विद्यार्थियों को दिया गया जैविक खेती में पशुधन प्रबंधन एवं जैविक खाद निर्माण का तकनीकी प्रशिक्षण

कटनी – वीरांगना रानी दुर्गावती शासकीय महाविद्यालय बहोरीबंद में जैविक कृषि के जानकार रामसुख दुबे द्वारा विद्यार्थियों को जैविक खेती का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को कम लागत की विधियों में जीरो बजट फार्मिंग के बारे में बताया गया, जिसमें पशु प्रबंधन एक महत्वपूर्ण तरीका है। इसमें पशुओं को केवल दूध उत्पादन के लिए नहीं, बल्कि कृषि प्रणाली में एक आवश्यक भाग के रूप में देखा जाता है। इस प्रणाली में फसलें और पशु एक-दूसरे के पूरक होते हैं, जिससे खेत एक स्वयं-निर्भर और स्थायी पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में विकसित होते हैं।

प्रशिक्षण
के दौरान पशुधन प्रबंधन के महत्वपूर्ण सिद्धांतों के भीतर पशुओं के प्राकृतिक जीवन, उनके प्राकृतिक आहार, और स्वस्थ तथा रोगमुक्त पशुधन के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही जैविक कृषि में पशुधन के महत्व पर चर्चा करते हुए जैविक खाद के स्रोत, गोबर की खाद और गोमूत्र, ऊर्जा और श्रम का साधन, हल चलाना, परिवहन और आत्मनिर्भरता के आधार के साथ-साथ पशुधन प्रबंधन के फायदों जैसे लागत में कमी, आय का बढ़ना, वातावरण का संरक्षण और मिट्टी की सेहत के बारे में बताया गया। इसके अलावा, विद्यार्थियों को जैविक खेती में अपशिष्ट प्रबंधन, ग्रामीण और शहरी खाद निर्माण, पशु अपशिष्ट से खाद तैयार करना और खली के उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

बड़वारा में करोड़ों रुपए की बेस कीमती शासकीय भूमि पर पूंजीपतियों का कब्जा

कटनी जिले के बड़वारा में सरकारी भूमि के पट्टों की गैर कानूनी लेन-देन का एक बड़ा प्रकरण चर्चा में आया है। शुक्रवार को जय सूर्यवंशी ने गांव के निवासियों के साथ मिलकर तहसीलदार ऋषि गौतम को एक शिकायत पत्र प्रस्तुत किया।

गांववासियों का कहना है कि कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों ने धोखाधड़ी के जरिए खुद को गरीब बताकर सरकारी भूखंड हासिल कर लिए हैं और अब इसे बड़ी कंपनियों को ऊंचे दाम पर बेचा जा रहा है। शिकायत में उल्लेखित किया गया है कि बड़वारा की सरकारी भूमि पर व्यापक धांधली की जा रही है। ग्रामीणों का दावा है कि कई प्रतिष्ठित लोगों ने बेघर और भूमिहीन होने का दिखावा करते हुए नवोदय विद्यालय के सामने तथा उमंग नगर में सरकारी पट्टे प्राप्त किए। अब ये लोग नियमों का उल्लंघन करते हुए इन संपत्तियों का लेन-देन पूंजीपतियों के साथ कर रहे हैं, जो पूरी तरह से अनुचित है। 

जय सूर्यवंशी और गांववासी अनुरोध कर रहे हैं कि प्रशासन एक टीम बनाकर इन क्षेत्रों की जांच करे। उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं-

पट्टा गरीबों के जीवन यापन के लिए दिया जाता है। पर पूंजीपतियों ने पैसे का लालच देकर गरीबों से पट्टा की भूमि खरीद लिया। और पट्टे की भूमि पर लाखों, करोड़ों रुपए का मकान बना लिया ।

