jabalpur news today मोबाइल दुकान में लगी भीषण आग,  लाखों का सामान जलकर हुआ खाक

जबलपुर के मालवीय चौक के एक मोबाइल स्टोर में बुधवार रात लगभग 1:00 बजे अचानक शॉट सर्किट के कारण आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि दुकान का सारा सामान जलकर राख हो गया। घटना की सूचना मिलने पर दमकल की 4 गाड़ियाँ वहाँ पहुंचीं और कड़ी मेहनत के बाद आग को लगभग 1 घंटे में नियंत्रित कर लिया। आग लगने की इस घटना के कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर हो रहे हैं, जिनमें स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है कि दमकल की गाड़ियाँ लगातार आ रही हैं और बड़ी आग को बुझाने में सफल हो रही हैं।

Raipur newsरायपुर में शराब के विवाद में डेरी कर्मचारी की बेरहमी से हत्या, आरोपी गिरफ्तार

Raipur news के खम्हारडीह थाना क्षेत्र के कचना में एक दूध डेरी में दो मजदूरों के बीच शराब के कारण हुए झगड़े ने गंभीर संघर्ष का रू प ले लिया। आरोपी सन्नी साहू ने अपने साथी दुर्गेश धृतलहरे पर लोहे की रॉड और चाकू से प्रहार करते हुए उसकी हत्या कर दी। संपूर्ण घटनाक्रम डेरी में स्थापित CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुआ। पुलिस के अनुसार, 23-24 दिसंबर की रात डेरी के मालिक ने सूचना दी कि दोनों कर्मचारी गायब हैं और एक कमरे में खून बिखरा हुआ है। CCTV फुटेज में ये साफ दिखता है कि दोनों के बीच झगड़ा हो रहा था। दुर्गेश ने बेहोश होकर गिरने के बाद, सन्नी साहू ने उसे एक ई-रिक्शा में डालकर डेरी से बाहर निकाला। रास्ते में ई-रिक्शा खराब होने पर उसने एम्बुलेंस बुलवाने का प्रयास किया, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर दुर्गेश को मृतक घोषित कर दिया गया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि इस विवाद की उत्पत्ति पुरानी झगड़ों से हुई थी। दोनों शाम को डेरी के ई-रिक्शा से शराब की दुकान गए थे और ट्रैफिक जाम को लेकर बहस हुई। इसी बाचित के बाद रात में डेरी में फिर से विवाद बढ़ गया, जिसके चलते गुस्से में सन्नी साहू ने जानलेवा हमला किया।
आरोपी सन्नी साहू खम्हारडीह का निवासी है और डेरी में दूध वितरण का कार्य करता था। मृतक दुर्गेश धृतलहरे परसवानी, खरोरा का निवासी था और डेरी में ट्रैक्टर चलाने का कार्य करता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। मामले की गहन जांच जारी है।

maihar news फर्जी दस्तावेजों के सहारे मैहर में रह रहा बांग्लादेशी संदिग्ध

मैहर जिले के मुकुंदपुर तहसील क्षेत्र में एक बांग्लादेशी संदिग्ध के तौर पर एक स्थानीय व्यक्ति के रूप में रहने का मामला उजागर हुआ है। जांच में पता चला कि यह व्यक्ति न केवल मैहर का निवासी बना बल्कि नकली दस्तावेजों के माध्यम से मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, समग्र आईडी और बीपीएल योजना जैसे सरकारी लाभ भी प्राप्त कर रहा था। इस मामले ने प्रशासन और प्रणाली की सुरक्षा पर गंभीर चिंताओं को जन्म दिया है।
जानकारी के अनुसार, यह मुस्लिम व्यक्ति पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश से आया था और मदरसे में शिक्षा ग्रहण करने के बहाने मुकुंदपुर क्षेत्र में स्थित था। जांच में यह पाया गया कि उसने उचित एनओसी और कानूनी सत्यापन के बिना खुद को स्थानीय निवासी दर्शाते हुए कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बनवा लिए हैं। जबकि वह भारतीय नागरिक भी नहीं है।
प्रशासन को जानकारी मिलने के बाद, अमरपाटन के जनपद पंचायत के सीईओ ने उसकी समग्र आईडी को रद्द कर दिया है और मामले की रिपोर्ट भोपाल मुख्यालय को भेज दी गई है। इसके साथ ही, उसकी गरीबी रेखा के लाभार्थी होने की जानकारी तहसीलदार को प्रदान की गई है।
संदिग्ध एक दरगाह में शिक्षक के रूप में रह रहा था
सूत्रों से पता चला है कि कौसल आलम नाम का यह व्यक्ति पिछले पांच से छह वर्षों से मुकुंदपुर की एक दरगाह में किराए पर निवास कर रहा था और वहीं शिक्षक के रूप में काम कर रहा था। इसके अलावा, वह आस-पास के क्षेत्रों में झाड़-फूंक जैसे कार्य भी करता था। जांच के दौरान यह जानकारी मिली कि उसके माता-पिता का भी अन्य देशों से संबंध है। इसके बावजूद, अभी तक उसके खिलाफ कोई ठोस विधिक कार्रवाई नहीं की गई है और वह वर्तमान में भी वहीं रह रहा है।
आधार में अभिभावक का नाम बदलकर बनायी गई स्थानीय पहचान
जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि इस व्यक्ति को मैहर का निवासी दिखाने के लिए उसके आधार कार्ड पर अभिभावक का नाम बदला गया। आधार में ‘केयर ऑफ’ के तहत मुकुंदपुर निवासी सुल्तान अली का नाम जोड़ा गया और उसके बाद निवास का पता बदलकर उसे स्थानीय नामित किया गया। इसी दस्तावेज़ के आधार पर वोटर आईडी, समग्र आईडी और बीपीएल कार्ड जैसे प्रमाण पत्र तैयार कर लिए गए।एसआईआर सर्वे में अनमैप्ड होने से खुली पोल
संदिग्ध का पता उस समय चला जब वह एसआईआर सर्वे में अनमैप्ड पाया गया और मतदाता सूची से बाहर हो गया। इसके बाद प्रशासन को सोशल मीडिया और अन्य स्रोतों से सूचनाएँ प्राप्त हुईं, जिसके परिणामस्वरूप जांच की गई और उसका विदेशी मूल स्पष्ट हुआ।
पुलिस और प्रशासन के बीच पत्राचार
इस मामले में पुलिस अधीक्षक मैहर ने कलेक्टर से जानकारी मांगी है, विशेष रूप से यह जानने के लिए कि उसके दस्तावेज़ किस तरह से तैयार किए गए। पासपोर्ट आवेदन से संबंधित एनओसी की भी जानकारी प्राप्त हुई है। हालांकि, पुलिस अधीक्षक से संपर्क करने का प्रयास किया गया, परंतु उनसे बात नहीं हो पाई।
अधिकारियों का पक्ष
एसआईआर सर्वे में अनमैप्ड होने के उपरांत ये तथ्य सामने आए। सभी आईडी को निरस्त कर दिया गया है और उसकी रिक्वेस्ट भोपाल भेज दी गई है। – वेदमणि मिश्रा, सीईओ जनपद पंचायत अमरपाटन
हमारे स्तर पर संदर्भित व्यक्ति का गरीबी राशन कार्ड नहीं बनाया गया था। सूचना प्राप्त होने के बाद उसे निरस्त कर दिया गया है। – आरडी साकेत, तहसीलदार, अमरपाटन

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