katni news कलेक्टर आशीष तिवारी का सख्त अल्टीमेटम – कोताही पर कड़ी कार्रवाई तय

कटनी जिले में स्वास्थ्य एवं महिला-बाल विकास योजनाओं की समीक्षा के दौरान आशीष तिवारी ने दो टूक कहा कि मैदानी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में जरा भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि अब हर योजना की सख्त मॉनिटरिंग होगी और लापरवाही करने वालों की जवाबदेही तय कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने गर्भवती माताओं के संस्थागत प्रसव, नियमित जांच, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी डाटा, एएनसी पंजीयन, आयुष्मान कार्ड और टीकाकरण को मिशन मोड में लेने के निर्देश दिए।
टीकाकरण में राज्य स्तर पर जिले को चौथा स्थान मिलने पर टीम को बधाई भी दी।
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा में कुपोषण पर कड़ा रुख अपनाते हुए आंगनवाड़ी केंद्रों की उपस्थिति, पोषण ट्रैकर, टेक होम राशन, शाला पूर्व शिक्षा और पोषण पुनर्वास केंद्रों में शत-प्रतिशत बेड ऑक्यूपेंसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
कुपोषित बच्चों के गलत चिन्हांकन पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के विरुद्ध कार्रवाई के भी स्पष्ट संकेत दिए गए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ, सीएमएचओ, सिविल सर्जन, जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

 Katni News धान खरीदी केंद्र में बंदरों का आतंक

धान खरीदी केंद्र में बंदरों का कब्जा, भगाने पर काटने की धमकी, टावर के लिए खोदी गई खाइयों से हो रहे हादसे कटनी जिले के ढीमरखेड़ा तहसील के उमरिया पान वन क्षेत्र में बनते हैं। यहां बंदरों की समस्या से स्थानीय लोग काफी परेशान हैं। वर्तमान में, प्रशासन के धान खरीद केंद्र में किसानों की फसल की खरीद में भी ये बाधा बन गए हैं। बंदरों का डर इस हद तक है कि जब कोई उन्हें भगाने का प्रयास करता है, तो वे हमला कर देते हैं और बहुत ही आक्रामक हो जाते हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों में डर का माहौल है, जो उन्हें नुकसान पहुंचाते हुए देखते रहते हैं। क्षेत्र के बुजुर्ग बताते हैं कि यह बंदरों का आतंक कोई नई बात नहीं है। लगभग एक सदी से ज्यादा समय से ये बंदर उमरिया पान क्षेत्र में उपस्थित हैं। ये न केवल स्थानीय निवासियों को परेशान कर रहे हैं बल्कि व्यापारियों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। कई बार राहगीरों पर भी बंदरों ने हमला किया है। लेकिन अब तक इस स्थिति का समाधान नहीं हो पाया है।
यह भी याद रखें कि विधानसभा चुनाव में इन बंदरों की समस्या के चलते बड़वारा विधानसभा के एक गांव के लोगों ने मतदान का बहिष्कार करने का निर्णय लिया था। क्योंकि लगातार शिकायतें करने के बावजूद प्रशासन ने बंदरों के आतंक को समाप्त करने के लिए कोई कदम नहीं उठाए थे।
बीएसएनएल विभाग की लापरवाही कहीं न पड़ जाए मुश्किल
ढीमरखेड़ा पंचायत कार्यालय और ग्राम पंचायत भवन के बीच में बीएसएनएल विभाग द्वारा टावर लगाने के लिए खाइयां खोदी गई हैं। लगभग एक महीने पहले इन गड्ढों को खुदवाने के बाद इन्हें खुला छोड़ दिया गया, जहां सुरक्षा उपायों की व्यवस्था नहीं की गई है। मुख्यालय में स्थित दो आधार केंद्रों पर भी बच्चों का आना-जाना होता है और इन खोदी गई खाइयों के कारण दुर्घटनाएं होने का डर बना हुआ है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि सुबह एक गाय गड्ढे में गिर गई थी और दोपहर में एक कुत्ता भी गड्ढे में गिर गया। कुत्ते के मुंह में एक डिब्बा फंसा हुआ था, जिसे ग्रामीणों ने बड़ी मेहनत के बाद बाहर निकाला। ग्राम पंचायत देवरी बिछिया के सरपंच पति राहुल दुबे ने कहा कि बीएसएनएल विभाग ने पंचायत की अनुमति के बिना गड्ढे खोदे हैं और खुले छोड़ दिए हैं, जिससे प्रतिदिन घटनाएं घटित हो रही हैं। जनपद अध्यक्ष पति संतोष दुबे ने मुख्यालय की स्थिति के संबंध में एसडीएम से शिकायत करते हुए सुधार के लिए आश्वासन दिया।

