स्वच्छता ​स्वच्छ सर्वेक्षण में अव्वल आने को कटनी निगम ने कसी कमर, दो शिफ्टों में हो रही सफाई

कटनी। स्वच्छ सर्वेक्षण के अंतर्गत शहर की रैंकिंग को सुधारने के लिए नगर पालिक निगम कटनी ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। निगम प्रशासन अब शहर की सफाई को सुनिश्चित करने के लिए दो पालियों में कार्य कर रहा है।
सड़कों
पर धूल की मात्रा कम करने के लिए रोड स्वीपिंग मशीन का प्रयोग किया जा रहा है, इसके साथ ही नोडल अधिकारी हर दिन सुबह वार्डों का आकस्मिक निरीक्षण कर रहे हैं। सोमवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय वार्ड में विशेष जागरूकता अभियान के माध्यम से नागरिकों को सूखी और गीली कचरे को अलग करने की जानकारी प्रदान की गई।
नियम
उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई: निगम ने सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ अभियान चलाकर 4400 रुपये का स्पॉट फाइन वसूला है। इसके साथ ही जन स्वास्थ्य की देखभाल के लिए शाम के समय फॉगिंग और सुबह कीटनाशकों का छिड़काव किया जा रहा है। यातायात को सुचारू बनाने के लिए घुमंतू मवेशियों को पकड़ने का अभियान भी निरंतर जारी है।

जल
बर्बादी पर निगम की कड़ी नजर; अभियान के तहत अब तक 434 पाइपलाइन लीक को ठीक किया गया
कटनी।
‘जल संरक्षण और संवर्धन अभियान’ के तहत नगर निगम कटनी शहर में हर बूंद पानी की बचत के लिए सख्त कदम उठा रहा है। 19 मार्च से आरंभ हुए इस विशेष अभियान के अंतर्गत निगम की टीमों ने अब तक शहर के विभिन्न स्थानों पर 434 लीक को चिन्हित करके उन्हें ठीक किया है।
कार्यपालन
यंत्री श्री सुधीर मिश्रा ने बताया कि विशेष टीमें वार्डों में सक्रिय हैं जो क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की पहचान कर तात्कालिक मरम्मत कर रही हैं। निगम ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे जल अपव्यय की जानकारी शीघ्र कार्यालय को दें, जिससे तुरंत कार्रवाई की जा सके।

पालतू
पशुओं का पंजीकरण
सावधान!
यदि बिना पंजीकरण पालतू कुत्ता रखा तो जुर्माना होगा, निगम ने प्रक्रिया शुरू की
कटनी।
नगर पालिक निगम अधिनियम के तहत कटनी शहर में पालतू कुत्तों का पंजीकरण अब अनिवार्य कर दिया गया है। अब तक शहर के 18 कुत्ता मालिकों ने अपना पंजीकरण करा लिया है।
स्वास्थ्य
अधिकारी श्री संजय सोनी ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य रेबीज जैसी बीमारियों की रोकथाम करना और जन सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।
पंजीकरण
की प्रक्रिया: आवेदन पत्र स्वास्थ्य विभाग (कमरा क्रमांक 66) या वार्ड दरोगा से प्राप्त किया जा सकता है।
शुल्क:
वार्षिक शुल्क केवल 150 रुपये है।
आवश्यक
दस्तावेज: कुत्ते का चित्र, टीकाकरण कार्ड और निवास प्रमाण पत्र।
निगम
ने स्पष्ट किया है कि बिना पंजीकरण कुत्ता रखने वालों पर नियमों के अनुरूप जुर्माना लगाया जाएगा।

