार्च में शामिल हुए कार्यकर्ता
प्रदर्शन का मुख्य केंद्र पुरानी कचहरी स्थित महारानी लक्ष्मीबाई स्मारक बना, जहां सुबह से ही शहर व ग्रामीण क्षेत्रों से कार्यकर्ताओं का हुजूम जुटना शुरू हो गया था। शहर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट अमित शुक्ला और ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ सिंह के नेतृत्व में सभी पदाधिकारियों ने सबसे पहले महारानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और इसके बाद विशाल पैदल मार्च की शुरुआत हुई।
प्रदर्शन को अनोखा रूप देने के लिए कुछ कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुखौटे लगाकर मार्च में शामिल हुए। पूरे रास्ते कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एवं चुनाव आयोग की नीतियों व निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए जमकर नारेबाजी की।
यह पैदल मार्च शहर के सबसे प्रमुख व्यापारिक और संवेदनशील मार्गों से होकर गुजरा:
- शुरुआती बिंदु: पुरानी कचहरी (लक्ष्मीबाई स्मारक)
- मुख्य मार्ग: सुभाष चौक ➔ गोल बाजार ➔ सिल्वर टॉकीज ➔ झंडा बाजार ➔ सराफा बाजार ➔ जैन मंदिर ➔ रुई बाजार ➔ कपड़ा बाजार
- वापसी मार्ग: पुनः सुभाष चौक ➔ थाना तिराहा ➔ स्टेट बैंक ➔ समापन: पुरानी कचहरी
बेड़ियों में जकड़ा प्रतीकात्मक पुतला: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले का दहन
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग को बेड़ियों में जकड़ा हुआ दिखाते हुए अपना विरोध जताया। पैदल मार्च घूमकर जब वापस पुरानी कचहरी पहुंचा, तो आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया।
मार्च के दौरान कार्यकर्ता लगातार:
- “वोट चोर-गद्दी छोड़”
- “मोदी-अमित शाह होश में आओ”
- “चुनाव आयोग को बर्खास्त करो”
जैसे तीखे और आक्रामक नारे लगाते रहे।
बैरिकेडिंग पर वॉटर कैनन का प्रयोग, प्रदर्शन समाप्त होते वक्त पुलिस से झड़प; सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन को रोकने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक बैरिकेडिंग कर रखी थी। मार्च के दौरान जब कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने का प्रयास किया, तो पुलिस द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पानी की बौछार (वॉटर कैनन) का प्रयोग किया गया।
पुतला दहन और प्रदर्शन के अंतिम चरण में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प की स्थिति भी बनी। हालांकि, तमाम दबाव के बावजूद कांग्रेस नेता मौके पर डटे रहे और प्रदर्शन समाप्त होने के दौरान कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा।
कांग्रेस जिला नेतृत्व का सीधा हमला
“मतदाता सूची में हेरफेर लोकतंत्र की हत्या जैसा” — एडवोकेट अमित शुक्ला
शहर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट अमित शुक्ला ने कहा, “मतदाता सूची किसी भी लोकतंत्र की प्राथमिक बुनियाद होती है। यदि नागरिक का वोट देने का अधिकार ही सुरक्षित नहीं रहेगा, तो निष्पक्ष चुनाव की कल्पना व्यर्थ है। मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठाती रहेगी। लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस कार्यकर्ता पीछे हटने वाले नहीं हैं।”
“गांव-गांव तक फैलेगा यह जनांदोलन” — सौरभ सिंह
ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ सिंह ने कहा, “आज कटनी का किसान, युवा और आम नागरिक यह देख रहा है कि किस तरह लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से खिलवाड़ किया जा रहा है। आज शहर से लेकर गांव तक का कार्यकर्ता एकजुट होकर सड़क पर उतरा है। मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों का पारदर्शी तरीके से जवाब मिलना चाहिए। कांग्रेस का यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।”
जिला स्तरीय एकजुटता: प्रमुख नेताओं की रही मौजूदगी
इस विशाल प्रदर्शन में शहर व ग्रामीण क्षेत्र की व्यापक मौजूदगी से जिला स्तर की एकजुटता साफ नजर आई। प्रदर्शन में प्रमुख रूप से:
- वरिष्ठ नेता व पदाधिकारी: बसंत सिंह, प्रियदर्शन गौर, करन सिंह चौहान, रजनी वर्मा, हरिशंकर शुक्ला, राजा जगवानी, गणेश राव, महेंद्र जैन, प्रेम बत्रा।
- सक्रिय कार्यकर्ता: दिव्यांशु ‘अंशु’ मिश्रा, राजेश जाटव, जितेन्द्र गुप्ता, अजय जैसवानी, राकेश ‘गुड्डू’ द्विवेदी, जालिम यादव, प्रशांत जायसवाल, मोसुफ खान सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।












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