kaimur news today कैमोर भाजपा नेता हत्याकांड

भारतीय जनता पार्टी के नेता नीलेश उर्फ नीलू रजक की हत्या के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए मुख्य आरोपी अकरम खान के निवास पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी है। शुक्रवार की सुबह लगभग 11 बजे नगर परिषद, जिला प्रशासन और भारी मात्रा में पुलिस बल अमरैयापार में आरोपी के घर पहुंचा और गैर कानूनी निर्माण को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू की।
इस कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए कैमोर और विजयराघवगढ़ क्षेत्र को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है। थाना प्रभारी आशीष शर्मा खुद मौके पर उपस्थित रहकर सुरक्षा व्यवस्थाओं को नियंत्रित कर रहे हैं। आरोपी के पक्ष ने इस कार्रवाई को रोकने के लिए उच्च न्यायालय का सहारा लिया था, लेकिन वहां से राहत नहीं मिलने के बाद प्रशासन ने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बुलडोजर कार्रवाई प्रारंभ की। 28 अक्टूबर को भाजपा नेता नीलेश रजक का उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वे अपनी बेटी को स्कूल से लेने जा रहे थे। इस हत्याकांड में अकरम खान और उसके साथी प्रिंस जोसफ आरोपी बने हैं। घटना के बाद पूरे जिले में भारी जन आक्रोश देखा गया और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई गई थी।हालांकि प्रशासन के इस कदम ने कई सवाल पैदा कर दिए हैं। इस जिले में इस साल अब तक 20 से ज्यादा हत्या की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें चौपाटी इलाके में एक ही घटना में तीन लोगों की हत्या जैसी गंभीर वारदातें भी शामिल हैं। लेकिन इन मामलों में से किसी भी आरोपी के खिलाफ बुलडोजर जैसी कठोर कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में भाजपा नेता की हत्या के बाद की गई इस त्वरित कार्रवाई पर प्रशासन पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लग रहा है।
स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यदि अवैध निर्माण के खिलाफ कदम उठाने की आवश्यकता है, तो इसे सभी मामलों में समान रूप से लागू किया जाना चाहिए, न कि किसी विशेष मामले में पहचान या दबाव के आधार पर।

 katni news कटनी बाईपास हाईवे पर रोज़ हो रहे हादसे

घटिया निर्माण और तकनीकी खामियों ने बढ़ाया खतरा, कटनी बाईपास हाईवे पर रोज़ हो रहे हादसे मध्य प्रदेश जिला कटनी
दुर्व्यवस्थित गुणवत्ता और बड़े तकनीकी दोषों के कारण हाल ही में बना कटनी बाईपास हाईवे संख्या 30 अब दुर्घटनाओं का प्रमुख स्थान बनता जा रहा है। कटनी से मैहर की ओर बढ़ने वाले इस मार्ग पर कई स्थानों पर गड्डे, ऊँचे-नीचे झटके और क्षतिग्रस्त सड़कें यात्रियों के लिए खतरा साबित हो रही हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि निर्माण कार्य पूरा हुए ज्यादा समय नहीं बीता है, लेकिन सड़क की वर्तमान स्थिति ने गुणवत्ता मानकों पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
पिछली रात इसका एक ताजा उदाहरण सामने आया, जब मटर से भरी एक पिकअप गाड़ी चाका बाईपास पुल पर स्थित खतरनाक झटके से गुजरते समय गंभीरता से क्षतिग्रस्त हो गई। अचानक आने वाले तेज उछाल ने वाहन की चेसिस को तोड़ दिया, जिससे पिकअप सड़क पर ही फंस गई और काफी समय तक हाईवे पर यातायात ठप रहा। राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी की जान नहीं गई, लेकिन बड़ा हादसा टल गया। इसी प्रकार झुकेही क्षेत्र के मोहननगर चौराहे पर निर्माण के समय हुई तकनीकी गलती अब दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। गलत डिज़ाइन और संकेतों के अभाव के कारण गलत दिशा में आ रहे वाहन अचानक सामने आ जाते हैं। हाल ही में ऐसी ही परिस्थिति में शाहनगर की ओर जा रहे एक वाहन के अचानक सामने आने से शराब से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। इस घटना में लाखों रुपये की सरकारी शराब नष्ट हो गई, जबकि कुछ मात्रा की चोरी होने की संभावना भी बताई जा रही है।स्थानीय निवासी और ड्राइवर यह बताते हैं कि इस हाईवे पर अधिकतम टोल शुल्क लेने के बावजूद यह बुनियादी सुरक्षा मानकों को नहीं अपनाता है। राष्ट्रीय हाईवे विभाग की लापरवाही और अनदेखी के कारण हर रोज कोई न कोई गंभीर दुर्घटना होती है। मरम्मत को समय पर नहीं किया जा रहा और न ही तकनीकी कमियों को ठीक करने के लिए ठोस उपाय किए जा रहे हैं। लोग प्रशासन और राष्ट्रीय हाईवे प्राधिकरण से अनुरोध कर रहे हैं कि सड़क की तत्काल मरम्मत की जाए, खतरनाक जंप हटाए जाएं, सही डायवर्जन और संकेतक लगाए जाएं, साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता की उच्च स्तर पर जांच की जाए। अन्यथा, आने वाले दिनों में यह हाईवे और भी बड़े हादसों का कारण बन सकता है।

