धान की फसल पर रोगों का बड़ा खतरा: कृषि विभाग ने जारी की चेतावनी, ब्लास्ट और शीथ ब्लाइट से बचाव के लिए दवाइयों और सरकारी सहायता की पूरी जानकारी

कृषि विभाग विशेष रिपोर्ट: धान की बाली निकलते समय मंडरा रहा है रोगों का संकट, किसानों के लिए विभाग की खास सलाह और दवाएं

वर्तमान में खेती-किसानी के दौरान धान की फसल बाली निकलने की अवस्था (Panicle Initiation Stage) और दूधिया अवस्था में है। लगातार नमी, बादलों वाले मौसम और उच्च आर्द्रता के कारण खेतों में फंगस और कीटों का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। इस समस्या को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है, ताकि फसल को भारी नुकसान से बचाया जा सके।

कृषि विभाग द्वारा बताए गए मुख्य रोग और उनका सटीक इलाज:

  1. नेक ब्लास्ट (गर्दन तोड़) और लीफ ब्लास्ट (पत्ती ब्लास्ट):
    • लक्षण: पत्तियों पर आंख के आकार या नाव के जैसे स्लेटी रंग के धब्बे बन जाते हैं। बाली निकलते समय बाली के नीचे काले या भूरे निशान बन जाते हैं, जिससे बाली सूखकर टूट जाती है।
    • कृषि विभाग की सलाह: ट्राइसाइक्लाजोल (Tricyclazole 75% WP) दवा की 300 ग्राम मात्रा प्रति एकड़ 200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।
  2. शीथ ब्लाइट (आच्छद झुलसा):
    • लक्षण: पौधों के तने पर पानी की सतह के पास अंडाकार धब्बे बनने लगते हैं जो धीरे-धीरे ऊपर की पत्तियों तक फैल जाते हैं।
    • दवा: प्रोपिकोनाजोल 25% EC (Propiconazole) की 1 मिलीलीटर मात्रा प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें। खेत में यूरिया का अत्यधिक उपयोग करने से बचें।
  3. तना छेदक (Stem Borer) कीट:
    • लक्षण: सुंडी तने को अंदर से खा जाती है, जिससे बीच की पत्ती सूख जाती है और बालियां सफेद हो जाती हैं।
    • दवा: कोराजेन (Chlorantraniliprole 18.5% SC) की 60 मिलीलीटर मात्रा प्रति एकड़ के हिसाब से उपयोग करें।

कृषि विभाग की किसानों के लिए विशेष योजनाएं और निर्देश:

  • वैज्ञानिक सलाह: कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि किसी भी दवा का छिड़काव करने से पहले अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (AEO) या नजदीकी कृषि केंद्र के विशेषज्ञों से सलाह जरूर लें।
  • फसल बीमा और सहायता: विभाग द्वारा किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत फसल नुकसान का मुआवजा लेने के लिए अपने नजदीकी कृषि कार्यालय में समय पर सूचना देने की सलाह दी गई है।
  • सही तरीका: दवाइयों का उपयोग हमेशा सुबह या शाम के समय शांत मौसम में करें और छिड़काव के दौरान सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें।

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