जनगणना
प्रशिक्षण
जनगणना
2027: कटनी में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के लिए मकान सूचीकरण का प्रशिक्षण दिया गया
कटनी।
भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित जनगणना 2027 की तैयारी के लिए कटनी में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। सोमवार को नालंदा कॉमर्स कॉलेज में दूसरे दिन का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस
सत्र में जोन नंबर 2 (वार्ड 16 से 30) के 188 कर्मचारियों को मास्टर ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। राजस्व अधिकारी श्री जागेश्वर प्रसाद पाठक ने कहा कि कर्मचारियों को घरों की नंबरिंग, निर्माण सामग्री का विवरण और परिवार के सदस्यों की जानकारी इकट्ठा करने की तकनीकी विधियाँ सिखाई गईं। इस समय आत्म-गणना संदर्भ आईडी के उपयोग पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।

संगठन सृजन अभियान की समीक्षा में कई दिग्गज फेल, दर्जनभर जिलाध्यक्ष बदलने की तैयारी

भोपाल, / मध्यप्रदेश में कांग्रेस के संगठनात्मक सृजन अभियान के तहत नियुक्त जिलाध्यक्षों के कार्यों की जांच के बाद पार्टी में बड़े बदलावों के संकेत मिल रहे हैं। पार्टी के सूत्रों के अनुसार कई जिलाध्यक्ष अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में असफल रहे हैं, जिसके कारण लगभग एक दर्जन जिलाध्यक्षों को बदलने की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है।

सूत्रों
से जानकारी मिली है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा स्थापित संगठन सृजन अभियान के तहत प्रदेश में नई नियुक्तियाँ की गई थी। अब अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा मध्यप्रदेश के लिए भेजे गए पर्यवेक्षक वामसी रेड्डी ने जिलाध्यक्षों की गतिविधियों की गहन समीक्षा की है।

रिपोर्ट
में लगभग 12 जिलाध्यक्षों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया है। यह रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी के माध्यम से राष्ट्रीय नेतृत्व के पास भेजी जाएगी। उच्चाधिकारियों की स्वीकृति मिलने के उपरांत कमजोर प्रदर्शन करने वाले जिलाध्यक्षों को हटाया जा सकता है।

पार्टी
के सूत्रों के अनुसार जिन जिलाध्यक्षों का प्रदर्शन कमजोर रहा है, उनमें कुछ अनुभवी नेता भी शामिल हैं। डिंडोरी के जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह मरकाम, सतना के विधायक एवं जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ कुशवाह, और मंडला के जिलाध्यक्ष डॉ अशोक मर्सकोले जैसे नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं।

इंदौर
शहर कांग्रेस के अध्यक्ष चिंटू चौकसे के कुछ निर्णयों और शीर्ष नेतृत्व से बिना चर्चा के दिए गए बयानों को लेकर भी संगठन में असंतोष जताया जा रहा है।

यह
ध्यान देने योग्य है कि जून 2025 में भोपाल में संगठन सृजन अभियान की शुरुआत के बाद लगभग दो महीने तक चर्चाएं और बैठकें हुई थीं, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेशभर में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की गई थी। अब आठ महीने बाद प्रदर्शन की समीक्षा के आधार पर संगठनात्मक बदलाव की संभावना बढ़ गई है।

जिला बदर की कार्यवाही 6 माह की अवधि के लिए किया जिले की राजस्‍व सीमाओं से निष्‍कासित

कटनी – कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री आशीष तिवारी ने रामनिवास सिंह वार्ड थाना रंगनाथ कटनी में निवासी शिशिर सिंह, जो गणेश सिंह के पुत्र हैं, उम्र 33 वर्ष, के खिलाफ मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्यवाही करते हुए 24 घंटे के भीतर उसे अगले 6 महीनों के लिए जिले की राजस्व सीमाओं से बाहर जाने का आदेश जारी किया है। कलेक्टर श्री तिवारी ने जिला बदर की प्रक्रिया पुलिस अधीक्षक से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर की है।

शिशिर
सिंह एक लगातार अपराध करने वाले व्यक्ति हैं। इनके खिलाफ अब तक हत्या के प्रयास, गाली-गलौज, मारपीट, सामान्य लोगों को गंभीर चोट पहुँचाना एवं जातिगत अपमान करने के लिए कुल 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने शिशिर के खिलाफ कई बार वैधानिक और निषेधात्मक कार्रवाइयाँ की हैं, लेकिन फिर भी इस आदतन अपराधी के आचरण में कोई सुधार नहीं दिखाई दिया।

