भारतीय जनता पार्टी के नेता नीलेश उर्फ नीलू रजक की हत्या के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए मुख्य आरोपी अकरम खान के निवास पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी है। शुक्रवार की सुबह लगभग 11 बजे नगर परिषद, जिला प्रशासन और भारी मात्रा में पुलिस बल अमरैयापार में आरोपी के घर पहुंचा और गैर कानूनी निर्माण को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू की।
इस कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए कैमोर और विजयराघवगढ़ क्षेत्र को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है। थाना प्रभारी आशीष शर्मा खुद मौके पर उपस्थित रहकर सुरक्षा व्यवस्थाओं को नियंत्रित कर रहे हैं। आरोपी के पक्ष ने इस कार्रवाई को रोकने के लिए उच्च न्यायालय का सहारा लिया था, लेकिन वहां से राहत नहीं मिलने के बाद प्रशासन ने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बुलडोजर कार्रवाई प्रारंभ की। 28 अक्टूबर को भाजपा नेता नीलेश रजक का उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वे अपनी बेटी को स्कूल से लेने जा रहे थे। इस हत्याकांड में अकरम खान और उसके साथी प्रिंस जोसफ आरोपी बने हैं। घटना के बाद पूरे जिले में भारी जन आक्रोश देखा गया और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई गई थी।हालांकि प्रशासन के इस कदम ने कई सवाल पैदा कर दिए हैं। इस जिले में इस साल अब तक 20 से ज्यादा हत्या की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें चौपाटी इलाके में एक ही घटना में तीन लोगों की हत्या जैसी गंभीर वारदातें भी शामिल हैं। लेकिन इन मामलों में से किसी भी आरोपी के खिलाफ बुलडोजर जैसी कठोर कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में भाजपा नेता की हत्या के बाद की गई इस त्वरित कार्रवाई पर प्रशासन पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लग रहा है।
स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यदि अवैध निर्माण के खिलाफ कदम उठाने की आवश्यकता है, तो इसे सभी मामलों में समान रूप से लागू किया जाना चाहिए, न कि किसी विशेष मामले में पहचान या दबाव के आधार पर।
