मानपुर, उमरिया (मध्य प्रदेश):
जनपद पंचायत मानपुर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बचहा एक बार फिर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और फर्जीवाड़े के चलते सुर्खियों में आ गई है। यहाँ के सरपंच और सचिव पर शासकीय राशि के दुरुपयोग और नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस बार मामला मात्र ₹3,950 के नाश्ते के बिल से जुड़ा है, जिसमें कथित तौर पर दूसरी पंचायत के नाम का बिल लगाकर सरकारी धन की हेराफेरी का अनोखा मामला सामने आया है।
क्या है पूरा मामला और कैसे हुआ खुलासा?
ग्रामीणों द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों और जानकारियों के अनुसार, ग्राम पंचायत बचहा के सरपंच और सचिव पर शासकीय राशि का दुरुपयोग कर ₹3,950 का नाश्ता डकारने का आरोप है। हैरानी की बात यह है कि इस खर्च को सरकारी रिकॉर्ड में सही साबित करने के लिए जो बिल लगाया गया है, वह बचहा पंचायत का है ही नहीं, बल्कि ग्राम पंचायत बडछड़ के नाम पर जारी किया गया है। जब यह फर्जीवाड़ा ग्रामीणों के सामने आया, तो इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब चंद रुपयों के नाश्ते के बिल में इस स्तर की धांधली और हेराफेरी की जा रही है, तो पंचायत स्तर पर आने वाले लाखों-करोड़ों रुपए के विकास कार्यों में किस हद तक भ्रष्टाचार हुआ होगा, इसकी सहज कल्पना की जा सकती है।
वित्तीय नियमों की उड़ रही हैं धज्जियां
शासकीय प्रावधानों और वित्तीय नियमों के अनुसार, किसी भी ग्राम पंचायत के विकास कार्यों या प्रशासनिक खर्चों का बिल और वाउचर उसी संबंधित पंचायत के नाम पर होना अनिवार्य है। इसके बावजूद, बचहा पंचायत द्वारा दूसरी पंचायत (बडछड़) के नाम के बिल का उपयोग करना सीधे तौर पर गंभीर वित्तीय अनियमितता, फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है।
ग्रामीणों की उच्च स्तरीय जांच की मांग
इस खुलासे के बाद बचहा पंचायत के प्रबुद्ध नागरिकों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनपद पंचायत मानपुर के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषी सरपंच और सचिव के खिलाफ सख्त प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।












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