कुछ ऐसे मामले हैं जहां पर पूंजीपति खुद को गरीब बता कर भूमि के पट्टा अपने नाम करा लिए।
कुछ मामलों में पूंजीपतियों ने गरीबों को पैसे देकर गरीबों के नाम से पट्टे ले लिए।
ग्रामीणों के अनुसार अधिकारियों की मिली भगत से अपात्रों को पात्र बता कर भूमि के पट्टे दे दिए गए।
जिनको पट्टा दिया गया है वह सभी अपात्र है। सभी की संपत्ति की जांच की जाए जिनको पट्टा दिया गया है वह पहले ही भूमि स्वामी है सभी का पक्का मकान बड़वारा में पहले से बना हुआ है। और अधिकतर लोग बड़वारा के निवासी नहीं है। जिनको पट्टा दिया गया है वह सभी लोग लाखों करोड़ों की भूमि के मालिक है।
कुछ मामले तो ऐसे हैं कि सरकारी कर्मचारी ही सरकार की सैलरी लेकर सरकार को गुमराह कर सरकारीभूमि का पट्टा अपने नाम करा लिया है।

जो लोग झूठ बोलकर पट्टे प्राप्त कर चुके हैं, उनके पट्टे रद्द किए जाएं।

केवल उन गरीबों को पट्टे दिए जाएं जिनके पास वास्तव में रहने के लिए घर या भूमि नहीं है।

सुबह 5 बजे से लाल पहाड़ी में हो रहा अवैध उत्खनन

कटनी शहर की प्रसिद्ध लाल पहाड़ी को खनिज माफिया इस प्रकार से नष्ट करने में जुटे हुए हैं। जैसे एक भूखा शिकारी अपनी भूख संतोष करने के लिए किसी भी सीमा तक जाने को तत्पर रहता है। लाल पहाड़ी को नुकसान पहुँचाने वालों को खनिज विभाग ने पूरी अनुमति दे रखी है। यह पहाड़ी शहर के मध्य थाना माधव नगर क्षेत्र में लगभग 300 एकड़ भूमि में फैली हुई है, जिसमें बॉक्साइट और लेटराइट जैसे मूल्यवान खनिज प्रचुर मात्रा में मौजूद हैं। लेकिन खनिज विभाग की मिलीभगत के कारण लाल पहाड़ी का अस्तित्व खनिज माफियाओं के हाथों समाप्त होने के कगार पर पहुँच गया है। यह भी उल्लेखनीय है कि बरगवां के पास भारतीय जीवन बीमा कार्यालय के पीछे, जहाँ भी खनिज माफियाओं को मौका मिलता है, वे खनन प्रक्रिया शुरू कर देते हैं। आप देख सकते हैं उस गहरे गड्ढे को, जहाँ खनिज संपदा को चुराने वाले उसे इकट्ठा कर रहे हैं। दिन के समय खनिज चोर गरीब महिला श्रमिकों को ज्यादा पैसे का लालच देकर खुदाई का कार्य करवाते हैं। और जब सामग्री एकत्रित हो जाती है, तो चोरों की तरह काली रात में ट्रैक्टर ट्रॉली के माध्यम से उसे परिवहन किया जाने लगता है। हमारे स्रोतों के अनुसार, हर दिन यहाँ खुदाई करने के बाद रात होते ही परिवहन का काम शुरू हो जाता है। प्रतिदिन लगभग 10 से 15 ट्रॉली बॉक्साइट और लेटराइट चुराई जाती है।

अवैध गैस सिलेंडर भंडारण पर बड़ी कार्रवाई, 22 सिलेंडर जब्त

कटनी, अप्रैल–जिले में LPG गैस सिलेंडरों के गैरकानूनी भंडारण और ब्लैक मार्केटिंग के खिलाफ प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के आदेश पर माधवनगर क्षेत्र में अवैध गैस रिफिलिंग और जमाखोरी करने वाले सूरज बालानी के खिलाफ माधवनगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। सहायक आपूर्ति अधिकारी पियूष शुक्ला ने बताया कि 16 मार्च को खाद्य एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने माधवनगर गेट के निकट आरोपी के निवास पर छापा मारा। जांच के दौरान मकान और उससे चलने वाली दुकान से कुल 22 घरेलू गैस सिलेंडर और एक इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटा जब्त किया गया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह घरेलू सिलेंडरों का भंडारण करके उन्हें तौलकर बेचता था। जांच के दौरान 4 सिलेंडरों की सील टूटी हुई पाई गई, जिस पर आरोपी ने कहा कि वह स्वयं सील हटाकर जांच करता था। जब प्रशासन ने वैध दस्तावेज मांगे, तो आरोपी संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका। यह कार्य द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश 2000 का उल्लंघन है, जो आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धाराओं 3 और 7 के अंतर्गत दंडनीय है। कार्रवाई के दौरान 16 सिलेंडर और तौल कांटा जब्त किया गया है, जिसे सुरक्षा कारणों से अशोक गैस एजेंसी के संचालक संदीप यादव के सुपुर्द कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध भंडारण और कालाबाजारी के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