आपराधिक
गतिविधियों के लगातार जारी रहने, आम नागरिकों के लिए आतंक का प्रतीक बनने के कारण क्षेत्र में शांति और सार्वजनिक सुरक्षा पर हो रहे प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए, कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री तिवारी ने आदतन अपराधी शिशिर सिंह को 24 घंटे के भीतर कटनी जिले की राजस्व सीमाओं और आस-पास के जबलपुर, मैहर, दमोह, पन्ना एवं उमरिया जिले की राजस्व सीमाओं से 6 महीने की अवधि के लिए बाहर जाने का आदेश दिया है।

कुठला पुलिस को “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत मिली सफलता गुमशुदा बालिका को किया दस्तयाब

कुठला पुलिस ने “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत गुमशुदा लड़की को सफलतापूर्वक खोजा

तारीख
20/04/2026
घटना
का संक्षिप्त विवरण: पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन मुस्कान” के निमित्त पुलिस अधीक्षक कटनी, श्री अभिनय विश्वकर्मा (भा0पु0से0) ने अपहरण किए गए बच्चों की खोज में कार्रवाई हेतु निर्देश जारी किए हैं। इस दिशा में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉक्टर संतोष डेहरिया और नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमति नेहा पच्चीसिया के मार्गदर्शन में, थाना प्रभारी कुठला निरीक्षक राजेन्द्र मिश्र के नेतृत्व में दिनांक 23/12/2025 को दर्ज किए गए गुमशुदा रिपोर्ट के मामले में कुठला पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत लापता नाबालिग लड़की को खोज निकाला। लड़की को सुरक्षित रूप से उसके परिवार के सदस्यों को सौंपा गया। लड़की की बरामदगी पर उसके परिवार ने कुठला पुलिस की गतिविधियों की प्रशंसा की है।
पुलिस
कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका: निरीक्षक राजेन्द्र मिश्र के मार्गदर्शन में, उप निरीक्षक सौरभ सोनी, महिला प्रधान आरक्षक सविता तिवारी और अन्य स्टाफ ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

अक्षय तृतीया पर प्रशासन की सख्ती: कटनी में 3 बाल विवाह समय रहते रुकवाए

कटनी। अक्षय तृतीया के अबूझ मुहूर्त पर बाल विवाह को रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी तैयारी में था। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर बनाए गए कोर ग्रुप की सक्रियता के कारण कटनी शहर में 1 और ढीमरखेड़ा क्षेत्र में 2 बाल विवाहों को समय पर रोक दिया गया।

प्राप्त
जानकारी के अनुसार, गुप्त सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक और पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और तीनों स्थानों पर हो रहे बाल विवाह को रोकते हुए परिवार को सख्त चेतावनी दी। अधिकारियों ने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अनुसार, यह एक दंडनीय अपराध है।

मजबूत
योजना से मिली सफलता

कलेक्टर
के निर्देश पर इस वर्ष बाल विवाह की रोकथाम के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई थी। एसडीएम की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कोर टीम का गठन किया गया, साथ ही जिला और विकासखंड स्तर पर एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया ताकि निगरानी तंत्र को मजबूती दी जा सके। इसी सक्रियता के कारण समय पर कार्रवाई संभव हो पाई।

कटनी
शहर में संयुक्त टीम की कार्रवाई

कटनी
के आधार कॉलोनी में एक 18 वर्ष से कम उम्र की बालिका का विवाह होने वाला था। सूचना मिलते ही महिला एवं बाल विकास विभाग और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम तुरंत वहां पहुंची। जांच में बालिका की उम्र 16 वर्ष और बालक की उम्र 22 वर्ष पाई गई। टीम ने परिवार, बारातियों, और आयोजन से जुड़े अन्य लोगों को कानून की जानकारी देते हुए विवाह रुकवाया। समझाने के बाद परिवार ने सहमति दी कि बालिका के बड़े होने के बाद ही विवाह करेंगे।

