बड़वारा। क्षेत्र में लंबे समय से ₹1 और ₹2 के वैध भारतीय सिक्कों का चलन बंद होने की आड़ में आम जनता के साथ हो रही धोखाधड़ी और दुर्व्यवहार के खिलाफ जन-आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। इस गंभीर समस्या को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता जय सूर्यवंशी ने अपनी टीम के साथ तहसील कार्यालय पहुँचकर तहसीलदार महोदय को ज्ञापन सौंपा और दुकानदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।आम जनता और गरीब वर्ग सबसे ज़्यादा परेशानज्ञापन सौंपते हुए जय सूर्यवंशी ने कहा कि बड़वारा क्षेत्र में स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों द्वारा ₹1 और ₹2 के सिक्के लेने से साफ इनकार किया जा रहा है। सिक्कों के बंद होने की झूठी अफवाह के कारण रोज़मर्रा की आवश्यक वस्तुएँ खरीदने आने वाले आम नागरिकों, विशेषकर गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सिक्का न लेने के कारण दुकानों पर आए दिन ग्राहकों और व्यापारियों के बीच विवाद की स्थिति बन रही है, जिससे क्षेत्र में शांति व्यवस्था बिगड़ने की संभावना बनी रहती है।प्रशासन से की गई मुख्य माँगें:कानूनी कार्रवाई: सिक्के स्वीकार न करने वाले दुकानदारों और व्यापारियों के खिलाफ बैंक नोट/सिक्का अधिनियम और नियमों के तहत त्वरित एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाए।सार्वजनिक मुनादी: क्षेत्र में फैली अफवाह को दूर करने के लिए प्रशासन द्वारा तुरंत लाउडस्पीकर से मुनादी कराई जाए ताकि लोगों को जागरूक किया जा सके।सख्त निर्देश: सभी छोटे-बड़े व्यापारियों को लिखित निर्देश जारी किए जाएं कि वे वैध भारतीय मुद्रा लेने से मना न करें।मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनीजय सूर्यवंशी ने स्पष्ट किया कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमानुसार वैध मुद्रा को लेने से मना करना एक दंडनीय अपराध है। यदि प्रशासन ने इस ज्ञापन को संज्ञान में लेते हुए जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए, तो जनहित में इस लड़ाई को और तेज़ किया जाएगा तथा व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।इस अवसर पर जय सूर्यवंशी के साथ उनकी पूरी टीम और क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक एवं युवा उपस्थित रहे।