jabalpur news ग्वारीघाट, मदनमहल, लार्डगंज गोहलपुर, गढा क्षेत्र से  वाहन चुराने वाले दो नाबालिक सहित चार शातिर चोर गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में ग्वारीघाट थाने की पुलिस ने दो युवा सहित चार पेशेवर वाहन चोरों को धरदबोचा है। पुलिस ने पकड़े गए चोरों से चोरी किए गए वाहनों को बरामद किया है। अधिकारियों ने आरोपियों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी कर ली है।
जबलपुर के पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने जिले में तैनात सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को लूट, झपटमारी, चोरी और वाहन चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए निर्देश दिया है। उन्होंने ऐसे अपराधियों से जो हाल में जेल से रिहा हुए हैं और संपत्ति संबंधित पूर्व में पकड़े गए अपराधियों से गहन पूछताछ करने और उनकी आजीविका की जांच करने का आदेश दिया। इसके अलावा, उन्होंने हुई चोरी और झपटमारी की घटनाओं में आरोपियों की पहचान कर चोरी गए सामान को वापस लाने का भी निर्देश दिया है।
इस आदेश के अनुपालन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पल्लवी शुक्ला, नगर पुलिस अधीक्षक गोरखपुर एम. डी. नागोतिया, और ग्वारीघाट के थाना प्रभारी सुभाष चंद बघेल की निगरानी में वाहन चोरों को पकड़ा गया तथा चुराए गए पांच दोपहिया वाहनों को जो चार लाख पचास हजार रुपये के मूल्य के हैं, बरामद किया गया है।
ग्वारीघाट थाने के उप निरीक्षक नीलेश पोर्ते ने जानकारी दी कि उन्हें एक मुखबिर से सूचना मिली कि चार व्यक्ति भटौली कुण्ड के पास मौजूद हैं जिनके पास एक मोटर साइकिल और एक स्कूटी है। ये सभी चारों लोग दोनों वाहनों को बेचने के लिए ग्राहक की तलाश में थे। सूचना पर जब पुलिस भटौली कुण्ड पहुंची, तो चारों ने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की लेकिन उन्हें कॉल पर उपस्थित स्टाफ की मदद से गिरफ्तार कर लिया गया। जब इन चारों लड़कों से भागने का कारण पूछा गया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। फिर नाम और पता पूछने पर उन्होंने अपना नाम अमन पटैल उर्फ बाटली बताया, जो कि 19 वर्ष का है और बनारसी सुनार के पास कालीमठ मंदिर के इलाक़े का निवासी है। अन्य तीन व्यक्ति विधि विवादित बच्चों के रूप में सामने आए। मोटर साइकिल और स्कूटी के दस्तावेज मांगने पर उन्होंने किसी भी प्रकार का दस्तावेज नहीं होने की बात कही।जब उन्हें थाने लाकर गहन पूछताछ की गई तो दोनों ने वाहन चोरी का सच स्वीकार किया। चारों आरोपी ने बताया कि उन्होंने अपने एक अन्य साथी सृजल राय, जो ग्रीनसिटी माढोताल का निवासी है, के साथ मिलकर थाना ग्वारीघाट, लार्डगंज, गढा, मदनमहल और गोहलपुर क्षेत्र से कुल पांच वाहनों की चोरी की। उन्होंने खुलासा किया कि वे सब एक साथ जाकर निगरानी करते थे और सुनसान स्थान पर खड़ी गाड़ियों का ताला तोड़कर उन्हें चुराते थे।