बिलहरी पुलिस ने नाबालिग बालिका को सकुशल दस्तयाब कर परिजनों को सौंपा

कटनी — जिले में चलाए जा रहे “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत बिलहरी पुलिस ने एक सराहनीय कार्य करते हुए गुमशुदा नाबालिग बालिका को सकुशल दस्तयाब कर उसके परिजनों को सौंप दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 12 मार्च 2026 को फरियादी ने बिलहरी चौकी में उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग पुत्री बिना बताए घर से कहीं चली गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कुठला पुलिस ने तत्परता से अपराध पंजीबद्ध कर बालिका की तलाश शुरू की।

पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा (भा.पु.से.) के निर्देशानुसार जिले में नाबालिगों की गुमशुदगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया एवं नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कुठला राजेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में टीम गठित की गई।

चौकी प्रभारी बिलहरी सुयश पाण्डेय एवं उनकी टीम ने अपराध क्रमांक 187/26, धारा 137(2) बीएनएस के तहत कार्रवाई करते हुए बालिका को सकुशल बरामद किया। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया, जिससे परिवार में खुशी का माहौल लौट आया।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका:
इस पूरी कार्यवाही में चौकी प्रभारी सुयश पाण्डेय, सउनि दामोदर राव, प्रधान आरक्षक संतोष प्रजापति, आरक्षक सौरभ जैन, लव कुमार उपाध्याय, दिलकेश्वर सिंह एवं विकास कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Ashok Kharat Case: अशोक खरात का सबसे बड़ा ‘पाप’ इसने तो ‘बेटी’ तक को नहीं छोड़ा; मचा हड़कंप

Ashok Kharat Case: महाराष्ट्र के नासिक और अहिल्यानगर जिलों में महिलाओं को विभिन्न तरीकों से धोखा देकर दुष्कर्म करने वाला अशोक खरात, जो कप्ताना बाबा के नाम से भी जाना जाता है, के खिलाफ विशेष जांच दल (SIT) ने लगातार नए और आश्चर्यजनक तथ्यों का खुलासा करना जारी रखा है। SIT अधिकारियों का कहना है कि दुष्कर्म और ठगी का शिकार हुई कई महिलाएं अब शिकायतें लेकर आई हैं। वे लंबे समय तक चुप रहीं क्योंकि उन्हें समाज में अपमान का भय था। SIT में दाखिल किए गए डिजिटल सबूतों पर भी कार्रवाई की गई है।

साइबर
जांच में महत्वपूर्ण प्रगति की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अब तक लगभग 5000 आपत्तिजनक लिंक हटा दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, 451 सोशल मीडिया खातों को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इसी दौरान, अशोक खरात के खिलाफ और भी एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है, जिसके चलते सवाल उठता है कि क्या वह किसी मानसिक विकार से ग्रसित है। SIT अधिकारियों के अनुसार, अशोक खरात के खिलाफ अब तक 12 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें से 8 मामले महिलाओं के साथ धोखे से यौन संबंध बनाने के हैं। इसके अलावा, 58 अश्लील वीडियो भी जब्त किए गए हैं। अशोक खरात ने स्वर्ण और पत्थर देकर ‘दैवी उपाय’ बताकर पैसे भी लिए थे। वह स्वयं को ‘दैवी शक्तियों वाला’ बताकर अंधविश्वास फैलाता और फिर महिलाओं का शोषण करता था। अनुमान है कि अशोक खरात ने 150 से अधिक महिलाओं के साथ दुष्कर्म किया है।