ढीमरखेड़ा
में दो बाल विवाह पर रोक

विकासखंड
ढीमरखेड़ा के ग्राम संकुई में दो नाबालिग बालकों के विवाह की तैयारी चल रही थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर देखा कि दोनों बालक 21 वर्ष से कम उम्र के हैं। अधिकारियों ने परिवार को समझाया कि 21 वर्ष से कम उम्र में विवाह करना कानून के खिलाफ है। मौके पर पंचनामा तैयार किया गया और परिवार ने बालकों के वैधानिक आयु पूरी होने के बाद ही विवाह करने पर सहमति दी।

प्रशासन
की अपील

जिला
प्रशासन ने नागरिकों से निवेदन किया है कि वे बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को खत्म करने में सहयोग करें और ऐसी किसी भी सूचना को तुरंत प्रशासन तक पहुंचाएं, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।

बिलहरी पुलिस को “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत मिली सफलता नाबालिग बालिका को हैदराबाद से किया दस्तयाब

बिलहरी पुलिस को “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत मिली सफलता नाबालिग बालिका को हैदराबाद से किया दस्तयाब

बिलहरी
पुलिस ने एक अपचारी बालक को, जिसने एक नाबालिग बालिका का अपहरण कर उसे हैदराबाद ले जाकर बलात्कार किया, बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने अपहृत बच्चों की भीड़ से बाहर निकालने के लिए चलाए जा रहे ”ऑपरेशन मुस्कान” का निर्देश दिया है। इसके अनुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉक्टर संतोष डेहरिया और नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया ने थाना प्रभारी कुठला निरीक्षक राजेन्द्र मिश्र के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी बिलहरी सुयश पांण्डेय के नेतृत्व में, 17/04/2026 को इस मामले पर कार्रवाई की। पुलिस ने अपहृत बालिका का अपहरण कर हैदराबाद ले जाने वाले अपचारी बालक को पकड़ लिया।

11/04/2026 को, शिकायतकर्ता ने थाना कुठला में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी 16 साल 4 महीने की बेटी जो कक्षा 11 की छात्रा है। 10/04/2026 को, वह सुबह करीब 10 बजे अपने परिणाम लेने के लिए शासकीय स्कूल बिलहरी गई, लेकिन वह स्कूल नहीं पहुंची। जब घर वापस आकर उसे खोजा गया, तो उसके बारे में कुछ पता नहीं चला, और ऐसा लगा कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसे बहला-फुसलाकर ले जाया है। इस रिपोर्ट पर अपहरण का मामला दर्ज किया गया और अपहृत बालिका और अज्ञात आरोपी की खोज के लिए चौकी बिलहरी थाना कुठला पुलिस ने पारंपरिक और तकनीकी सहायता से जांच की। इस बीच, जब यह जानकारी मिली कि अपहृता हैदराबाद में है, पुलिस टीम ने मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए तुरंत वहां हरकत की, जहां से 17/04/2026 को 16 साल 4 महीने की नाबालिग बालिका और 16 महीने 10 महीने का अपचारी बालक को उनके संरक्षण में लिया गया। अपचारी बालक को माननीय किशोर न्यायालय में पेश किया गया और वारंट बनने के बाद उसे बाल संप्रेक्षण गृह सिवनी भेजा गया।

पुलिस
कार्यवाही में महत्वपूर्ण भूमिका

इस
सफलता में थाना प्रभारी कुठला निरीक्षक राजेन्द्र मिश्रा, चौकी प्रभारी बिलहरी उप निरीक्षक सुयश पांण्डेय, सहायक उप निरीक्षक राम सिंह, दामोदर राव, संतोषभरत, सविता तिवारी, दिलकेश्वर, संदीप भलावी, सौरभ जैन, विकास, महिला आरक्षक पूजा द्विवेदी और अन्य स्टाफ की सराहनीय भागीदारी रही है।