चारों आरोपियों से एक-एक मोटरसाइकिल जब्त की गई है। फरार आरोपी सृजल राय के घर पर छापा मारने पर वह वहां उपस्थित नहीं मिला। सृजल राय के घर से एक मोटरसाइकिल जब्त की गई, जिसे ग्वारीघाट थाना क्षेत्र से चोरी किया गया था और इसकी रिपोर्ट वहां दर्ज की गई है।
ग्वारीघाट थाने में धारा 35(1)(ई) बीएनएसएस/303(2) बीएनएस का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू की गई। जब पूरी जानकारी इकट्ठा की गई तो पाया गया कि अन्य जब्त किए गए वाहनों के संबंध में गढा, लार्डगंज, गोहलपुर और मदनमहल थानों में भी अपराध दर्ज हुए हैं। इनमें से सभी आरोपियों को विधिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है।
विशेष भूमिका:
थाना प्रभारी ग्वारीघाट सुभाष चंद बघेल, उप निरीक्षक नीलेश पोर्ते, प्रधान आरक्षक उमेश शुक्ला, संतोष राय, आरक्षक छत्रपाल निषाद, सुनील कौरव, विक्रम, और मनोज झारिया ने इन शातिर गाड़ी चोरों को पकड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।जब उन्हें थाने लाकर गहन पूछताछ की गई तो दोनों ने वाहन चोरी का सच स्वीकार किया। चारों आरोपी ने बताया कि उन्होंने अपने एक अन्य साथी सृजल राय, जो ग्रीनसिटी माढोताल का निवासी है, के साथ मिलकर थाना ग्वारीघाट, लार्डगंज, गढा, मदनमहल और गोहलपुर क्षेत्र से कुल पांच वाहनों की चोरी की। उन्होंने खुलासा किया कि वे सब एक साथ जाकर निगरानी करते थे और सुनसान स्थान पर खड़ी गाड़ियों का ताला तोड़कर उन्हें चुराते थे।
चारों आरोपियों से एक-एक मोटरसाइकिल जब्त की गई है। फरार आरोपी सृजल राय के घर पर छापा मारने पर वह वहां उपस्थित नहीं मिला। सृजल राय के घर से एक मोटरसाइकिल जब्त की गई, जिसे ग्वारीघाट थाना क्षेत्र से चोरी किया गया था और इसकी रिपोर्ट वहां दर्ज की गई है।
ग्वारीघाट थाने में धारा 35(1)(ई) बीएनएसएस/303(2) बीएनएस का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू की गई। जब पूरी जानकारी इकट्ठा की गई तो पाया गया कि अन्य जब्त किए गए वाहनों के संबंध में गढा, लार्डगंज, गोहलपुर और मदनमहल थानों में भी अपराध दर्ज हुए हैं। इनमें से सभी आरोपियों को विधिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है।
विशेष भूमिका:
थाना प्रभारी ग्वारीघाट सुभाष चंद बघेल, उप निरीक्षक नीलेश पोर्ते, प्रधान आरक्षक उमेश शुक्ला, संतोष राय, आरक्षक छत्रपाल निषाद, सुनील कौरव, विक्रम, और मनोज झारिया ने इन शातिर गाड़ी चोरों को पकड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