एक
और चौंकाने वाला खुलासा
अब
अशोक खरात के दुष्कर्म का शिकार होने वाली एक और युवती सामने आई है। उसका कहना है कि वर्ष 2019 में शादी होने के कारण उसने अशोक खरात से संपर्क किया था। कथित बाबा ने युवती को आश्वासन दिया कि उसकी शादी अच्छी जगह होगी, लेकिन उससे पहले उसे एक पुखराज देना होगा और खंडोबा मंदिर जाने की सलाह दी थी। उसने यह भी कहा कि वहाँ जाकर 11 नारियल चढ़ाना और इसके बाद एक पत्थर को गले में लॉकेट के रूप में पहन लेना। इसके बाद उसकी शादी हो जाएगी।

बाबा
से आशीर्वाद लेने गई तो…
इसके
बाद वर्ष 2022 में युवती की सगाई हुई। वह अपने मंगेतर के साथ अशोक खरात से आशीर्वाद लेने गई। इस पर अशोक खरात ने बताया कि शादी से पहले एक विशेष पूजा करानी है। वह उसके झांसे में आ गई। अशोक खरात ने शादी से पहले ईशान्येश्वर महादेव मंदिर में सिद्धपूजा कराने की शर्त रखी। पूजा के बारे में बताने के लिए उसने युवती को अपने कार्यालय बुलाया।

उसी
समय कार्यालय में उसने युवती के साथ दुष्कर्म किया। वह किसी किसी बहाने से उसे ऑफिस बुलाता और दुष्कर्म करता। यह सिलसिला तीन साल तक चलता रहा और अशोक खरात ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। अंत में युवती का कहना है कि जब वह पहली बार मिली, तो उसने बहुत भोलेपन से कहा था कि ‘तुम मेरी बेटी हो, कन्यादान करूंगा।’ इसके बाद लगातार तीन साल तक कई बार दुष्कर्म किया। पतिपर उसके पति की मौत हो जाएगी, उसे बदनाम किया जाएगा।
जब
युवती की शादी हुई, तब भी बाबा ने उसका दुष्कर्म किया। युवती ने साझा किया कि विवाह के बाद ‘बाबा’ ने उसे फोन कर बुलाया और कहा कि अनुष्ठान करना अनिवार्य है, नहीं तो उसके पति की मृत्यु हो जाएगी। शादी के पश्चात उसने विभिन्न बार अनुष्ठान और पति की मौत का डर दिखाकर उसे अपने ऑफिस में बुलाया और दुष्कर्म किया। अंततः परेशान होकर युवती ने विवाह के लगभग तीन साल बाद अशोक खरात के खिलाफ शिकायत दर्ज कर दी।

नशीले
पदार्थ का सेवन कर दुष्कर्म करता था
युवती
का कहना है कि विवाह के बाद भी अशोक उसे “धार्मिक अनुष्ठानों” के बहाने अक्सर बुलाता था। बातचीत के दौरान वह पति की मृत्यु और सार्वजनिक बदनामी की धमकी देता था। दुष्कर्म करने से पहले, वह उसे ऐसा नशीला पदार्थ देता था, जिससे महिलाएं बेहोश हो जाती थीं। पीड़िता ने बताया कि उसे पति की मृत्यु की चिता दी गई, इसके चलते उसे ऑफिस बुलाकर दुष्कर्म किया जाता था।

कटनी में देहदान को राजकीय सम्मान

कटनी। जिले में समाज सेवा और मानवता की एक महत्वपूर्ण उदाहरण प्रकाश में आई है, जहाँ दिवंगत श्रीमती कलाबाई कुशवाहा को उनके निधन के बाद समाज के लिए योगदान देने के लिए राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।