कटनी में पैतृक मकान विवाद ने लिया उग्र रूप

शहर के रंगनाथ नगर थाने के क्षेत्र में भीमराव चौक पर विरासत में मिली संपत्ति को लेकर प्रारंभ हुआ पारिवारिक विवाद अब गंभीर स्थिति में पहुंचता दिखाई दे रहा है। एक ही परिवार के सदस्य के बीच दीवार तोड़ने को लेकर उत्पन्न हुआ विवाद इतना बढ़ गया है कि यह मामला पुलिस थाने तक पहुँच गया है। शिकायतकर्ता संतोष कुमार गुप्ता के अनुसार, 16 अप्रैल को दोपहर लगभग 1:30 बजे जब वे अपने पारिवारिक मकान पहुंचे, तब उनके भतीजे दीपक गुप्ता, गोविंद गुप्ता और कृष्णा गुप्ता उस मकान की दीवार को तोड़ने में लगे थे। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उन पर गालियां देने और जान से मारने की धमकी देते हुए मकान खाली करवाने का दबाव डाला गया।इस घटना के समय आस-पास के लोगों ने भी इस पूरे घटनाक्रम को देखा, जो इसके प्रति गंभीरता को और बढ़ा देता है। पीड़ित की शिकायत पर रंगनाथ नगर थाने की पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच प्रारंभ कर दी है। हालाँकि, शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद दीवार तोड़ने का कार्य नहीं रुका। इस आरोप के चलते स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस का कहना है कि यह एक पारिवारिक संपत्ति का विवाद है और दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है। जांच के परिणामस्वरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी। निष्कर्ष: यदि पारिवारिक विवादों का त्वरित समाधान नहीं किया गया, तो ये कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकते हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन की त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया की आवश्यकता होती है।

स्कूल से लौट रही नाबालिग से दुष्कर्म, पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया

नाबालिग छात्रा के साथ हुई घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर दो संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।

जिले
के अमदरा थाना क्षेत्र के झुकेही चौकी में एक गंभीर अपराध का मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय निवासियों में चिंता और गुस्सा पैदा किया है। यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर, बल्कि बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा पर भी गंभीर प्रश्न उठाती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कक्षा आठ की छात्रा स्कूल से लौटने के दौरान गायब हो गई थी। उसके परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया और तलाश शुरू की गई। अगले दिन, छात्रा को एक बंद कमरे में संदिग्ध अवस्था में पाया गया। इसके बाद पीड़िता के बयान के आधार पर दो व्यक्तियों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है।

इस
मामले की जानकारी देते हुए सीएसपी महेंद्र सिंह ने कहा कि छात्रा के साथ हुए अत्याचार के मामले के प्रकाश में आने के बाद पीड़िता के बयान के आधार पर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ हो रही है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश उत्पन्न हुआ है और उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

कटनी में रेत माफिया पर ताबड़तोड़ एक्शन!