 jabalpur news today मोबाइल दुकान में लगी भीषण आग,  लाखों का सामान जलकर हुआ खाक

जबलपुर के मालवीय चौक के एक मोबाइल स्टोर में बुधवार रात लगभग 1:00 बजे अचानक शॉट सर्किट के कारण आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि दुकान का सारा सामान जलकर राख हो गया। घटना की सूचना मिलने पर दमकल की 4 गाड़ियाँ वहाँ पहुंचीं और कड़ी मेहनत के बाद आग को लगभग 1 घंटे में नियंत्रित कर लिया। आग लगने की इस घटना के कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर हो रहे हैं, जिनमें स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है कि दमकल की गाड़ियाँ लगातार आ रही हैं और बड़ी आग को बुझाने में सफल हो रही हैं।

katni news उमरिया पान पुलिस के हत्थे चढ़े शातिर चोर

कटनी। उमरियापान थाना क्षेत्र में सामुदायिक मंगल भवन मंगेला से सरकारी खाद और गेहूं की चोरी करने के साथ-साथ हाल ही में सरकारी अस्पताल उमरियापान के प्रांगण से एक स्कूटी चुराने वाले अपराधियों को उमरियापान पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
उमरियापान थाने के प्रभारी दिनेश तिवारी ने जानकारी दी कि संतोष कुमार श्रीवास, जो रतिराम श्रीवास के पुत्र हैं और सिलौडी, थाना ढीमरखेडा, जिला कटनी के निवासी हैं, ने पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 25 नवंबर की सुबह 11 बजे वह सरकारी अस्पताल उमरियापान में इलाज के लिए अपनी स्कूटी क्रं. MP20SK2747 लेकर गए थे। इसी दौरान किसी अज्ञात चोर ने अस्पताल के परिसर से उनकी स्कूटी चुरा ली। उमरियापान पुलिस ने इस घटना के बाद धारा 303(2) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज किया। इसी तरह, अतुल गर्ग, जो सीताराम गर्ग के पुत्र हैं और 38 वर्ष के हैं, ने शिकायत दी कि सामुदायिक भवन मंगेला में रखी सरकारी खाद की 31 बोरी और गेहूं की 20 बोरी 4 दिसंबर से 18 दिसंबर के बीच चोरी हो गई।
कटनी के पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस स्लीमनाबाद आकांक्षा चतुर्वेदी के सहयोग से, उमरियापान पुलिस ने चोरी गए सामान की बरामदगी और आरोपियों की पहचान के लिए एक टीम बनाई। संदेह के आधार पर गोपी उर्फ शनि, जो राजेश कोल का पुत्र है और 19 वर्ष का है, तथा अजय, जो गोटीलाल कोल का पुत्र है और उसी उम्र का है, को मंगेला देवरी, थाना उमरियापान, जिला कटनी से पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान उन्होंने सरकारी अस्पताल से स्कूटी और सामुदायिक भवन मंगेला से चोरी की गई खाद की 31 बोरी और गेहूं की 20 बोरी चुराने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपियों से लगभग 1 लाख 43 हजार 700 रुपये का सामान बरामद किया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उप-निरीक्षक दिनेश तिवारी, उप-निरीक्षक भरत सिंह मार्को, सउनि कोदूलाल दाहिया, एएसआई गया प्रसाद मंगोरे, प्र.आर. जितेंद्र सिंह, प्र.आर. अजय तिवारी, प्र.आर. आशीष झारिया, प्र.आर. अजय सिंह, प्र.आर. योगेंद्र सिंह, आर. योगेश पटेल, आर. नीलेश पटेल, आर. रोहित झारिया, आर. मोहन मुबेल, आर. जगन्नाथ सिंह, आर. अनिल पांडेय, आर. मनोज कुम्हरे, आर. सतेन्द्र चौरसिया और महिला आरक्षक दुर्गा शुक्ला, सैनिक संतोष दुबे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

