कटनी शहर की प्रसिद्ध लाल पहाड़ी को खनिज माफिया इस प्रकार से नष्ट करने में जुटे हुए हैं। जैसे एक भूखा शिकारी अपनी भूख संतोष करने के लिए किसी भी सीमा तक जाने को तत्पर रहता है। लाल पहाड़ी को नुकसान पहुँचाने वालों को खनिज विभाग ने पूरी अनुमति दे रखी है। यह पहाड़ी शहर के मध्य थाना माधव नगर क्षेत्र में लगभग 300 एकड़ भूमि में फैली हुई है, जिसमें बॉक्साइट और लेटराइट जैसे मूल्यवान खनिज प्रचुर मात्रा में मौजूद हैं। लेकिन खनिज विभाग की मिलीभगत के कारण लाल पहाड़ी का अस्तित्व खनिज माफियाओं के हाथों समाप्त होने के कगार पर पहुँच गया है। यह भी उल्लेखनीय है कि बरगवां के पास भारतीय जीवन बीमा कार्यालय के पीछे, जहाँ भी खनिज माफियाओं को मौका मिलता है, वे खनन प्रक्रिया शुरू कर देते हैं। आप देख सकते हैं उस गहरे गड्ढे को, जहाँ खनिज संपदा को चुराने वाले उसे इकट्ठा कर रहे हैं। दिन के समय खनिज चोर गरीब महिला श्रमिकों को ज्यादा पैसे का लालच देकर खुदाई का कार्य करवाते हैं। और जब सामग्री एकत्रित हो जाती है, तो चोरों की तरह काली रात में ट्रैक्टर ट्रॉली के माध्यम से उसे परिवहन किया जाने लगता है। हमारे स्रोतों के अनुसार, हर दिन यहाँ खुदाई करने के बाद रात होते ही परिवहन का काम शुरू हो जाता है। प्रतिदिन लगभग 10 से 15 ट्रॉली बॉक्साइट और लेटराइट चुराई जाती है।
