टनी नगर में गैरकानूनी शराब का व्यापार तेजी से बढ़ रहा है। स्थिति इतनी विकट हो गई है कि आवासीय क्षेत्रों में भी खुले तौर पर शराब बेची जा रही है। कोतवाली पुलिस ने “ऑपरेशन शिकंजा” के अंतर्गत इस काले धंधे का खुलासा किया है। 13 अप्रैल को की गई छापेमारी में पुलिस ने विभिन्न स्थानों से 150 पाव अवैध देशी शराब जब्त की, जिसकी कीमत लगभग 15 हजार रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो लंबे समय से इस अवैध व्यवसाय में शामिल बताये जा रहे हैं।
रिहायशी इलाकों में फैलता जहर:यह देखना चौंकाने वाला है कि चौपाटी, कैलवारा खुर्द, सावरकर वार्ड और खिरहनी फाटक जैसे घनी जनसंख्या वाले क्षेत्रों में यह व्यापार निर्भीकता से चल रहा था। इससे स्थानीय निवासियों, विशेषकर युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना बढ़ गई है।
सट्टा नेटवर्क भी सक्रिय:छापेमारी के दौरान गांधी गंज क्षेत्र में एक युवक को मोबाइल पर ऑनलाइन सट्टा लगाते हुए पकड़ा गया। यह इस बात का संकेत है कि शहर में केवल अवैध शराब का ही नहीं, बल्कि जुए और सट्टे का नेटवर्क भी तेजी से फैल रहा है।
प्रशासन पर सवाल:इस तरह के मामलों की लगातार बढ़ती संख्या ने प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो यह गैरकानूनी व्यापार और भी गहरा आकार ले सकता है।
निष्कर्ष:हालांकि इस पुलिस कार्रवाई को एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है, यह स्पष्ट है कि शहर में अवैध शराब और सट्टा नेटवर्क अभी तक पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। इसके लिए निरंतर कड़ी कार्रवाई और निगरानी की आवश्यकता है, ताकि इस बढ़ते खतरे पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सके।