dhimarkheda news ढीमरखेड़ा में नर चीतल शिकार प्रकरण में ऐतिहासिक फैसला

वन परिक्षेत्र dhimarkheda news ढीमरखेड़ा के अंतर्गत बीट खिरवापोड़ी में वर्ष 2017 में नर चीतल के अवैध शिकार के प्रख्यात मामले में माननीय न्यायालय ढीमरखेड़ा ने एक महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसला दिया है। यह निर्णय केवल इस मामले के अभियुक्तों के लिए सजा का कारण नहीं बना बल्कि वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक स्पष्ट संदेश भी पहुँचाता है कि प्रकृति और वन्यप्राणियों के खिलाफ अपराध करने वालों को कानून के तहत कोई छूट नहीं दी जाएगी।
मामले के अनुसार 29 जनवरी 2017 को वन परिक्षेत्र ढीमरखेड़ा की बीट खिरवापोड़ी में नर चीतल के शिकार की सूचना वन विभाग को मिली थी। इस सूचना के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए वन विभाग ने अपराध क्रमांक 3057/04 के तहत मामला दायर किया। मौके पर उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और तकनीकी तथ्यों के आधार पर गहन जांच की गई, जिसमें शिकार की पुष्टि हुई और आरोपियों की संलिप्तता पाई गई।
जांच पूरी होने के बाद वन विभाग ने सभी साक्ष्यों के साथ मामला माननीय न्यायालय ढीमरखेड़ा में रखा। इसके पश्चात मामले की औपचारिक सुनवाई आरंभ हुई, जो विभिन्न चरणों से होकर लगभग आठ वर्षों तक चली। इस दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य प्रस्तुत किए और बचाव पक्ष को भी अपना पक्ष रखने का मौका मिला।
आखिरकार, 22 दिसंबर 2025 को माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ढीमरखेड़ा, पूर्वी तिवारी ने निर्णय सुनाया। न्यायालय ने सभी चारों अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए कठोर सजाओं का ऐलान किया। न्यायालय के आदेशानुसार गुलजारी पिता जगन्नाथ यादव, खिरवापोड़ी के निवासी को तीन वर्ष की कठोर सजा और 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। इसी प्रकार दीपक पिता गुलजारी यादव, खिरवापोड़ी के निवासी को तीन वर्ष की जेल और 10 हजार रुपये का जुर्माना, सोनू पिता कोदूलाल भुमिया, खिरवापोड़ी के निवासी को तीन वर्ष की जेल और 10 हजार रुपये का जुर्माना तथा प्रमोद पिता बेड़ीलाल भुमिया को भी तीन वर्ष का कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा दी गई।न्यायालय ने अपने निर्णय में यह स्पष्ट किया कि वन्यप्राणियों का अवैध शिकार न केवल वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम का गंभीर उल्लंघन है, बल्कि यह पर्यावरणीय संतुलन, जैव विविधता और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए भी घातक है। इस प्रकार के अपराधों पर कठोर दंड दिया जाना समाज में कानून के प्रति विश्वास को मजबूत करता है और संभावित अपराधियों के लिए एक सख्त चेतावनी का कार्य करता है।

इस प्रकरण में वन विभाग की ओर से अभियोजन की जिम्मेदारी एड.सुश्री मंजुला श्रीवास्तव द्वारा निभाई गई। उनकी प्रभावी पैरवी, सशक्त तर्क और साक्ष्यों की सुसंगत प्रस्तुति के चलते न्यायालय आरोप सिद्ध करने में सफल रहा। रेंजर अजय मिश्रा ने इस निर्णय को विभागीय प्रयासों की बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि यह फैसला भविष्य में अवैध शिकार की घटनाओं पर अंकुश लगाने में सहायक सिद्ध होगा।

स्थानीय स्तर पर इस निर्णय को लेकर संतोष और सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। जानकारों का मानना है कि इस प्रकार के सख्त फैसले से न केवल वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि आम नागरिकों में भी वन संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

कुल मिलाकर यह फैसला खिरवापोड़ी क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पूरे जिले और प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण के प्रति न्यायपालिका के सख्त दृष्टिकोण को दर्शाता है और यह संदेश देता है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।

jabalpur news today जबलपुर में शासकीय कार्य में हस्तक्षेप कर, शासकीय सम्पति को नुकसान, सरपंच के बेटों पर मामला दर्ज