अवैध रेत परिवहन पर जिला स्तरीय टास्क फोर्स का सख्त एक्शन; तड़के हुई कार्रवाई में 3 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कटनी। जिले में गैरकानूनी खुदाई और परिवहन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का पालन करते हुए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देशों के तहत शनिवार सुबह जिला स्तर की टास्क फोर्स ने कठोर कार्रवाई की। इससे अवैध खनिज कारोबारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। योजना बनाकर की गई छापेमारी में प्रशासनिक समूह को मुखबिरों से रात के समय अवैध रेत परिवहन की जानकारी प्राप्त हुई। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए टास्क फोर्स ने शनिवार की सुबह तीन से चार बजे के बीच जिले के विभिन्न संवेदनशील रास्तों पर गहन जांच अभियान चलाया। जांच में बिना वैध ‘पिट पास’ के रेत का परिवहन करते हुए तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को पकड़ा गया। खरेंटा ग्राम-: यहाँ पर दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को रेत का अवैध परिवहन करते हुए पकड़ा गया। देवरी क्षेत्र-: यहां पर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को टीम ने घेराबंदी करके जब्त किया। जब्त की गई तीनों गाड़ियों को सुरक्षा के लिहाज से पुलिस थाना बड़वारा की निगरानी में रखा गया है। संबंधित वाहन मालिकों के खिलाफ खनिज नियमों के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। निरंतर जारी रहेगी कार्रवाई जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खनिज माफियाओं के खिलाफ यह मुहिम निरंतर चलती रहेगी। टास्क फोर्स समिति जिले के विभिन्न स्थानों पर लगातार सक्रिय है और भविष्य में भी इसी प्रकार की आकस्मिक कार्रवाइयाँ होती रहेंगी। इस कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस थाना प्रभारी बड़बारा श्री कृष्ण कुमार पटेल ने किया।

कलेक्टर ने खेत में उतरकर दिखाई तकनीक की ताकत

कटनी (16 अप्रैल) – जिले के गांव टिकरवारा में एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जब कलेक्टर श्री आशीष तिवारी खुद खेतों में आए और किसानों के साथ मिलकर इलेक्ट्रिक रीपर मशीन से गेहूं की फसल की कटाई शुरू की। यह गतिविधि केवल एक प्रदर्शनी नहीं थी, बल्कि किसानों को आधुनिक कृषि प्रणालियों से जोड़ने का एक प्रेरणादायक प्रयास बन गया।

जब
कलेक्टर ने टिकरवारा के कृषकों मनबोधन पटेल, सुशील पटेल और सुखेंद्र पटेल के खेत में मशीन चलाना शुरू किया, तो ग्रामीणों का एक बड़ा समूह वहां इकट्ठा हो गया। सभी की नजरें उस मशीन पर थीं, जो तेजी से सुनहरी फसल को काट रही थी।

ग्रामीणों
ने मशीन को सिर्फ देखा नहीं, बल्कि इसके संचालन की विधि को भी समझा। मशीन की तेज आवाज और लहराती फसल का जल्दी कटना सभी के लिए मोहित करने वाला था। खेत के एक कोने में खड़े वृद्ध किसान रामलाल ने मुस्कुराते हुए कहा, “इस काम में पहले कई दिन लगते थे, अब यह कुछ घंटों में हो जाता है।” वहीं युवा किसान इस अद्भुत दृश्य को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड करते नजर आए—जैसे कि वे इस बदलाव के आरंभ को संजोना चाहते हों।

इस
दौरान कलेक्टर श्री तिवारी ने किसानों के साथ बातचीत करते हुए कहा कि अब आधुनिक कृषि उपकरण विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकताएं बन चुकी हैं। उन्होंने बताया कि उन्नत मशीनों के प्रयोग से ना केवल समय और श्रम की बचत होती है, बल्कि उत्पादन का खर्च भी घटता है और आय में वृद्धि होती है। उन्होंने इलेक्ट्रिक रीपर का उदाहरण देते हुए स्पष्ट किया कि यह मशीन छोटे और मध्यम किसानों के लिए भी फायदेमंद हो सकती है।

पटेल
भाइयों के चेहरों पर गर्व साफ दिखाई दे रहा था। उनका खेत उस दिन सिर्फ फसल उत्पादन का स्थान नहीं रहा, बल्कि नई सोच और तकनीकी परिवर्तन का केंद्र बन गया। इस पहल से प्रेरित होकर गांव के अन्य किसान भी आधुनिक कृषि उपकरणों को अपनाने के प्रति उत्साहित नजर आए।

टिकरवारा
का यह दृश्य यह संदेश छोड़ गया कि जब प्रशासन खुद खेतों में जाकर नवाचार को अपनाने की कोशिश करता है, तो बदलाव की लहर गांव-गांव तक पहुंचती है और खेती को एक नई दिशा में ले जाती है।

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