कटनी (16 अप्रैल) – जिले के गांव टिकरवारा में एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जब कलेक्टर श्री आशीष तिवारी खुद खेतों में आए और किसानों के साथ मिलकर इलेक्ट्रिक रीपर मशीन से गेहूं की फसल की कटाई शुरू की। यह गतिविधि केवल एक प्रदर्शनी नहीं थी, बल्कि किसानों को आधुनिक कृषि प्रणालियों से जोड़ने का एक प्रेरणादायक प्रयास बन गया।
जब कलेक्टर ने टिकरवारा के कृषकों मनबोधन पटेल, सुशील पटेल और सुखेंद्र पटेल के खेत में मशीन चलाना शुरू किया, तो ग्रामीणों का एक बड़ा समूह वहां इकट्ठा हो गया। सभी की नजरें उस मशीन पर थीं, जो तेजी से सुनहरी फसल को काट रही थी।
ग्रामीणों ने मशीन को सिर्फ देखा नहीं, बल्कि इसके संचालन की विधि को भी समझा। मशीन की तेज आवाज और लहराती फसल का जल्दी कटना सभी के लिए मोहित करने वाला था। खेत के एक कोने में खड़े वृद्ध किसान रामलाल ने मुस्कुराते हुए कहा, “इस काम में पहले कई दिन लगते थे, अब यह कुछ घंटों में हो जाता है।” वहीं युवा किसान इस अद्भुत दृश्य को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड करते नजर आए—जैसे कि वे इस बदलाव के आरंभ को संजोना चाहते हों।
इस दौरान कलेक्टर श्री तिवारी ने किसानों के साथ बातचीत करते हुए कहा कि अब आधुनिक कृषि उपकरण विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकताएं बन चुकी हैं। उन्होंने बताया कि उन्नत मशीनों के प्रयोग से ना केवल समय और श्रम की बचत होती है, बल्कि उत्पादन का खर्च भी घटता है और आय में वृद्धि होती है। उन्होंने इलेक्ट्रिक रीपर का उदाहरण देते हुए स्पष्ट किया कि यह मशीन छोटे और मध्यम किसानों के लिए भी फायदेमंद हो सकती है।
पटेल भाइयों के चेहरों पर गर्व साफ दिखाई दे रहा था। उनका खेत उस दिन सिर्फ फसल उत्पादन का स्थान नहीं रहा, बल्कि नई सोच और तकनीकी परिवर्तन का केंद्र बन गया। इस पहल से प्रेरित होकर गांव के अन्य किसान भी आधुनिक कृषि उपकरणों को अपनाने के प्रति उत्साहित नजर आए।
टिकरवारा का यह दृश्य यह संदेश छोड़ गया कि जब प्रशासन खुद खेतों में जाकर नवाचार को अपनाने की कोशिश करता है, तो बदलाव की लहर गांव-गांव तक पहुंचती है और खेती को एक नई दिशा में ले जाती है।