जबलपुर jabalpur news today के बरेला थाने में घनश्याम कुशवाहा, जो 60 वर्षीय हैं और ग्राम कुड़ारी बरेला के निवासी हैं, ने एक रिपोर्ट दी है कि वह ग्राम पंचायत हिनोतिया भोई में सचिव के रूप में कार्यरत हैं। अपने कार्य के सिलसिले में, उन्होंने श्रीमती राजबाला गोहिया, जो कृषि विस्तार अधिकारी हैं, के साथ मिलकर आवास सर्वे का काम सहायक के तौर पर किया। करीब शाम 5 बजे, जब वह घर लौट रहे थे, तब ग्राम हिनोतिया भोई की सरपंच श्रीमती मीना परस्ते का बेटा मनोज परस्ते ने उन्हें मोबाइल पर फोन कर गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। कुछ समय बाद, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और बीएलओ पवित्रा मरावी ने सूचित किया कि सरपंच के बेटे मनीष परस्ते ने पंचायत कार्यालय हिनोतिया भोई का ताला चौकीदार अमित झारिया से खुलवाकर वहाँ मौजूद कंप्यूटर, प्रिंटर और सभी रिकॉर्ड को नष्ट कर दिया। जब चौकीदार अमित झारिया से पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि मनीष परस्ते ने शराब पीकर उनके साथ गाली-गलौज करते हुए ताला खुलवाने की कोशिश की। इससे पहले भी, सरपंच श्रीमती परस्ते के अनुपलब्ध रहने पर उनके बेटे सरपंच का कार्यभार संभालते रहे हैं। बीएलओ पवित्रा मरावी को भी इन दोनों द्वारा गालियां देकर धमकी दी गई है कि वे आंगनबाड़ी सामुदायिक भवन में उन्हें नहीं लगाने देंगे। मनोज परस्ते और मनीष परस्ते शासन की योजनाओं को ठीक से लागू करने में बाधा डालते हैं और उनके हर काम में दखलंदाजी करते हैं।
बरेला थाने की पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धारा 132, 324(4), 296(बी), 351(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस का कहना है कि धमकी देने वाले दोनों अभियुक्त अभी तक फरार हैं और उनकी तलाश में पुलिस की टीम काम कर रही है।

katni news कृषि उघमी प्रशिक्षण की परीक्षा संपन्न

कटनी। मध्य प्रदेश सरकार के ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से महिलाओं को आत्मनिर्भरता, स्वावलंबन और स्वरोजगार स्थापित करने के लिए जिले के विभिन्न जनपद पंचायतों की 35 महिलाओं को, जो गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रही हैं, कृषिउद्यमी के 13 दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षक पवन कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में हुआ, जबकि प्रशिक्षण समन्वयक सुनील रजक और अनुपम पांडे ने सहयोग प्रदान किया। प्रशिक्षण के पूरा होने के बाद, ओम प्रकाश चतुर्वेदी ने परीक्षा नियंत्रक के रूप में कार्य किया और प्रमाणीकरण के लिए रुडसेटी, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार, भोपाल के दिशा-निर्देश में कृषि उद्यमी की परीक्षा सम्पन्न करवाई। परीक्षा का संचालन रामसुख दुबे, कटनी और संबंधित बैंक के परीक्षक प्रदीप नामदेव, दमोह द्वारा किया गया, जिसमें लिखित और मौखिक दोनों प्रकार की परीक्षाएं शामिल थीं।
स्वरोजगार की स्थापना के लिए कृषि उद्यमी के अंतर्गत जलवायु से संबंधित विषय, भूमि की विभिन्न प्रकार, पोषक तत्व, मिट्टी परीक्षण, जैविक खाद और कीटनाशक, जैविक खेती, कीट और रोग नियंत्रण, खाद्यान्न, दलहन, तिलहन तथा सब्जी फसलों का संचालन, सिंचाई में स्प्रिंकलर, टपक सिंचाई, शुष्क भूमि कृषि तकनीक, लघु और सीमांत कृषकों के लिए एकीकृत कृषि प्रणाली, औषधीय और सुगंधित पौधों का पोषण, पशुपालन तथा पादप प्रसार तकनीक को शामिल किया गया। इसमें ग्राफ्टिंग, बडिंग, लेयरिंग, नर्सरी प्रबंधन और कृषि से जुड़ी अन्य तकनीकी विषयों पर भी विमर्श किया गया।
जैविक खेती की आवश्यकता के साथ ही भूमि, मानव और पर्यावरण पर रासायनिक खादों के हानिकारक प्रभावों पर चर्चा की गई, और जैविक खेती के लाभों के साथ-साथ गोमूत्र, नीम पत्ती, पांच पत्ती काढ़ा, नीमच, ब्रह्मास्त्र और आग्नेयास्त्र जैसे जैविक कीटनाशकों के निर्माण और उनकी फसलों में उपयोग की जानकारी प्रदान की गई। मूल्यांकन की प्रक्रिया का संचालन रामसुख दुबे ने किया, जबकि बैंकिंग से संबंधित मूल्यांकन प्रदीप नामदेव, दमोह द्वारा किया गया। परीक्षाओं के सफल संपन्न कराने में राजेश विश्वकर्मा, ओमप्रकाश तिवारी और अरुण रजक ने अनिवार्य सहयोग किया।

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