जबलपुर jabalpur news today के बरेला थाने में घनश्याम कुशवाहा, जो 60 वर्षीय हैं और ग्राम कुड़ारी बरेला के निवासी हैं, ने एक रिपोर्ट दी है कि वह ग्राम पंचायत हिनोतिया भोई में सचिव के रूप में कार्यरत हैं। अपने कार्य के सिलसिले में, उन्होंने श्रीमती राजबाला गोहिया, जो कृषि विस्तार अधिकारी हैं, के साथ मिलकर आवास सर्वे का काम सहायक के तौर पर किया। करीब शाम 5 बजे, जब वह घर लौट रहे थे, तब ग्राम हिनोतिया भोई की सरपंच श्रीमती मीना परस्ते का बेटा मनोज परस्ते ने उन्हें मोबाइल पर फोन कर गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। कुछ समय बाद, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और बीएलओ पवित्रा मरावी ने सूचित किया कि सरपंच के बेटे मनीष परस्ते ने पंचायत कार्यालय हिनोतिया भोई का ताला चौकीदार अमित झारिया से खुलवाकर वहाँ मौजूद कंप्यूटर, प्रिंटर और सभी रिकॉर्ड को नष्ट कर दिया। जब चौकीदार अमित झारिया से पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि मनीष परस्ते ने शराब पीकर उनके साथ गाली-गलौज करते हुए ताला खुलवाने की कोशिश की। इससे पहले भी, सरपंच श्रीमती परस्ते के अनुपलब्ध रहने पर उनके बेटे सरपंच का कार्यभार संभालते रहे हैं। बीएलओ पवित्रा मरावी को भी इन दोनों द्वारा गालियां देकर धमकी दी गई है कि वे आंगनबाड़ी सामुदायिक भवन में उन्हें नहीं लगाने देंगे। मनोज परस्ते और मनीष परस्ते शासन की योजनाओं को ठीक से लागू करने में बाधा डालते हैं और उनके हर काम में दखलंदाजी करते हैं।
बरेला थाने की पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धारा 132, 324(4), 296(बी), 351(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस का कहना है कि धमकी देने वाले दोनों अभियुक्त अभी तक फरार हैं और उनकी तलाश में पुलिस की टीम काम कर रही है।
