कटनी
मध्य प्रदेश के कटनी जिले में अंतरराज्यीय ठग व लुटेरा गिरोह एक बार फिर सक्रिय हो गया है। धार्मिक स्थलों पर साधु-संतों का छद्म वेश धारण कर भोले-भाले लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाने वाले कुख्यात ‘पारधी गिरोह’ ने इस बार बिहार के दो व्यापारियों को अपने जाल में फंसाया है। मंदिर की खुदाई में निकले ‘खरे सोने’ को कौड़ियों के दाम बेचने का झांसा देकर पीड़ितों को कटनी बुलाया गया और फिर सुनसान मार्ग पर ले जाकर चाकू की नोक पर ₹6 लाख 70 हजार की नगदी लूट ली गई। इस मामले में बड़वारा थाना पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की गंभीर धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उनकी धरपकड़ तेज कर दी है।
बैजनाथ धाम से शुरू हुआ ठगी का ताना-बाना
मिली जानकारी के मुताबिक, पीड़ित वीरेंद्र कुमार (उम्र 52 वर्ष) निवासी ईस्ट लक्ष्मीनगर, खेमनीचक (थाना रामकृष्णानगर, जिला पटना, बिहार) अपने साथी मुकेश कुमार शाह (उम्र 35 वर्ष) के साथ कुछ समय पूर्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बैजनाथ धाम गए थे। वहां रुद्राक्ष और स्फटिक की मालाएं बेच रहे कटनी के पारधी गिरोह के शातिर सदस्यों ने साधु का वेश धर रखा था। बातचीत के दौरान आरोपियों ने पीड़ितों से गहरी जान-पहचान बनाई और उनका मोबाइल नंबर हासिल कर लिया।
कटनी वापस लौटने के बाद गिरोह के मास्टरमाइंड ने वीरेंद्र कुमार को फोन कर लालच दिया कि उन्हें एक अति-प्राचीन मंदिर की खुदाई के दौरान भारी मात्रा में शुद्ध सोना मिला है। बाजार दर से बेहद कम, यानी महज ₹40 लाख प्रति किलोग्राम के हिसाब से सोना बेचने का सौदा तय किया गया। पीड़ितों ने इतनी बड़ी रकम न होने की बात कही, तो शातिर ठगों ने उन्हें कम से कम एक पाव (250 ग्राम) सोना खरीदने के लिए राजी कर लिया और नगदी लेकर कटनी आने को कहा।
सुड्डी गांव के पास चाकू अड़ाकर की मारपीट और लूट
झांसे में आकर बिहार के दोनों व्यापारी 16 सितंबर को ₹6.70 लाख नगद लेकर कटनी पहुंचे। गिरोह के सदस्य उन्हें अपने साथ ले गए और रात लगभग 9 बजे बड़वारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सुड्डी के आगे बरही मुख्य मार्ग पर एक सुनसान जगह पर रुकवाया। वहां आरोपियों ने असली सोने के नाम पर कुछ पीली धातु के टुकड़े व नकली सिक्के दिखाए।
जब पीड़ितों को ठगी का संदेह हुआ और उन्होंने माल खरीदने से साफ इनकार कर दिया, तो लुटेरों ने अपना असली रंग दिखाया। उन्होंने तुरंत धारदार चाकू निकालकर पीड़ितों की गर्दन पर अड़ा दिया और जान से मारने की धमकी देते हुए मारपीट शुरू कर दी। लुटेरे उनके पास रखा ₹6.70 लाख नगद से भरा बैग, मोबाइल और आवश्यक दस्तावेज छीनकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए भाग निकले।
9 दिनों तक खुद तलाशते रहे पीड़ित, फिर पहुंचे पुलिस के पास
अचानक हुई इस हिंसक वारदात से बदहवास पीड़ित व्यापारी स्थानीय स्तर पर 9 दिनों तक लुटेरों का सुराग जुटाने की कोशिश करते रहे। जब कोई सफलता नहीं मिली, तो 25 सितंबर को उन्होंने बड़वारा थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए बड़वारा थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और संदिग्धों का ब्योरा जुटाकर आरोपियों की पहचान की।
पुलिस ने ग्राम छिंदिया टोला बिछपुरा (थाना बरही, जिला कटनी) निवासी राजू पारधी, सोना पारधी और काबिस पारधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(3), 140(4), 143(3), 309(4), 309(6), 311, 351(3) एवं 3(5) के तहत अपराध क्रमांक 571/26 दर्ज कर लिया है।
देश भर में फैला है गिरोह का नेटवर्क, पूर्व में भी की थी ₹8 लाख की लूट
पुलिस जांच में सामने आया है कि कटनी का यह पारधी गिरोह बेहद शातिर है और पूरे देश में कबाड़ी, साधु, जड़ी-बूटी या ड्राईफ्रूट्स बेचने के बहाने घूमता है। राजमार्गों पर देर रात लूटपाट करना और सस्ते सोने का लालच देकर दूसरे राज्यों के लोगों को बुलाना इनका पुराना तरीका है। बीते वर्ष दिसंबर के अंतिम सप्ताह में भी इसी गिरोह ने छिंदवाड़ा जिले की एक महिला को सस्ते सोने का झांसा देकर कटनी बुलाया था और चाकू दिखाकर ₹8 लाख से भरा बैग लूट लिया था।
थाना प्रभारी का बयान:
“मामले में तीनों मुख्य आरोपियों राजू पारधी, सोना पारधी और काबिस पारधी की पहचान कर ली गई है। पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया जाएगा।”
— सुयश पांडेय, थाना प्रभारी, बड़वारा











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