बड़वारा में फूटा जनता का आक्रोश: दारू भट्टी और नो-एंट्री नियमों को लेकर ‘मिशन 💯 शोषितों की आवाज’ का चक्काजाम!

बड़वारा मुख्यालय में उस समय हड़कंप मच गया जब ‘मिशन 💯 शोषितों की आवाज’ संगठन के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों और स्थानीय निवासियों ने सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन कर दिया। क्षेत्र में लगातार बढ़ रही शराब की बिक्री और भारी वाहनों के कारण होने वाले हादसों से नाराज प्रदर्शनकारियों ने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। आंदोलन के चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।🗣️ जय सूर्यवंशी ने प्रशासन को घेरा: “शराबियों की टिप्पणियों से छात्राएं परेशान”आंदोलन के दौरान अपनी बात रखते हुए जय सूर्यवंशी ने प्रशासन को सीधे आड़े हाथों लिया। उन्होंने बड़वारा बस्ती से दारू भट्टी को तुरंत हटाने की मांग करते हुए कहा:”बड़वारा बस्ती के भीतर संचालित हो रही इस दारू भट्टी के कारण क्षेत्र में आए दिन विवाद और आपराधिक घटनाएं सामने आ रही हैं। सबसे शर्मनाक बात यह है कि शराब पीकर हुड़दंग करने वाले लोग स्कूल और कॉलेज जाने वाली हमारी छात्र-छात्राओं पर अभद्र टिप्पणियां करते हैं।

हमारी बेटियों का सुरक्षित निकलना मुश्किल हो गया है। इस भट्टी को यहाँ से हटाना ही होगा।”ओवरलोडिंग ट्रैकों का आतंक: नो-एंट्री नियम सिर्फ कागजों पर?चक्काजाम के दौरान भारी वाहनों की वजह से होने वाली मौतों और हादसों पर भी गहरा आक्रोश जताया गया। आंदोलनकारियों ने मांग की कि:नो-एंट्री नियमों को धरातल पर कड़ाई से लागू किया जाए: बड़वारा क्षेत्र में नो-एंट्री के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।ओवरलोडिंग पर लगे लगाम: क्षेत्र से गुजरने वाले ओवरलोडिंग ट्रक काल बनकर दौड़ रहे हैं, जिनसे रोज कोई न कोई दुर्घटना हो रही है। इन पर तुरंत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।आंदोलन में यह रहे उपस्थित (ग्रामीणों की भारी मौजूदगी)इस जन-आंदोलन और चक्काजाम में ‘मिशन 💯 शोषितों की आवाज’ संगठन के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।

मुख्य रूप से:जय सूर्यवंशी, नागेन्द्र अहिरवार, अनुज, धनेंद्र, हिमांशु, पीतम, खिलावन, वीरू, छोटे लाल, करन, पंकज, रमन, शुभम, मनोज, कमलेश और देवकरण सहित सैकड़ों ग्रामीणों की दमदार मौजूदगी रही।👮 मौके पर पहुंचा प्रशासनिक अमलाचक्काजाम की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने और जाम खुलवाने का काफी प्रयास किया। जय सूर्यवंशी और आंदोलनकारियों के तीखे तेवरों को देखते हुए प्रशासन को झुकना पड़ा। अधिकारियों द्वारा लिखित आश्वासन और उचित कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बाद ही चक्काजाम को समाप्त किया गया।संगठन की दो टूक चेतावनी’मिशन 💯 शोषितों की आवाज’ संगठन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि दिए गए समय के भीतर बस्ती से शराब भट्टी को शिफ्ट नहीं किया गया और ओवरलोडिंग ट्रैकों पर नो-एंट्री के नियमों का सख्ती से पालन शुरू नहीं कराया गया, तो अगली बार चक्काजाम इससे भी ज्यादा उग्र होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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