सूचना
के अनुसार, इंदिरा गांधी वार्ड संख्या 04 शिवनगर की निवासिनी स्व. कलाबाई कुशवाहा (पति श्री कोदूलाल कुशवाहा) के निधन के बाद उनके परिवार ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उनकी पार्थिव देह को जबलपुर मेडिकल कॉलेज को दान कर दिया। यह देह चिकित्सा छात्रों के अध्ययन और अनुसंधान में उपयोग की जाएगी। वीडियो समाचार

गुरुवार,
09 अप्रैल 2026 को जिला चिकित्सालय कटनी से पार्थिव देह को पूर्ण सम्मान के साथ भेजा गया। इस अवसर पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस महान कार्य की सराहना उपस्थित अधिकारियों और नागरिकों ने भी की।

यह
ध्यान देने योग्य है कि मध्य प्रदेश सरकार देहदान को प्रोत्साहित करने के लिए देहदानियों को राजकीय सम्मान देने का प्रयास कर रही है। इस पहल के जरिए समाज में जागरूकता बढ़ाने तथा ऐसे महान कार्यों के लिए व्यक्तियों के प्रति सम्मान प्रकट किया जा रहा है।

विशेषज्ञों
का कहना है कि मेडिकल शिक्षा में देहदान का अत्यधिक महत्वपूर्ण महत्व होता है। दान की गई देह मेडिकल छात्रों के लिए “पहला गुरु” होती है, जिसके माध्यम से वे मानव शरीर की संरचना और जटिलताओं को समझते हैं। यह ज्ञान आगे चलकर कई जानों को बचाने में मददगार साबित होता है।

जर्जर भवन, शौचालय एवं बाउंड्रीवाल को करें तुरंत डिस्मेंटल कटनी

कटनी (09 अप्रैल) – निर्माणाधीन सभी स्कूल भवनों एवं शौचालय को समय-सीमा में पूर्ण करें। जर्जर भवन शौचालय एवं बाउंड्रीवाल को तुरंत डिस्मेंटल करें। कलेक्‍टर श्री आशीष तिवारी ने यह निर्देश गुरूवार को आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में दिये। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर भी मौजूद रहीं। जर्जर इमारत, शौचालय और बाउंड्रीवाल को तत्काल ध्वस्त करने का आदेश – कलेक्टर श्री तिवारी
प्राचार्यों
को अपार आईडी और आधार अपडेट करने के लिए निर्देशित किया गया
कलेक्टर
श्री तिवारी की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया
बैठक में डाइट कटनी ने जिले की शैक्षणिक स्थिति पर एक प्रभावशाली प्रस्तुतिकरण दिया। इस प्रस्तुतिकरण में शैक्षणिक चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर श्री तिवारी के निर्देशानुसार कक्षा 6 से 8 के छात्रों के लिए ई-शिक्षा सामग्री क्यूआर कोड के रूप में सभी स्कूलों, अभिभावकों और छात्रों के लिए जारी की गई। सभी विकास खंड शिक्षा अधिकारियों और बीआरसी को ई-मटेरियल प्रत्येक विद्यालय को उपलब्ध कराने तथा उसके उपयोग के लिए निर्देशित किया गया। शिक्षकों के बिना विद्यालय और स्मार्ट बोर्ड वाले विद्यालय विशेष रूप से इसका लाभ उठाएंगे और शिक्षक प्रभावी पाठ्यक्रम विकसित कर सकेंगे।
बैठक
के दौरान जिले में माध्यमिक स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए डाइट कटनी और पीपल समूह द्वारा विकसित प्रेरणा बुकलेट का विमोचन भी किया गया। सरकारी स्कूलों में कक्षा 1, कक्षा 6 और कक्षा 9 में लक्ष्य के अनुसार प्रवेश, शत-प्रतिशत कक्षोन्नति, एमबीयू पेंडेंसी को स्कूलों के आधार पर निकालना, आधार केंपों या निकटतम केंद्र से अपडेट करने और नए आधार के लिए बच्चों की उपस्थिति अप्रैल के अंत तक सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। महीने में 150 प्रतिशत से अधिक मेंटरिंग, स्कूलों और आधार केंपों में अधिकतम बच्चों की उपस्थिति के निर्देश दिए गए। समीक्षा बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती कौर ने सभी प्राचार्यों को अपार आईडी और आधार अपडेट को तुरंत सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया। इस समीक्षा बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्री राजेश अग्रहरी, डीपीसी प्रेम नारायण तिवारी, डाइट प्राचार्य एमपी डुंगडुंग, अभय जैन एडीपीसी, वरिष्ठ व्याख्याता राजेन्द्र असाटी, सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी और बीआरसीसी, सभी संकुल प्राचार्य, सहायक यंत्री और उपयंत्री तथा जिला प्रोग्रामर सुमंत ताम्रकार उपस्थित रहे।

किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस का हल्ला बोल

कटनी में कृषक समुदाय की गंभीर समस्याओं और गेहूं खरीदी में फैली अव्यवस्थाओं के मुद्दे पर जिला कांग्रेस कमेटी ने एक प्रभावशाली धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। इस अवसर पर कई कांग्रेस कार्यकर्ता और किसान एकत्रित हुए और सरकारी नीतियों के खिलाफ तीव्र नारेबाजी की।

प्रदर्शन
करने वाले लोगों का कहना था कि गेहूं खरीदने की प्रक्रिया में बहुत सारी समस्याएं हैं, जिससे उन्हें कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। धरना-प्रदर्शन के बाद, कांग्रेस के नेताओं ने कलेक्टर को एक ज्ञापन देते हुए मांग की कि उपार्जन व्यवस्था को तुरंत सुधारें, समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी दें और किसानों को वित्तीय सहायता दें।

जिला
कांग्रेस कमेटी के शहरी अध्यक्ष एडवोकेट अमित शुक्ला ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि किसान लगातार मुसीबत में हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं के प्रति उदासीन है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

इसी
दौरान, जिला कांग्रेस कमेटी के ग्रामीण अध्‍यक्ष सौरभ सिंह ने कहा कि यदि किसान की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो कांग्रेस को उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

इस
प्रदर्शन में प्रियदर्शन गौर, महिला अध्यक्ष रजनी वर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष राजेश जाटव सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता और किसान उपस्थित थे।

कांग्रेस
ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का हल तुरन्त नहीं निकला, तो आंदोलन और अधिक तीव्र किया जाएगा।

घर के बाहर गांजा बेच रही महिला गिरफ्तार

कटनी। नशामुक्ति अभियान के तहत कटनी पुलिस निरंतर अवैध नशीले पदार्थों के विक्रेताओं पर कार्यवाई कर रही है। इसी प्रयास में बड़वारा पुलिस ने एक सूचना के आधार पर ग्राम मझगवाँ में छापे मारकर एक महिला को अवैध गांजे के साथ पकड़ लिया है। आरोपी महिला अपने निवास के समक्ष गैर कानूनी तरीके से नशीले पदार्थों का व्यापार कर रही थी।
सूत्रों से प्राप्त
जानकारी के अनुसार, बड़वारा थाना पुलिस को विश्वसनीय स्त्रोतों से यह सूचना मिली थी कि ग्राम मझगवाँ में एक महिला अवैध गांजे की खेप के साथ उपस्थित है और उसे बेचने के प्रयास में है। सूचना की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए थाना प्रभारी के निर्देशों के तहत एक विशेष टीम का गठन किया गया और तत्काल ग्राम मझगवाँ की ओर भेजा गया।
जब
पुलिस टीम ने ग्राम मझगवाँ में सूचित स्थान पर छापा मारा, तो वहां 42 वर्षीय महिला पुलिस को देखकर घबरा गई। महिला की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए उसकी तलाशी ली गई, जिसमें उसके पास से 497 ग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद हुआ। जब्त किए गए गांजे की अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 6,000 रुपये आंकी जा रही है। पुलिस ने मौके पर आरोपी महिला को गिरफ्तार करते हुए जब्ती की कार्रवाई की। बड़वारा पुलिस ने आरोपी महिला के विरुद्ध NDPS एक्ट की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि महिला यह गांजा कहाँ से प्राप्त करती थी और इस अवैध व्यवसाय में उसके साथ और कौन लोग शामिल हैं।

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