विशेष रिपोर्ट | कटनी/बरहीकटनी जिले की बरही तहसील क्षेत्र में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन का एक ऐसा बड़ा खेल उजागर हुआ है, जिसने शासन के राजस्व को करोड़ों का चूना लगाने के साथ-साथ प्रशासनिक चौकसी पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले में पिछले तीन वर्षों से एक भी रेत खदान का वैध टेंडर नहीं हुआ है। इसके बावजूद पूरे कटनी जिले और आसपास के क्षेत्रों में बिना किसी रुकावट के रेत की भारी आपूर्ति की जा रही है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के सख्त और स्पष्ट दिशा-निर्देशों के मुताबिक बारिश के मौसम में 30 सितंबर तक नदियों से रेत के उत्खनन पर पूरे देश में पूर्ण प्रतिबंध लागू रहता है। लेकिन बरही क्षेत्र में इन सभी सरकारी आदेशों और नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ईटीपी उमरिया की, लूट बरही की महानदी और उमराड़ मेंजांच और ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस पूरे अवैध कारोबार का मास्टरमाइंड मॉडल ‘उमरिया की ईटीपी’ है। पड़ोसी जिले उमरिया के भंडारण की ईटीपी (ETP – ई-ट्रांसपोर्ट परमिट) का सहारा लेकर बरही तहसील की महानदी, उमराड़, पीपही और भदार नदियों में सरेआम उत्खनन किया जा रहा है। दिन ढलते ही और रात के अंधेरे में माफिया भारी मशीनों व ट्रैक्टरों के जरिए नदियों की बीच धार में उतर जाते हैं। नदियों का सीना चीरकर बिना किसी डर के अवैध रेत निकाली जा रही है।
गांव-गांव खड़े किए जा रहे अवैध रेत के ‘पहाड़’नदियों से निकाली गई इस अवैध रेत का परिवहन कर आसपास के ग्रामीण व कसबाई इलाकों में बड़े-बड़े डंप (स्टॉक) तैयार किए जा रहे हैं। प्रमुख डंपिंग क्षेत्र: बहिरघटा, छिंदहाई पिपरिया, जाजागढ़, सुतरी, कुठिया, महंगवा सलैया, सिहोरा और खितौली क्षेत्रों में जगह-जगह रेत के ऊंचे टीले दिखाई दे रहे हैं। दामों में मनमानी: अवैध रूप से डंप की गई इस रेत को बाद में आम नागरिकों, बिल्डरों और ठेकेदारों को मनमाने और ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। हथियारबंद ‘उड़नदस्ता’ और खौफ का माहौलमामला सिर्फ अवैध उत्खनन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर भी स्थिति चिंताजनक हो गई है। ग्रामीणों ने रेत कंपनी से जुड़े बताए जा रहे कथित उड़नदस्ते (फ्लाइंग टीम) पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय बाहरी और अनजान लोग घातक हथियारों से लैस होकर खुलेआम गांवों की सड़कों पर घूमते हैं। इससे पूरे इलाके में डर और दहशत का माहौल व्याप्त है।
मारपीट की घटना से गर्माया माहौल:हाल ही में उमरिया सीमा से लगे अमरपुर चौकी क्षेत्र में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात फ्लाइंग टीम द्वारा एक ट्रैक्टर पकड़ने और उसे पुलिस के हवाले करने का मामला सामने आया। ग्रामीणों का आरोप है कि इस दौरान ट्रैक्टर चालक के साथ जमकर मारपीट की गई, लेकिन रसूख के चलते संबंधित लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। राजस्व, खनिज और पुलिस तंत्र बौना साबितनियमों को ताक पर रखकर चल रहे इस सुनियोजित खेल में राजस्व विभाग, खनिज विभाग और स्थानीय पुलिस की भूमिका पर लगातार उंगलियां उठ रही हैं। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि जिम्मेदार विभागों की उदासीनता और कथित सांठगांठ के कारण ही माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं। ग्रामीणों की मुख्य मांगें:बरही क्षेत्र की महानदी, उमराड़, पीपही और भदार नदियों में हो रहे अवैध खनन की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए। उमरिया की ईटीपी के नाम पर कटनी में हो रहे अवैध परिवहन व डंपिंग पर तत्काल रोक लगे। हथियार लेकर घूमने वाले असमाजिक तत्वों और कथित फ्लाइंग टीम की गतिविधियों की पुलिस जांच हो। विभाग का पक्ष”जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ हमारी टीम की कार्रवाई निरंतर जारी है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और आने वाले दिनों में जांच अभियान को और अधिक सख्त व तेज किया जाएगा।”— रत्नेश दीक्षित, जिला खनिज अधिकारी, कटनी











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