कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत गुड़ा में शासकीय राशि के बंदरबांट और भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत भवन के ठीक सामने लगभग 100 से 150 मीटर लंबी सीसी (सीमेंट कंक्रीट) रोड का निर्माण कराया जा रहा है। इस निर्माण कार्य में तय मानकों और गुणवत्ता को पूरी तरह ताक पर रखकर लीपापोती की जा रही है, जिसको लेकर स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है।
ग्रामीणों ने घटिया निर्माण कार्य को रुकवाकर निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की पुरजोर मांग उठाई है।
किनारों पर शटरिंग से छलावा, बीच में आधी से भी कम ढलाई
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, स्वीकृत एस्टीमेट (प्राक्कलन) और मापदंडों के मुताबिक इस सीसी रोड की कुल मोटाई 8 से 9 इंच होनी चाहिए। लेकिन ठेकेदार और संबंधित जिम्मेदारों द्वारा केवल दिखाने के लिए सड़क के किनारों पर लकड़ी या सीमेंट की पटिया (शटरिंग) लगाकर ऊंचाई 8 से 9 इंच दिखाई जा रही है।
सच्चाई यह है कि सड़क के बीच के हिस्से में महज 4 से 5 इंच मोटाई की ही ढलाई की जा रही है। इस तरह किनारे ऊंचे और बीच में सड़क पतली बनाकर खुलेआम भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि इतनी कम मोटाई और कमजोर ढलाई के कारण सड़क पहली बारिश या भारी वाहनों की आवाजाही भी नहीं झेल पाएगी और कुछ ही दिनों में टूटकर जर्जर हो जाएगी।
सीमेंट और रेत की गुणवत्ता पर भी उठे सवाल
ग्रामीणों ने केवल सड़क की मोटाई ही नहीं, बल्कि उसमें इस्तेमाल की जा रही निर्माण सामग्री पर भी गंभीर असंतोष जताया है। आरोप है कि निर्माण कार्य में सीमेंट और रेत का सही अनुपात नहीं रखा जा रहा है और घटिया सामग्री का उपयोग कर सड़क का टिकाऊपन पूरी तरह खत्म किया जा रहा है।
सरकारी पैसे का इस तरह दुरुपयोग देखकर ग्रामीणों ने काम की निष्पक्ष तकनीकी जांच की मांग की है, ताकि सड़क की वास्तविक मोटाई, सामग्री की गुणवत्ता और स्वीकृत बजट के अनुसार किए गए कार्य की सच्चाई सामने आ सके।
सरपंच और सचिव की भूमिका पर उठे सवाल
इस घटिया निर्माण कार्य को लेकर ग्राम पंचायत गुड़ा के सरपंच साकेत लोनी और सचिव रमेश पटेल की कार्यप्रणाली एवं भूमिका पर भी ग्रामीणों ने सीधे सवाल खड़े किए हैं। पंचायत भवन के ठीक सामने हो रहे इस फर्जीवाड़े पर जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी कई संदेह पैदा कर रही है।
जनपद पंचायत से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
आक्रोशित ग्रामीणों ने जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा और जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की है कि:
- तत्काल मौके पर पहुंचकर निष्पक्ष तकनीकी टीम से सड़क निर्माण की जांच कराई जाए।
- सड़क की मोटाई, कोर कटिंग सैंपल और प्रयुक्त सामग्री की लैब टेस्ट रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
- एस्टीमेट के अनुसार सही मापदंडों (8-9 इंच मोटाई) पर ही दोबारा सड़क का निर्माण कराया जाए।
- शासकीय राशि का दुरुपयोग करने वाले ठेकेदार, सरपंच व सचिव की जिम्मेदारी तय कर वैधानिक कार्रवाई की जाए।
अब देखना यह होगा कि जनपद प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पारदर्शी जांच कराता है या फिर औपचारिकता निभाकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है।












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